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Bhiwani News: भिवानी कोर्ट परिसर में गैंगवार के चलते चार दिन पहले जेल से बाहर आए हिस्ट्रीशीटर पर दिनदहाड़े हुई फायरिंग
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पैर में गोली लगने के बाद अस्पताल में दाखिल आरोपी जितेंद्र।
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भिवानी। जिला न्यायालय परिसर के बाहर मंगलवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे दिनदहाड़े गैंगवार के चलते फायरिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया। चार दिन पहले ही जेल से बेल पर बाहर आए पुलिस के हिस्ट्रीशीटर अरविंद पर दूसरे गैंग के बदमाशों ने फायरिंग कर दी। गनीमत रही कि वह बाल-बाल बच गया।
करीब दस माह पहले पुलिस के हिस्ट्रीशीटर अरविंद उर्फ कालिया ने बिन्नू पर फायरिंग कराई थी। इसी मामले में मंगलवार को अरविंद जिला न्यायालय में पेशी पर आया था जबकि बिन्नू भी इसी केस में गवाही देने के लिए कोर्ट पहुंचा हुआ था। वहीं आरोपी शुभम की कोर्ट में बेल पर सुनवाई थी। अरविंद और बिन्नू दोनों ही पुलिस के हिस्ट्रीशीटर हैं जिनके बीच अप्रैल माह में भी फायरिंग की घटना हो चुकी है।
पुलिस ने मंगलवार को हुई फायरिंग के मामले में दो जगह मुठभेड़ के बाद आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में श्रीपाल निवासी दिनोद गेट, जितेंद्र उर्फ जीतू निवासी डाबर कॉलोनी, अमन निवासी हिंडोल, इसराइल निवासी हिंडोल, दीपांशु निवासी मनान पाना, आयुष उर्फ बॉक्सर निवासी डाबर कॉलोनी, सन्नी उर्फ संदीप निवासी लोहानी तथा विनोद उर्फ बिन्नू ठाकुर निवासी जीतूवाला जोहड़ शामिल हैं। वहीं जितेंद्र उर्फ जीतू और आयुष उर्फ बॉक्सर के दोनों पैरों में गोली लगने के कारण उन्हें नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके अलावा श्रीपाल और इसराइल को भी पैर में चोट लगने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मंगलवार को जिला न्यायालय परिसर में हिस्ट्रीशीटर प्रॉपर्टी डीलर अरविंद उर्फ कालिया हत्या प्रयास मामले में पेशी पर आया हुआ था। इसी दौरान करीब साढ़े 11 बजे एलआईसी रोड की ओर से तीन हमलावर आए जिनमें से दो के हाथों में पिस्तौल थी। हमलावरों ने अरविंद पर फायरिंग की जिसमें वह बाल-बाल बच गया। फायरिंग की घटना से कोर्ट परिसर में अफरातफरी मच गई। परिसर में मौजूद पुलिस कर्मचारी तुरंत अलर्ट हो गए और भाग रहे हमलावरों का पीछा किया। इस दौरान पुलिस की बैकअप फोर्स भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने सेंट्रल पार्क के पास एक आरोपी को मुठभेड़ में काबू किया जबकि दूसरा आरोपी हांसी गेट स्थित एक निजी स्कूल में छिपने का प्रयास करते समय मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने बताया कि यह वारदात गैंगवार से जुड़ी हुई है। मुख्य आरोपी बिन्नू के खिलाफ 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं जबकि अरविंद उर्फ कालिया के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज हैं।
वारदात के 15 मिनट में 28 संदिग्ध हिरासत में लिए, मोबाइल फोन जब्त
पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने बताया कि वारदात के बाद आसपास मौजूद पुलिस ने मात्र 15 मिनट के भीतर करीब 28 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया। इनके मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस यह जांच कर रही है कि इन लोगों की वारदात में क्या भूमिका रही और फायरिंग करने वालों से इनका क्या कनेक्शन है। साइबर क्राइम टीम हिरासत में लिए गए लोगों के मोबाइल फोन का डेटा और कॉल डिटेल खंगालने में जुटी हुई है।
पांच माह पहले भी कोर्ट परिसर के बाहर हुई थी फायरिंग
करीब पांच माह पहले भी भिवानी कोर्ट परिसर के बाहर फायरिंग की घटना हुई थी। इसमें रोहतक के मोखरा निवासी लवजीत की रोहतक पीजीआई में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। यह घटना भी जिला न्यायालय परिसर के गेट नंबर एक के पास कैंटीन के समीप हुई थी। कड़ी सुरक्षा वाले कोर्ट परिसर के बाहर तीन हमलावर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दिनदहाड़े फरार हो गए थे। हालांकि इस मामले में पुलिस ने बाद में मुख्य आरोपी सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
