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भक्ति का बीज बचपन में ही रोपना जरूरी : यशोनंदन
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बराड़ा के पैलेस में श्रीमद् भागवत कथा सुनते श्रद्धालु। प्रवक्ता
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श्री गोविंद गोशाला समिति की ओर से हुआ श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
बराड़ा। श्री गोविंद गोशाला समिति की ओर से मुख्य बाजार स्थित पैलेस में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया। कथा के चौथे दिन कथावाचक बृज रसिक यशोनंदन महाराज ने प्रहलाद चरित्र और वामन अवतार की व्याख्या करते हुए जीवन में समर्पण और भक्ति के महत्व को रेखांकित किया। यशोनंदन ने कहा कि जिस प्रकार पौधे के लिए सही समय पर खाद-पानी जरूरी है, उसी प्रकार मनुष्य के जीवन में भक्ति का बीज बचपन से ही होना चाहिए।
प्रहलाद का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि पिता द्वारा दिए गए अनगिनत कष्टों के बावजूद उनकी निष्ठा ठाकुर जी के चरणों में अडिग रही, फलस्वरूप स्वयं भगवान को उनकी रक्षा के लिए आना पड़ा। इसके उपरांत राजा बलि के प्रसंग से सर्वस्व समर्पण का संदेश दिया गया। कथा के दौरान श्री राम जन्म और श्रीकृष्ण जन्म के प्रसंगों ने पांडाल को भक्तिमय कर दिया। नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की, के जयघोष से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा।
फूलों और गुब्बारों से सजे भव्य पांडाल में बाल स्वरूप रघुनंदन की कृष्ण के रूप में प्रस्तुति ने सबका मन मोह लिया। इस अवसर पर मुख्य यजमान प्रमोद जैन, प्रधान राजेश सिंगला, दैनिक यजमान अनुज गर्ग, कुलदीप गुप्ता, आकाश गुंबर, देवेंद्र बंसल, देवेन्द्र गर्ग, अशोक बंसल, विजय गुप्ता, रविन्द्र सिंह फौजी और हरीश कुमार सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बराड़ा। श्री गोविंद गोशाला समिति की ओर से मुख्य बाजार स्थित पैलेस में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया। कथा के चौथे दिन कथावाचक बृज रसिक यशोनंदन महाराज ने प्रहलाद चरित्र और वामन अवतार की व्याख्या करते हुए जीवन में समर्पण और भक्ति के महत्व को रेखांकित किया। यशोनंदन ने कहा कि जिस प्रकार पौधे के लिए सही समय पर खाद-पानी जरूरी है, उसी प्रकार मनुष्य के जीवन में भक्ति का बीज बचपन से ही होना चाहिए।
प्रहलाद का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि पिता द्वारा दिए गए अनगिनत कष्टों के बावजूद उनकी निष्ठा ठाकुर जी के चरणों में अडिग रही, फलस्वरूप स्वयं भगवान को उनकी रक्षा के लिए आना पड़ा। इसके उपरांत राजा बलि के प्रसंग से सर्वस्व समर्पण का संदेश दिया गया। कथा के दौरान श्री राम जन्म और श्रीकृष्ण जन्म के प्रसंगों ने पांडाल को भक्तिमय कर दिया। नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की, के जयघोष से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा।
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फूलों और गुब्बारों से सजे भव्य पांडाल में बाल स्वरूप रघुनंदन की कृष्ण के रूप में प्रस्तुति ने सबका मन मोह लिया। इस अवसर पर मुख्य यजमान प्रमोद जैन, प्रधान राजेश सिंगला, दैनिक यजमान अनुज गर्ग, कुलदीप गुप्ता, आकाश गुंबर, देवेंद्र बंसल, देवेन्द्र गर्ग, अशोक बंसल, विजय गुप्ता, रविन्द्र सिंह फौजी और हरीश कुमार सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

बराड़ा के पैलेस में श्रीमद् भागवत कथा सुनते श्रद्धालु। प्रवक्ता