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Bhiwani News: डीसी के आदेश भी बेअसर, शहर की सड़कों पर खतरनाक गड्ढे बरकरार
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शहर के हांसी गेट से अशोका मार्ग पर सड़क पर बना खतरनाक गड्ढा। संवाद
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भिवानी। उपायुक्त साहिल गुप्ता के सड़कों के गड्ढे तत्काल भरने और लापरवाही से होने वाले हादसों में जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर प्राथमिकी दर्ज करने के सख्त निर्देशों के बावजूद शहर की सड़कों की हालत नहीं सुधर सकी है। बारिश के बाद मुख्य मार्गों पर गहरे गड्ढे उभर आए हैं जिनसे रोजाना वाहन चालकों, खासकर दुपहिया सवारों के सामने हादसे का खतरा बना हुआ है।
कुछ समय पहले उपायुक्त ने सभी विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर बारिश के दौरान सड़कों में बने गड्ढों को तत्काल भरने के निर्देश दिए थे। साथ ही स्पष्ट किया था कि गड्ढों के कारण होने वाले सड़क हादसों में मौत की स्थिति में संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। इसके बावजूद संबंधित विभागों की कार्यशैली में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा।
शहर के हांसी गेट से अशोका मार्ग, वैश्य महाविद्यालय से कृष्णा कॉलोनी जाने वाले मार्ग, घंटाघर से रेलवे स्टेशन रोड तथा सर्कुलर रोड पर कई स्थानों पर सड़कें गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। इन रास्तों से गुजरने वाले दुपहिया वाहन चालक लगातार झटके खा रहे हैं और तेज गति से वाहन गुजरने पर हादसे की आशंका बनी रहती है।
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बारिश के बाद शहर के बाईपास पर भी कई स्थानों पर सड़क के नीचे की मिट्टी खिसकने से सुरंग जैसी स्थिति बन गई है। कई जगह तारकोल की परत अधर में लटक गई है और नीचे गहरे खाली स्थान बन गए हैं। सोशल मीडिया पर इनकी वीडियो वायरल होने के बाद संबंधित एजेंसी ने कुछ स्थानों पर कार्रवाई की मगर शहर के अंदरूनी मार्गों की स्थिति अब भी जस की तस बनी हुई है। पीडब्ल्यूडी की टीमें फिलहाल पेचवर्क कर रही हैं लेकिन यह कार्य केवल छोटे गड्ढों तक सीमित है। बड़े और गहरे गड्ढों की मरम्मत अभी भी नहीं हो सकी है।
सड़क से नीचे धंसे सीवर मैनहोल बढ़ा रहे खतरा
सड़क पर बने गड्ढों के साथ-साथ सड़क स्तर से नीचे धंसे सीवर मैनहोल भी हादसों का बड़ा कारण बने हुए हैं। सर्कुलर रोड सहित शहर के कई प्रमुख मार्गों पर सीवर मैनहोल सड़क की सतह से करीब एक से डेढ़ फुट नीचे हैं। बारिश के दौरान जलभराव होने पर ये दिखाई नहीं देते और दुपहिया वाहन चालक अचानक इनमें फंसकर संतुलन खो बैठते हैं। तेज रफ्तार में गुजरने वाले वाहनों को भी जोरदार झटका लगता है जिससे वाहन पर नियंत्रण रखना मुश्किल हो जाता है।
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संबंधित कनिष्ठ अभियंताओं को सड़क लेवल से नीचे सीवर मैनहोल को समतल करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा जो सीवर मैनहोल क्षतिग्रस्त हैं उन्हें भी तत्काल प्रभाव से बदला जा रहा है। जहां से भी शिकायत मिलती है वहां प्राथमिकता के आधार पर समस्या का समाधान कराया जा रहा है। - सुनील कुमार रंगा, अधीक्षण अभियंता, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, भिवानी।
