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न्यायालयों में भी हो अस्पतालों जैसी संवेदनशीलता : सीजेआई
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भिवानी न्यायिक परिसर में आयोजित कार्यक्रम में संबोधित करते सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर
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भिवानी/तोशाम। भारत के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि न्यायालयों में अस्पतालों की तरह मानवीय और संवेदनशील माहौल होना चाहिए ताकि न्याय के लिए आने वाला व्यक्ति स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सके। उन्होंने भिवानी न्यायिक परिसर से वर्चुअल माध्यम से लोहारू के न्यायिक परिसर के विस्तार, सिवानी के नए न्यायिक परिसर और तोशाम में न्यायिक अधिकारियों के आवास की आधारशिला रखी।
इस दौरान पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति शील नागू भी मौजूद रहे। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने जिला न्यायालयों को न्यायिक वितरण प्रणाली की जीवन रेखा बताते हुए कहा कि इनके बुनियादी ढांचे को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भिवानी आकर उन्हें अपने घर जैसा अनुभव हुआ और पुराने साथियों व परिचितों से मिलने का अवसर मिला।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि अदालतों में ऐसा माहौल होना चाहिए जैसा अस्पतालों में होता है जहां व्यक्ति को प्राथमिक देखभाल, बैठने की सुविधा और आश्वासन मिलता है। उन्होंने कहा कि न्याय के लिए आने वाले व्यक्ति को यह भरोसा होना चाहिए कि उसे यहां न्याय मिलेगा। उन्होंने बताया कि 14 नवंबर को झारखंड उच्च न्यायालय के रजत जयंती समारोह में उन्होंने पहली बार इस दिशा में विचार रखा था।
समारोह के दौरान मंच पर उपस्थित सभी न्यायाधीशों का पगड़ी, शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न भेंटकर स्वागत किया गया। जिला बार एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट संदीप तंवर ने बार की ओर से मुख्य न्यायाधीश सहित सभी न्यायाधीशों का स्वागत किया।
सालों बाद पुराने चेहरे देख भावुक हुए सीजेआई
मुख्य न्यायाधीश ने भिवानी आगमन को गर्व का पल बताते हुए कहा कि यहां अनेक परिचित और वरिष्ठ लोग हैं जिनसे वर्षों बाद मिलने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि जिला, उपमंडल और उच्च न्यायालय स्तर पर न्याय प्रणाली के सभी हितधारकों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए वे प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने सुलभ, उत्तरदायी और जन-केंद्रित न्याय व्यवस्था को मजबूत करने का भरोसा दिलाया।
बिना फीस का वकील हूं, आपकी पूरी वकालत करूंगा
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने बार एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट संदीप तंवर की मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे आज बिना फीस के वकील बनकर आए हैं और पूरी वकालत करेंगे। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के लिए चैंबर और समुचित पार्किंग की व्यवस्था आवश्यक है जिसके लिए उच्च न्यायालय और राज्य सरकार को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने अधिवक्ताओं को सर्वोच्च न्यायालय की कार्यप्रणाली देखने के लिए आमंत्रित भी किया और बताया कि सुप्रीम कोर्ट का अत्याधुनिक नया परिसर तैयार हो रहा है।
तीन न्यायिक परियोजनाओं का किया शिलान्यास
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति शील नागू ने मुख्य न्यायाधीश का स्वागत करते हुए लोहारू, सिवानी और तोशाम में तीन महत्वपूर्ण न्यायिक परियोजनाओं के शिलान्यास के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि न्यायालय केवल इमारतें नहीं बल्कि अधिकारों की रक्षा और कानून के शासन के केंद्र होते हैं। न्यायिक ढांचे के विस्तार से न्याय अधिक सुलभ होता है।
शिलान्यास कार्यक्रम में हुआ भव्य स्वागत
कार्यक्रम के दौरान न्यायमूर्ति सूर्यकांत का बार के अधिवक्ताओं ने बुक्के भेंटकर, ढोल-नगाड़ों और बीन की स्वर लहरियों के साथ भव्य स्वागत किया। इस मौके पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश दीपक सिब्बल, जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी, जस्टिस कुलदीप तिवारी, जस्टिस शालिनी सिंह नागपाल, दादरी जिला सेशन जज जस्टिस गगनदीप कौर सिंह सहित कई न्यायाधीश मौजूद रहे। इसके अलावा डीसी साहिल गुप्ता, एसपी सुमित कुमार, एसडीएम महेश कुमार, नगराधीश अनिल कुमार और पूर्व विधायक डॉ. शिव शंकर भारद्वाज भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन चंडीगढ़ से एडीजे अमरिंद्र शर्मा ने किया।
