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Ambala News: मानसून नजदीक, विभाग ने धरातल पर नहीं किया काम
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अंबाला छावनी में पंजाब की तरफ से आने वाले पानी को रोकने के लिए अधूरा पड़ा टांगरी का बांध। शिका
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- अब पुन: पत्र लिखकर पीड़ितों ने पूछा- 48 साल पुरानी परियोजना कब होगी पूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। जगाधरी रोड से पंजाब बॉर्डर तक टांगरी नदी पर प्रस्तावित बांध का निर्माण विभाग की फाइलों में ही धूल फांक रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप के बावजूद धरातल पर ईंट तक नहीं रखी है। वर्ष 1978 से लंबित इस सुरक्षा कवच के अभाव में हजारों जिंदगियां हर साल मानसून के डर में जीने को मजबूर हैं।
मामला तब गरमाया जब अस्थायी बांध बनाने का प्रयास कर रहे स्थानीय लोगों पर प्रशासन ने एफआईआर दर्ज कर दी। सामाजिक कार्यकर्ता कमल कांत ने सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता को पत्र लिखकर पूछा है कि जब नागरिक खुद की सुरक्षा करें तो विभाग इसकी अनदेखी क्यों कर रहा है।
भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने पीएमओ पोर्टल पर दर्ज शिकायत के बाद हरियाणा सरकार को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद विभाग की सुस्ती आगामी मानसून में अंबाला के लिए खतरे की घंटी बजा रही है।
टांगरी नदी का जलस्तर बढ़ने पर अंबाला के रिहायशी इलाकों में पानी घुसना आम बात है। बांध के बीच में छोड़ दिए गए गैप चोर दरवाजे की तरह काम करते हैं, जहां से बाढ़ का पानी तबाही मचाता है।
कोर्ट तक ले जाएंगे मामला : कमल कांत
स्थानीय निवासी एवं शिकायतकर्ता कमल कांत ने कहा कि प्रशासनिक लापरवाही और जवाबदेही की कमी के कारण जनता की जान जोखिम में नहीं डाली जा सकती। यदि संतोषजनक उत्तर नहीं मिला तो मामला कोर्ट के अलावा विधिक मंचों तक ले जाया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। जगाधरी रोड से पंजाब बॉर्डर तक टांगरी नदी पर प्रस्तावित बांध का निर्माण विभाग की फाइलों में ही धूल फांक रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप के बावजूद धरातल पर ईंट तक नहीं रखी है। वर्ष 1978 से लंबित इस सुरक्षा कवच के अभाव में हजारों जिंदगियां हर साल मानसून के डर में जीने को मजबूर हैं।
मामला तब गरमाया जब अस्थायी बांध बनाने का प्रयास कर रहे स्थानीय लोगों पर प्रशासन ने एफआईआर दर्ज कर दी। सामाजिक कार्यकर्ता कमल कांत ने सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता को पत्र लिखकर पूछा है कि जब नागरिक खुद की सुरक्षा करें तो विभाग इसकी अनदेखी क्यों कर रहा है।
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भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने पीएमओ पोर्टल पर दर्ज शिकायत के बाद हरियाणा सरकार को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद विभाग की सुस्ती आगामी मानसून में अंबाला के लिए खतरे की घंटी बजा रही है।
टांगरी नदी का जलस्तर बढ़ने पर अंबाला के रिहायशी इलाकों में पानी घुसना आम बात है। बांध के बीच में छोड़ दिए गए गैप चोर दरवाजे की तरह काम करते हैं, जहां से बाढ़ का पानी तबाही मचाता है।
कोर्ट तक ले जाएंगे मामला : कमल कांत
स्थानीय निवासी एवं शिकायतकर्ता कमल कांत ने कहा कि प्रशासनिक लापरवाही और जवाबदेही की कमी के कारण जनता की जान जोखिम में नहीं डाली जा सकती। यदि संतोषजनक उत्तर नहीं मिला तो मामला कोर्ट के अलावा विधिक मंचों तक ले जाया जाएगा।