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Bhiwani News: जिले में 312 में से 153 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 25 Mar 2026 01:13 AM IST
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153 out of 312 gram panchayats in the district have been declared TB free.
टीबी मुक्त चैंपियन के साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रघुबीर शांडिल्य व टीबी उन्मूलन कार्यक्रम क
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भिवानी। जिले में 312 ग्राम पंचायतों में से 153 को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. रघुबीर शांडिल्य ने विश्व टीबी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में दी। चौधरी बंसीलाल नागरिक अस्पताल में मंगलवार को विश्व टीबी दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें सीएमओ डॉ. रघुबीर शांडिल्य और टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की जिला प्रमुख डॉ. सुमन विश्वकर्मा मौजूद रहीं।
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इस दौरान सीएमओ ने बताया कि विश्व के 25 प्रतिशत टीबी मरीज भारत में हैं। टीबी उन्मूलन के लिए भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम चलाया जा रहा है और वर्ष 2030 तक वैश्विक स्तर पर टीबी को समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इस वर्ष की थीम “हां, हम क्षय रोग को समाप्त कर सकते हैं (यस वी कैन एंड टीबी)” है।
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इस अवसर पर टीबी मुक्त चैंपियन को सम्मानित भी किया गया। सीएमओ ने अधिक से अधिक लोगों से निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों की सहायता करने की अपील की।

टीबी के लक्षण
डॉ. सुमन विश्वकर्मा ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को 15 दिन से अधिक समय से खांसी है, वजन कम हो रहा है, हल्का बुखार रहता है, शाम को पसीना आता है, भूख कम लगती है, फेफड़ों में पानी भरता है या गांठें बनती हैं तो यह टीबी के लक्षण हो सकते हैं।

ये रखें सावधानी
डॉ. सुमन ने कहा कि टीबी का इलाज संभव है इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। समय पर बीमारी की पहचान कर उपचार शुरू करना आवश्यक है। सभी सरकारी अस्पतालों में टीबी की जांच निशुल्क की जाती है और बीमारी की पुष्टि होने पर छह माह तक पूरा इलाज लेने से यह ठीक हो जाती है। उन्होंने बताया कि दवा शुरू करते ही मरीज को राहत मिलती है लेकिन कई मरीज बीच में ही कोर्स छोड़ देते हैं जिससे बीमारी ठीक नहीं हो पाती। मरीजों को पूरा कोर्स लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि टीबी मरीजों के लिए निक्षय मित्र भी होते हैं जो पोषण किट उपलब्ध करवाते हैं। इन किट में प्रोटीन, फाइबर व अन्य पोषक तत्वों से भरपूर दाल और अनाज होते हैं। टीबी की दवाइयों के साथ पर्याप्त पोषण भी जरूरी है। इसके लिए सरकार मरीजों को एक हजार रुपये मासिक आर्थिक सहायता भी प्रदान करती है ताकि वे पौष्टिक भोजन ले सकें।

जिले में पांच जगह स्थापित हैं टीबी जांच लैब
डॉ. सुमन ने बताया कि शहर के 31 में से 12 वार्ड टीबी मुक्त हो चुके हैं। जिले में तोशाम, सिवानी, भिवानी, लोहारू और बवानीखेड़ा के सरकारी अस्पतालों में टीबी मरीजों की जांच की जा रही है। इसके साथ ही मरीजों को दवाइयां भी निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
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