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Bhiwani News: वायु गुणवत्ता में सुधार, ग्रेप श्रेणी वन हटाया
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 18 Mar 2026 01:39 AM IST
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भिवानी। दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के स्टेज प्रथम खराब श्रेणी, एआईक्यू 201-300 के तहत लागू प्रतिबंधों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी शैलेंद्र अरोड़ा ने बताया कि आयोग द्वारा 21 नवंबर 2025 को जारी संशोधित ग्रेप शेड्यूल के तहत स्टेज प्रथम के प्रावधान 14 अक्तूबर 2025 से लागू थे। दिल्ली में ग्रेप उप-समिति की बैठक में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र की मौजूदा वायु गुणवत्ता स्थिति तथा आईएमडी/आईआईटीएम के पूर्वानुमान की समीक्षा की गई। समीक्षा में पाया गया कि अनुकूल मौसम की परिस्थितियों के कारण दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स एक्यूआई 16 मार्च 2026 को शाम 4 बजे 119 दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी में आता है। साथ ही, आगामी दिनों में भी एक्यूआई के इसी श्रेणी में बने रहने का अनुमान है।
उन्होंने बताया कि इन परिस्थितियों को देखते हुए उप-समिति ने 14 अक्तूबर 2025 के आदेश को निरस्त करते हुए पूरे एनसीआर में स्टेज प्रथम के तहत लागू सभी कार्रवाई को समाप्त करने का निर्णय लिया है। हालांकि, आयोग ने सभी संबंधित राज्य सरकारों, दिल्ली सरकार और अन्य एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे वायु गुणवत्ता में सुधार को बनाए रखने के लिए जारी सभी नियमों, दिशा-निर्देशों और आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। इसमें पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी निर्देश भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा है कि बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार भले ही ग्रेप वन को हटा दिया गया है, लेकिन ग्रेप उप-समिति ने स्पष्ट किया है कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखेगी। समिति समय-समय पर वायु गुणवत्ता की समीक्षा करती रहेगी और दिल्ली के एक्यूआई स्तर तथा आईएमडी/आईआईटीएम द्वारा जारी पूर्वानुमान के आधार पर आवश्यकतानुसार आगे के निर्णय लिए जाएंगे। एनसीआर में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए जारी व्यापक नीति के तहत निर्धारित समय सीमा के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी, विशेष रूप से धूल नियंत्रण डस्ट मिटिगेशन उपायों पर विशेष ध्यान रहेगा। वायु प्रदूषण करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी शैलेंद्र अरोड़ा ने बताया कि आयोग द्वारा 21 नवंबर 2025 को जारी संशोधित ग्रेप शेड्यूल के तहत स्टेज प्रथम के प्रावधान 14 अक्तूबर 2025 से लागू थे। दिल्ली में ग्रेप उप-समिति की बैठक में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र की मौजूदा वायु गुणवत्ता स्थिति तथा आईएमडी/आईआईटीएम के पूर्वानुमान की समीक्षा की गई। समीक्षा में पाया गया कि अनुकूल मौसम की परिस्थितियों के कारण दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स एक्यूआई 16 मार्च 2026 को शाम 4 बजे 119 दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी में आता है। साथ ही, आगामी दिनों में भी एक्यूआई के इसी श्रेणी में बने रहने का अनुमान है।
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उन्होंने बताया कि इन परिस्थितियों को देखते हुए उप-समिति ने 14 अक्तूबर 2025 के आदेश को निरस्त करते हुए पूरे एनसीआर में स्टेज प्रथम के तहत लागू सभी कार्रवाई को समाप्त करने का निर्णय लिया है। हालांकि, आयोग ने सभी संबंधित राज्य सरकारों, दिल्ली सरकार और अन्य एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे वायु गुणवत्ता में सुधार को बनाए रखने के लिए जारी सभी नियमों, दिशा-निर्देशों और आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। इसमें पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी निर्देश भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा है कि बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार भले ही ग्रेप वन को हटा दिया गया है, लेकिन ग्रेप उप-समिति ने स्पष्ट किया है कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखेगी। समिति समय-समय पर वायु गुणवत्ता की समीक्षा करती रहेगी और दिल्ली के एक्यूआई स्तर तथा आईएमडी/आईआईटीएम द्वारा जारी पूर्वानुमान के आधार पर आवश्यकतानुसार आगे के निर्णय लिए जाएंगे। एनसीआर में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए जारी व्यापक नीति के तहत निर्धारित समय सीमा के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी, विशेष रूप से धूल नियंत्रण डस्ट मिटिगेशन उपायों पर विशेष ध्यान रहेगा। वायु प्रदूषण करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।