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Bhiwani News: अमेरिका में नौकरी दिलाने का झांसा दे 48.50 लाख रुपये ठगे
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भिवानी। अमेरिका के कैलिफोर्निया में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक युवक से 48.50 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। गांव नांगल निवासी रितिक की शिकायत पर पुलिस ने अमन शर्मा, श्रीराम शर्मा और मनोज पंवार सहित अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में रितिक ने बताया कि मई 2024 में उसकी मुलाकात अमन शर्मा और श्रीराम शर्मा से हुई थी। दोनों ने उसे बताया कि उनका दोस्त मनोज पंवार युवाओं को विदेश भेजने और वहां नौकरी दिलाने का काम करता है। आरोप है कि उसे अमेरिका के कैलिफोर्निया में नौकरी दिलाने और नौकरी के दौरान करीब पांच हजार डॉलर वेतन मिलने का भरोसा दिलाकर 50 लाख रुपये की मांग की गई।
शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों के झांसे में आकर उसने 30 मई 2024 को आठ लाख रुपये नकद और एक लाख रुपये खाते में जमा करवाए। 31 मई 2024 को एक लाख रुपये खाते में जमा करवाए। इसके बाद 10 जून को पांच लाख रुपये नकद, 18 जून को आठ लाख रुपये नकद, 25 जून को दो लाख रुपये नकद, 5 अगस्त 2024 को तीन लाख रुपये तथा 30 अगस्त को पांच लाख रुपये नकद दिए।
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इसके अलावा 30 अक्तूबर को सात लाख रुपये, 30 नवंबर को दो लाख 50 हजार रुपये और 7 दिसंबर 2024 को पांच लाख 50 हजार रुपये नकद दिए। रितिक ने आरोप लगाया कि उसने रिश्तेदारों से उधार लेकर कुल 48.50 लाख रुपये आरोपियों को दिए। शिकायत के अनुसार 25 जून 2024 को आरोपी उसे कार में दिल्ली लेकर गए जहां उसका मेडिकल कराया गया। इसके बाद 28 जून की रात उसे हवाई टिकट के माध्यम से दिल्ली से कोलकाता और कोलकाता से बैंकाक (थाईलैंड) भेज दिया गया।
वह एक जुलाई 2024 को बैंकाक पहुंचा। वहां से उसे कार के जरिए कंबोडिया ले जाया गया जहां वह करीब दो माह तक रहा। आरोप है कि उसे एक वर्ष का मल्टीपल वीजा दिलवाया गया लेकिन कोई काम नहीं दिलवाया गया। इसके बाद वह एक सितंबर को फ्लाइट से दिल्ली लौट आया।
शिकायत के अनुसार आठ दिसंबर 2024 को अवैध तरीके से तेजवाना बॉर्डर पार करवाकर अमेरिका में प्रवेश कराया गया। वहां रहने के दौरान 23 मार्च 2025 को सरकारी आदेशों के तहत उसे वापस भेज दिया गया। बाद में 13 मई 2025 को उसे दुबई भेज दिया गया जहां वह तीन माह तक रहा लेकिन वहां भी कोई नौकरी नहीं मिली। सदर थाने के जांच अधिकारी बिजेंद्र ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में रितिक ने बताया कि मई 2024 में उसकी मुलाकात अमन शर्मा और श्रीराम शर्मा से हुई थी। दोनों ने उसे बताया कि उनका दोस्त मनोज पंवार युवाओं को विदेश भेजने और वहां नौकरी दिलाने का काम करता है। आरोप है कि उसे अमेरिका के कैलिफोर्निया में नौकरी दिलाने और नौकरी के दौरान करीब पांच हजार डॉलर वेतन मिलने का भरोसा दिलाकर 50 लाख रुपये की मांग की गई।
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शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों के झांसे में आकर उसने 30 मई 2024 को आठ लाख रुपये नकद और एक लाख रुपये खाते में जमा करवाए। 31 मई 2024 को एक लाख रुपये खाते में जमा करवाए। इसके बाद 10 जून को पांच लाख रुपये नकद, 18 जून को आठ लाख रुपये नकद, 25 जून को दो लाख रुपये नकद, 5 अगस्त 2024 को तीन लाख रुपये तथा 30 अगस्त को पांच लाख रुपये नकद दिए।
इसके अलावा 30 अक्तूबर को सात लाख रुपये, 30 नवंबर को दो लाख 50 हजार रुपये और 7 दिसंबर 2024 को पांच लाख 50 हजार रुपये नकद दिए। रितिक ने आरोप लगाया कि उसने रिश्तेदारों से उधार लेकर कुल 48.50 लाख रुपये आरोपियों को दिए। शिकायत के अनुसार 25 जून 2024 को आरोपी उसे कार में दिल्ली लेकर गए जहां उसका मेडिकल कराया गया। इसके बाद 28 जून की रात उसे हवाई टिकट के माध्यम से दिल्ली से कोलकाता और कोलकाता से बैंकाक (थाईलैंड) भेज दिया गया।
वह एक जुलाई 2024 को बैंकाक पहुंचा। वहां से उसे कार के जरिए कंबोडिया ले जाया गया जहां वह करीब दो माह तक रहा। आरोप है कि उसे एक वर्ष का मल्टीपल वीजा दिलवाया गया लेकिन कोई काम नहीं दिलवाया गया। इसके बाद वह एक सितंबर को फ्लाइट से दिल्ली लौट आया।
शिकायत के अनुसार आठ दिसंबर 2024 को अवैध तरीके से तेजवाना बॉर्डर पार करवाकर अमेरिका में प्रवेश कराया गया। वहां रहने के दौरान 23 मार्च 2025 को सरकारी आदेशों के तहत उसे वापस भेज दिया गया। बाद में 13 मई 2025 को उसे दुबई भेज दिया गया जहां वह तीन माह तक रहा लेकिन वहां भी कोई नौकरी नहीं मिली। सदर थाने के जांच अधिकारी बिजेंद्र ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।