कोर्ट परिसर के बाहर फायरिंग मामले में गैंगवार सामने आई है। फिलहाल पुलिस ने वारदात के चंद घंटों बाद ही आठ आरोपियों को पकड़ लिया है जिसमें चार को इलाज के लिए अस्पताल में दाखिल कराया गया है। दो जगह पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हुई। मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। इस वारदात में पुलिस कर्मचारियों ने सराहनीय कार्य किया है उन्हें सम्मानित किया जाएगा। - सुमित कुमार, पुलिस अधीक्षक, भिवानी
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करीब दस माह पहले पुलिस के हिस्ट्रीशीटर अरविंद उर्फ कालिया ने बिन्नू पर फायरिंग कराई थी। इसी मामले में मंगलवार को अरविंद जिला न्यायालय में पेशी पर आया था जबकि बिन्नू भी इसी केस में गवाही देने के लिए कोर्ट पहुंचा हुआ था। वहीं आरोपी शुभम की कोर्ट में बेल पर सुनवाई थी। अरविंद और बिन्नू दोनों ही पुलिस के हिस्ट्रीशीटर हैं जिनके बीच अप्रैल माह में भी फायरिंग की घटना हो चुकी है।
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पुलिस ने मंगलवार को हुई फायरिंग के मामले में दो जगह मुठभेड़ के बाद आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में श्रीपाल निवासी दिनोद गेट, जितेंद्र उर्फ जीतू निवासी डाबर कॉलोनी, अमन निवासी हिंडोल, इसराइल निवासी हिंडोल, दीपांशु निवासी मनान पाना, आयुष उर्फ बॉक्सर निवासी डाबर कॉलोनी, सन्नी उर्फ संदीप निवासी लोहानी तथा विनोद उर्फ बिन्नू ठाकुर निवासी जीतूवाला जोहड़ शामिल हैं। वहीं जितेंद्र उर्फ जीतू और आयुष उर्फ बॉक्सर के दोनों पैरों में गोली लगने के कारण उन्हें नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके अलावा श्रीपाल और इसराइल को भी पैर में चोट लगने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मंगलवार को जिला न्यायालय परिसर में हिस्ट्रीशीटर प्रॉपर्टी डीलर अरविंद उर्फ कालिया हत्या प्रयास मामले में पेशी पर आया हुआ था। इसी दौरान करीब साढ़े 11 बजे एलआईसी रोड की ओर से तीन हमलावर आए जिनमें से दो के हाथों में पिस्तौल थी। हमलावरों ने अरविंद पर फायरिंग की जिसमें वह बाल-बाल बच गया। फायरिंग की घटना से कोर्ट परिसर में अफरातफरी मच गई। परिसर में मौजूद पुलिस कर्मचारी तुरंत अलर्ट हो गए और भाग रहे हमलावरों का पीछा किया। इस दौरान पुलिस की बैकअप फोर्स भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने सेंट्रल पार्क के पास एक आरोपी को मुठभेड़ में काबू किया जबकि दूसरा आरोपी हांसी गेट स्थित एक निजी स्कूल में छिपने का प्रयास करते समय मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने बताया कि यह वारदात गैंगवार से जुड़ी हुई है। मुख्य आरोपी बिन्नू के खिलाफ 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं जबकि अरविंद उर्फ कालिया के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज हैं।
वारदात के 15 मिनट में 28 संदिग्ध हिरासत में लिए, मोबाइल फोन जब्त
पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने बताया कि वारदात के बाद आसपास मौजूद पुलिस ने मात्र 15 मिनट के भीतर करीब 28 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया। इनके मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस यह जांच कर रही है कि इन लोगों की वारदात में क्या भूमिका रही और फायरिंग करने वालों से इनका क्या कनेक्शन है। साइबर क्राइम टीम हिरासत में लिए गए लोगों के मोबाइल फोन का डेटा और कॉल डिटेल खंगालने में जुटी हुई है।
पांच माह पहले भी कोर्ट परिसर के बाहर हुई थी फायरिंग
करीब पांच माह पहले भी भिवानी कोर्ट परिसर के बाहर फायरिंग की घटना हुई थी। इसमें रोहतक के मोखरा निवासी लवजीत की रोहतक पीजीआई में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। यह घटना भी जिला न्यायालय परिसर के गेट नंबर एक के पास कैंटीन के समीप हुई थी। कड़ी सुरक्षा वाले कोर्ट परिसर के बाहर तीन हमलावर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दिनदहाड़े फरार हो गए थे। हालांकि इस मामले में पुलिस ने बाद में मुख्य आरोपी सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
कोर्ट परिसर के बाहर फायरिंग मामले में गैंगवार सामने आई है। फिलहाल पुलिस ने वारदात के चंद घंटों बाद ही आठ आरोपियों को पकड़ लिया है जिसमें चार को इलाज के लिए अस्पताल में दाखिल कराया गया है। दो जगह पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हुई। मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। इस वारदात में पुलिस कर्मचारियों ने सराहनीय कार्य किया है उन्हें सम्मानित किया जाएगा। - सुमित कुमार, पुलिस अधीक्षक, भिवानी
