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Ambala News: आरपीएफ ने किया ड्रोन का परीक्षण, हाईटेक होगी रेलवे की सुरक्षा
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अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के नजदीक रेल लाइन का ड्रोन से लिया गया फोटो। आरपीएफ
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कैंट रेलवे स्टेशन और आस-पास के क्षेत्रों में बढ़ाई जाएगी निगरानी
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। रेलवे ने पटरियों की सुरक्षा और संदिग्धों पर लगाम लगाने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। बुधवार को ड्रोन का सफल परीक्षण किया गया। परीक्षण के दौरान कैंट रेलवे स्टेशन के यूटीएस काउंटर, पार्किंग और बाहरी रेलवे लाइन के क्षेत्र का निरीक्षण किया गया।
रेलवे स्टेशनों और बाहरी इलाकों में होने वाली आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए ड्रोन एक सशक्त मशीन साबित होगा। आरपीएफ अधिकारियों के मुताबिक, इस तकनीक के आने से बल की निगरानी क्षमता में भारी इजाफा होगा। ड्रोन की मदद से उन इलाकों पर नजर रखी जा सकेगी, जहां जवानों का पहुंचना चुनौतीपूर्ण होता है। संवेदनशील स्थानों पर नजर यानी भीड़भाड़ वाले प्लेटफॉर्म और आउटर सिग्नल पर संदिग्ध गतिविधियों की रीयल-टाइम निगरानी हो सकेगी। रेल पटरियों के साथ छेड़छाड़ या चोरी की घटनाओं को रोकने में सफलता मिलेगी। किसी भी संदिग्ध हलचल पर ड्रोन के जरिए तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना मिलेगी ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
बुधवार को किया गया परीक्षण पूरी तरह सफल रहा है। जल्द इसे संवेदनशील रेल खंडों और प्रमुख स्टेशनों पर पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। इससे यात्रियों की सुरक्षा और रेल संपत्ति की रक्षा और भी पुख्ता होगी।
- अरुण कुमार, एएससी, आरपीएफ, अंबाला
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। रेलवे ने पटरियों की सुरक्षा और संदिग्धों पर लगाम लगाने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। बुधवार को ड्रोन का सफल परीक्षण किया गया। परीक्षण के दौरान कैंट रेलवे स्टेशन के यूटीएस काउंटर, पार्किंग और बाहरी रेलवे लाइन के क्षेत्र का निरीक्षण किया गया।
रेलवे स्टेशनों और बाहरी इलाकों में होने वाली आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए ड्रोन एक सशक्त मशीन साबित होगा। आरपीएफ अधिकारियों के मुताबिक, इस तकनीक के आने से बल की निगरानी क्षमता में भारी इजाफा होगा। ड्रोन की मदद से उन इलाकों पर नजर रखी जा सकेगी, जहां जवानों का पहुंचना चुनौतीपूर्ण होता है। संवेदनशील स्थानों पर नजर यानी भीड़भाड़ वाले प्लेटफॉर्म और आउटर सिग्नल पर संदिग्ध गतिविधियों की रीयल-टाइम निगरानी हो सकेगी। रेल पटरियों के साथ छेड़छाड़ या चोरी की घटनाओं को रोकने में सफलता मिलेगी। किसी भी संदिग्ध हलचल पर ड्रोन के जरिए तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना मिलेगी ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
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बुधवार को किया गया परीक्षण पूरी तरह सफल रहा है। जल्द इसे संवेदनशील रेल खंडों और प्रमुख स्टेशनों पर पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। इससे यात्रियों की सुरक्षा और रेल संपत्ति की रक्षा और भी पुख्ता होगी।
- अरुण कुमार, एएससी, आरपीएफ, अंबाला
