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Bhiwani News: धुंध से पहले सड़कें दुरुस्त और मानकों पर खरी न उतरने वाली स्कूल बसें होंगी जब्त, रोड सेफ्टी समीक्षा बैठक में डीसी साहिल गुप्ता के निर्देश
Sat, 24 Oct 2026 01:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 24 Oct 2026 01:19 AM IST
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भिवानी। सड़क हादसों में लोगों की जान बचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। सुरक्षा मानकों में कमी मिलने पर स्कूल और निजी बसों को इंपाउंड किया जाए। ओवरलोडिंग करने वाली बसों के चालान काटे जाएं। धुंध शुरू होने से पहले दुर्घटना संभावित स्थानों पर स्पीड ब्रेकर, रिफ्लेक्टर और सड़क मरम्मत का काम पूरा किया जाए।
डीसी साहिल गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। निर्धारित मानकों पर खरी न उतरने वाली स्कूल बसों पर कार्रवाई करें। निजी बस चालकों और परिचालकों का वर्दी में होना जरूरी है। बस में चालक के लाइसेंस की प्रति चस्पा होनी चाहिए। डैशबोर्ड पर कैमरा भी लगाया जाए ताकि हादसे की वजह का पता चल सके। जीएम रोडवेज को निजी बस चालकों के कौशल की जांच के लिए कमेटी गठित करने के निर्देश दिए।
डीसी ने कहा कि जर्जर सड़कें, गड्ढे और खुले सीवर मेनहोल दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। जनस्वास्थ्य विभाग, शहरी स्थानीय निकाय, लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारी अपने क्षेत्रों में इन कमियों को दूर करें। स्पीड ब्रेकरों पर सफेद पट्टी और रिफ्लेक्टर लगाए जाएं।
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शुक्रवार को लघु सचिवालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में सड़क सुरक्षा समीक्षा बैठक हुई। बैठक में एसपी मयंक मिश्रा ने भारी वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं देने के निर्देश दिए। उन्होंने डायवर्जन के साइन बोर्ड लगाने और यातायात पुलिस को सतर्कता से ड्यूटी करने को कहा। बैठक में एसडीएम एवं सचिव आरटीए महेश कुमार, डीएफओ विपिन कुमार, डीएसपी महेश कुमार और जीएम रोडवेज दीपक कुंडू सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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डीसी साहिल गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। निर्धारित मानकों पर खरी न उतरने वाली स्कूल बसों पर कार्रवाई करें। निजी बस चालकों और परिचालकों का वर्दी में होना जरूरी है। बस में चालक के लाइसेंस की प्रति चस्पा होनी चाहिए। डैशबोर्ड पर कैमरा भी लगाया जाए ताकि हादसे की वजह का पता चल सके। जीएम रोडवेज को निजी बस चालकों के कौशल की जांच के लिए कमेटी गठित करने के निर्देश दिए।
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डीसी ने कहा कि जर्जर सड़कें, गड्ढे और खुले सीवर मेनहोल दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। जनस्वास्थ्य विभाग, शहरी स्थानीय निकाय, लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारी अपने क्षेत्रों में इन कमियों को दूर करें। स्पीड ब्रेकरों पर सफेद पट्टी और रिफ्लेक्टर लगाए जाएं।
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शुक्रवार को लघु सचिवालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में सड़क सुरक्षा समीक्षा बैठक हुई। बैठक में एसपी मयंक मिश्रा ने भारी वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं देने के निर्देश दिए। उन्होंने डायवर्जन के साइन बोर्ड लगाने और यातायात पुलिस को सतर्कता से ड्यूटी करने को कहा। बैठक में एसडीएम एवं सचिव आरटीए महेश कुमार, डीएफओ विपिन कुमार, डीएसपी महेश कुमार और जीएम रोडवेज दीपक कुंडू सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।