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बारिश के दौरान जहां-जहां सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं वहां उनकी मरम्मत के लिए अलग से टीमें लगाई गई हैं जो फिलहाल पेचवर्क कर रही हैं। जहां सड़क के बीच गहरे गड्ढे हैं वहां पहले रोड़े डालकर उन्हें भरा जा रहा है। नई सड़कों पर बारिश से बने कटाव की मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी को दी गई है और उन्हें तत्काल समस्या के समाधान के निर्देश दिए गए हैं। - लोकेश डागर, कार्यकारी अभियंता, पीडब्ल्यूडी, भिवानी।
कुछ समय पहले उपायुक्त ने सभी विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर बारिश के दौरान सड़कों में बने गड्ढों को तत्काल भरने के निर्देश दिए थे। साथ ही स्पष्ट किया था कि गड्ढों के कारण होने वाले सड़क हादसों में मौत की स्थिति में संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। इसके बावजूद संबंधित विभागों की कार्यशैली में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा।
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शहर के हांसी गेट से अशोका मार्ग, वैश्य महाविद्यालय से कृष्णा कॉलोनी जाने वाले मार्ग, घंटाघर से रेलवे स्टेशन रोड तथा सर्कुलर रोड पर कई स्थानों पर सड़कें गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। इन रास्तों से गुजरने वाले दुपहिया वाहन चालक लगातार झटके खा रहे हैं और तेज गति से वाहन गुजरने पर हादसे की आशंका बनी रहती है।
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बारिश के बाद शहर के बाईपास पर भी कई स्थानों पर सड़क के नीचे की मिट्टी खिसकने से सुरंग जैसी स्थिति बन गई है। कई जगह तारकोल की परत अधर में लटक गई है और नीचे गहरे खाली स्थान बन गए हैं। सोशल मीडिया पर इनकी वीडियो वायरल होने के बाद संबंधित एजेंसी ने कुछ स्थानों पर कार्रवाई की मगर शहर के अंदरूनी मार्गों की स्थिति अब भी जस की तस बनी हुई है। पीडब्ल्यूडी की टीमें फिलहाल पेचवर्क कर रही हैं लेकिन यह कार्य केवल छोटे गड्ढों तक सीमित है। बड़े और गहरे गड्ढों की मरम्मत अभी भी नहीं हो सकी है।
सड़क से नीचे धंसे सीवर मैनहोल बढ़ा रहे खतरा
सड़क पर बने गड्ढों के साथ-साथ सड़क स्तर से नीचे धंसे सीवर मैनहोल भी हादसों का बड़ा कारण बने हुए हैं। सर्कुलर रोड सहित शहर के कई प्रमुख मार्गों पर सीवर मैनहोल सड़क की सतह से करीब एक से डेढ़ फुट नीचे हैं। बारिश के दौरान जलभराव होने पर ये दिखाई नहीं देते और दुपहिया वाहन चालक अचानक इनमें फंसकर संतुलन खो बैठते हैं। तेज रफ्तार में गुजरने वाले वाहनों को भी जोरदार झटका लगता है जिससे वाहन पर नियंत्रण रखना मुश्किल हो जाता है।
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संबंधित कनिष्ठ अभियंताओं को सड़क लेवल से नीचे सीवर मैनहोल को समतल करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा जो सीवर मैनहोल क्षतिग्रस्त हैं उन्हें भी तत्काल प्रभाव से बदला जा रहा है। जहां से भी शिकायत मिलती है वहां प्राथमिकता के आधार पर समस्या का समाधान कराया जा रहा है। - सुनील कुमार रंगा, अधीक्षण अभियंता, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, भिवानी।
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बारिश के दौरान जहां-जहां सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं वहां उनकी मरम्मत के लिए अलग से टीमें लगाई गई हैं जो फिलहाल पेचवर्क कर रही हैं। जहां सड़क के बीच गहरे गड्ढे हैं वहां पहले रोड़े डालकर उन्हें भरा जा रहा है। नई सड़कों पर बारिश से बने कटाव की मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी को दी गई है और उन्हें तत्काल समस्या के समाधान के निर्देश दिए गए हैं। - लोकेश डागर, कार्यकारी अभियंता, पीडब्ल्यूडी, भिवानी।