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इस दौरान पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति शील नागू भी मौजूद रहे। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने जिला न्यायालयों को न्यायिक वितरण प्रणाली की जीवन रेखा बताते हुए कहा कि इनके बुनियादी ढांचे को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भिवानी आकर उन्हें अपने घर जैसा अनुभव हुआ और पुराने साथियों व परिचितों से मिलने का अवसर मिला।
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न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि अदालतों में ऐसा माहौल होना चाहिए जैसा अस्पतालों में होता है जहां व्यक्ति को प्राथमिक देखभाल, बैठने की सुविधा और आश्वासन मिलता है। उन्होंने कहा कि न्याय के लिए आने वाले व्यक्ति को यह भरोसा होना चाहिए कि उसे यहां न्याय मिलेगा। उन्होंने बताया कि 14 नवंबर को झारखंड उच्च न्यायालय के रजत जयंती समारोह में उन्होंने पहली बार इस दिशा में विचार रखा था।
समारोह के दौरान मंच पर उपस्थित सभी न्यायाधीशों का पगड़ी, शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न भेंटकर स्वागत किया गया। जिला बार एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट संदीप तंवर ने बार की ओर से मुख्य न्यायाधीश सहित सभी न्यायाधीशों का स्वागत किया।
सालों बाद पुराने चेहरे देख भावुक हुए सीजेआई
मुख्य न्यायाधीश ने भिवानी आगमन को गर्व का पल बताते हुए कहा कि यहां अनेक परिचित और वरिष्ठ लोग हैं जिनसे वर्षों बाद मिलने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि जिला, उपमंडल और उच्च न्यायालय स्तर पर न्याय प्रणाली के सभी हितधारकों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए वे प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने सुलभ, उत्तरदायी और जन-केंद्रित न्याय व्यवस्था को मजबूत करने का भरोसा दिलाया।
बिना फीस का वकील हूं, आपकी पूरी वकालत करूंगा
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने बार एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट संदीप तंवर की मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे आज बिना फीस के वकील बनकर आए हैं और पूरी वकालत करेंगे। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के लिए चैंबर और समुचित पार्किंग की व्यवस्था आवश्यक है जिसके लिए उच्च न्यायालय और राज्य सरकार को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने अधिवक्ताओं को सर्वोच्च न्यायालय की कार्यप्रणाली देखने के लिए आमंत्रित भी किया और बताया कि सुप्रीम कोर्ट का अत्याधुनिक नया परिसर तैयार हो रहा है।
तीन न्यायिक परियोजनाओं का किया शिलान्यास
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति शील नागू ने मुख्य न्यायाधीश का स्वागत करते हुए लोहारू, सिवानी और तोशाम में तीन महत्वपूर्ण न्यायिक परियोजनाओं के शिलान्यास के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि न्यायालय केवल इमारतें नहीं बल्कि अधिकारों की रक्षा और कानून के शासन के केंद्र होते हैं। न्यायिक ढांचे के विस्तार से न्याय अधिक सुलभ होता है।
शिलान्यास कार्यक्रम में हुआ भव्य स्वागत
कार्यक्रम के दौरान न्यायमूर्ति सूर्यकांत का बार के अधिवक्ताओं ने बुक्के भेंटकर, ढोल-नगाड़ों और बीन की स्वर लहरियों के साथ भव्य स्वागत किया। इस मौके पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश दीपक सिब्बल, जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी, जस्टिस कुलदीप तिवारी, जस्टिस शालिनी सिंह नागपाल, दादरी जिला सेशन जज जस्टिस गगनदीप कौर सिंह सहित कई न्यायाधीश मौजूद रहे। इसके अलावा डीसी साहिल गुप्ता, एसपी सुमित कुमार, एसडीएम महेश कुमार, नगराधीश अनिल कुमार और पूर्व विधायक डॉ. शिव शंकर भारद्वाज भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन चंडीगढ़ से एडीजे अमरिंद्र शर्मा ने किया।

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