सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Well done Dheen... more girls than boys, got the Best Village Award

Ambala News: शाबास धीन... लड़कों से ज्यादा लड़कियां, मिला बेस्ट विलेज अवार्ड

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 22 Mar 2026 01:36 AM IST
विज्ञापन
Well done Dheen... more girls than boys, got the Best Village Award
गांव धीन का प्रवेश द्वार। - फोटो : Samvad
विज्ञापन
अंबाला। धीन गांव को शाबासी...इस गांव ने लिंगानुपात में बाजी मारी है। गांव काे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियाें ने बेस्ट विलेज अवार्ड के लिए चयनित किया है। गांव में वर्ष 2025 में प्रति एक हजार लड़काें पर 1379 लड़कियाें ने जन्म लिया। इस अवार्ड के लिए चयनित होने पर स्वास्थ्य विभाग ने गांव की तीन बेटियों को डेढ़ लाख रुपये की धनराशि दी है, इसमें 10वीं में प्रथम, द्वितीय व तीसरे स्थान पर आने वाली लड़कियां शामिल हैं।
Trending Videos

योजना के तहत 75 हजार रुपये की धनराशि प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली नैन्सी, द्वितीय स्तर पाने वाली मंदीप कौर को 45 हजार रुपये और तीसरे स्थान पर आने वालीं आशु को 30 हजार रुपये की राशि दी है। यह धनराशि उनके खाते में भेजी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन








क्या है बेस्ट विजेल अवार्ड योजना



स्वास्थ्य विभाग की इस योजना में बेस्ट विलेज उसे चुना जाता है जिसने पूरे वर्ष में लिंगानुपात में अच्छा प्रदर्शन किया है। जहां लोग जागरूक हुए हैं। इस अवार्ड के लिए स्वास्थ्य विभाग अपने लिंगानुपात के आंकड़ों में से गांव का चयन करता है। चयन होने के बाद शिक्षा विभाग से गांव में पढ़ने वाली तीन 10वीं की टॉपर्स बेटियों के खाते में कुल डेढ़ लाख रुपये की धनराशि स्थानांतरित की जाती है। पूर्व में इस योजना में सरपंचों को यह धनराशि दी जाती थी। मौजूदा सरकार के आने के बाद यह धनराशि टॉपर्स बच्चियों को दी जाने लगी।







जागरुकता से बढ़ाया लिंगानुपात



धीन गांव के सरपंच सतविंदर सिंह बब्बू ने बताया कि हम बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के उद्देश्य पर काम कर रहे हैं। गांव में तीन स्तर की जागरूकता अपनाई गई। समय-समय पर आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूलों में जाकर बेटियों और उनके परिजनों को प्रोत्साहित करते हैं। गांव की आम सभा में बेटियों को आगे लाने के बारे में कहा जाता है। लिंगानुपात पर ही दो साल से ध्यान दिया गया है। गांव की बेटियां खेलों में, सेना में, चिकित्सा के क्षेत्र में आगे बढ़ी हैं। उनका उदाहरण लोगों को दिया जाता है। इस वजह से गांव के लोेग जागरूक हुए और बेटियों पर विशेष ध्यान दिया, इससे पहले वर्ष 2024 में यह अवार्ड उगाला को मिला था। उगाला से पहले शहजादपुर को भी यह सम्मान मिल चुका है।

गांव धीन का प्रवेश द्वार।

गांव धीन का प्रवेश द्वार।- फोटो : Samvad

गांव धीन का प्रवेश द्वार।

गांव धीन का प्रवेश द्वार।- फोटो : Samvad

गांव धीन का प्रवेश द्वार।

गांव धीन का प्रवेश द्वार।- फोटो : Samvad

गांव धीन का प्रवेश द्वार।

गांव धीन का प्रवेश द्वार।- फोटो : Samvad

गांव धीन का प्रवेश द्वार।

गांव धीन का प्रवेश द्वार।- फोटो : Samvad

गांव धीन का प्रवेश द्वार।

गांव धीन का प्रवेश द्वार।- फोटो : Samvad

गांव धीन का प्रवेश द्वार।

गांव धीन का प्रवेश द्वार।- फोटो : Samvad

गांव धीन का प्रवेश द्वार।

गांव धीन का प्रवेश द्वार।- फोटो : Samvad

गांव धीन का प्रवेश द्वार।

गांव धीन का प्रवेश द्वार।- फोटो : Samvad

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed