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Ambala News: बागवानी विभाग में घोटाला, पांच से अधिक अफसरों पर प्राथमिकी
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माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। बागवानी विभाग में बड़ा घोटाला सामने आया है। इस मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने बागवानी विभाग के तत्कालीन जिला बागवानी अधिकारी (डीएचओ), तीन उद्यान विकास अधिकारियों (एचडीओ), एक लेखाकार व अन्य कई असफसरों व कर्मचारियों पर प्राथमिकी दर्ज की है।
घोटाले की राशि करोड़ों में बताई जा रही है। प्राथमिकी के अनुसार, वर्ष 2007-08 के दौरान राज्य में फलदार पौधे लगाने, पुराने बागों के जीर्णोद्धार, वर्मी कंपोस्ट यूनिट, मशरूम उत्पादन और ड्रिप सिंचाई जैसी योजनाओं के तहत सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी में भारी हेरफेर और घोटाला किया गया था।
जांच में खुलासा हुआ कि विभागीय अधिकारियों ने कागजी खानापूर्ति कर और फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये की सब्सिडी की राशि डकार ली। मौके पर जब निरीक्षण किया गया, तो अधिकांश किसानों के खेतों में कोई बाग, मशरूम यूनिट या वर्मी कंपोस्ट ढांचा मौजूद ही नहीं पाया गया।
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पड़ताल के बाद हुआ खुलासा : यह मामला मुख्य सचिव कार्यालय के निर्देशों के तहत राज्य सतर्कता ब्यूरो द्वारा की गई विस्तृत पड़ताल के बाद सामने आया। जांच अधिकारी उप पुलिस अधीक्षक एसीबी द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर सरकार और पुलिस महानिदेशक कार्यालय से मंजूरी मिलने के बाद एसीबी अंबाला में यह प्राथमिकी अंकित की गई। इस मामले की जांच निरीक्षक राजेश कुमार को सौंपी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यदि मुख्यालय या अन्य स्तर के अधिकारियों की संलिप्तता पाई जाती है, तो नियमानुसार उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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अंबाला सिटी। बागवानी विभाग में बड़ा घोटाला सामने आया है। इस मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने बागवानी विभाग के तत्कालीन जिला बागवानी अधिकारी (डीएचओ), तीन उद्यान विकास अधिकारियों (एचडीओ), एक लेखाकार व अन्य कई असफसरों व कर्मचारियों पर प्राथमिकी दर्ज की है।
घोटाले की राशि करोड़ों में बताई जा रही है। प्राथमिकी के अनुसार, वर्ष 2007-08 के दौरान राज्य में फलदार पौधे लगाने, पुराने बागों के जीर्णोद्धार, वर्मी कंपोस्ट यूनिट, मशरूम उत्पादन और ड्रिप सिंचाई जैसी योजनाओं के तहत सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी में भारी हेरफेर और घोटाला किया गया था।
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जांच में खुलासा हुआ कि विभागीय अधिकारियों ने कागजी खानापूर्ति कर और फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये की सब्सिडी की राशि डकार ली। मौके पर जब निरीक्षण किया गया, तो अधिकांश किसानों के खेतों में कोई बाग, मशरूम यूनिट या वर्मी कंपोस्ट ढांचा मौजूद ही नहीं पाया गया।
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पड़ताल के बाद हुआ खुलासा : यह मामला मुख्य सचिव कार्यालय के निर्देशों के तहत राज्य सतर्कता ब्यूरो द्वारा की गई विस्तृत पड़ताल के बाद सामने आया। जांच अधिकारी उप पुलिस अधीक्षक एसीबी द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर सरकार और पुलिस महानिदेशक कार्यालय से मंजूरी मिलने के बाद एसीबी अंबाला में यह प्राथमिकी अंकित की गई। इस मामले की जांच निरीक्षक राजेश कुमार को सौंपी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यदि मुख्यालय या अन्य स्तर के अधिकारियों की संलिप्तता पाई जाती है, तो नियमानुसार उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।