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Bhiwani News: चिटफंड कंपनियों की ठगी के शिकार निवेशक न्यायालय में न्याय की गुहार लगाने पहुंचे

संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Thu, 29 Jan 2026 01:16 AM IST
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Investors duped by chit fund companies moved the court seeking justice
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भिवानी। पीएसीएल समेत अन्य चिटफंड कंपनियों और सोसायटियों द्वारा ठगे गए लाखों भारतीय नागरिकों ने अब न्याय के लिए देश की सर्वोच्च अदालत का दरवाजा खटखटाया है। ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवार संगठन ने मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि अनियमित जमा योजनाओं पर पाबंदी अधिनियम-2019 (बड्स एक्ट) को धरातल पर सख्ती से लागू किया जाए।
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बड्स एक्ट-2019 को सख्ती से लागू करने की मांग को लेकर बुधवार को पीड़ित निवेशकों ने शहर में प्रदर्शन किया और मांगपत्र सौंपा। इस मौके पर राज्य प्रधान रामजस, जिला प्रधान रमेश तंवर और मीडिया प्रभारी राजेश बडाला ने बताया कि 21 फरवरी 2019 से पूरे देश में लागू इस कानून का उद्देश्य आम नागरिकों को पोंजी स्कीमों और ठगी करने वाली कंपनियों से बचाना है। उन्होंने कहा कि कानून के तहत प्रशासन को आवेदन प्राप्त होने के 180 दिनों के भीतर ठगी गई राशि का दो से तीन गुना भुगतान सुनिश्चित करना होता है।
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पीड़ितों ने आरोप लगाया कि प्रशासन और संबंधित मंत्रालयों की लापरवाही के कारण आज भी लाखों निवेशकों को उनकी जमा राशि वापस नहीं मिली है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक और मानसिक क्षति झेलनी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि संगठन ने अब सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दाखिल कर न्याय की गुहार लगाई है। संगठन ने संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए बड्स एक्ट-2019 के तहत निवेशकों की जमा राशि का दो से तीन गुना भुगतान और दोषी अधिकारियों तथा संस्थाओं के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इस अवसर पर राजेश कुमार बडाला, पवन कुमार सिरसा घोघड़ा, सुखबीर सिंह, रमेश तंवर, रामजस सहित अन्य पीड़ित निवेशक उपस्थित रहे।
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