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Bhiwani News: जिले में गिरा बेटियों का लिंगानुपात, पांच माह में 923 से घटकर 895 पहुंचा
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भिवानी। जिले में बेटियों का लिंगानुपात चिंता बढ़ाने वाला संकेत दे रहा है। वर्ष 2025 के मुकाबले जिले का लिंगानुपात 28 अंकों की गिरावट के साथ 923 से घटकर 895 पर पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सहेलियां और निगरानी कमेटियां गठित करने के बावजूद लिंगानुपात में सुधार के बजाय गिरावट दर्ज की गई है।
जिला प्रशासन भी समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग के साथ बैठक कर लिंगानुपात सुधारने के प्रयास कर रहा है लेकिन परिणाम विपरीत सामने आ रहे हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रघुबीर शांडिल्य ने बताया कि वर्ष 2025 में जिले का लिंगानुपात 923 था जबकि फिलहाल यह गिरकर 895 पर पहुंच गया है। यह गिरावट एक जनवरी से मई तक के आंकड़ों में दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि लिंगानुपात का 900 से नीचे जाना गंभीर विषय है।
सीएमओ ने बताया कि लिंगानुपात सुधारने के लिए जिले में 1450 महिलाओं को चिन्हित किया गया है। उनकी निगरानी के लिए आशा वर्करों की ड्यूटी सहेली के रूप में लगाई गई है। ये ऐसी महिलाएं हैं जिनके पास पहले से एक या एक से अधिक बेटियां हैं।
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उन्होंने बताया कि गर्भपात किट की बिक्री करने वाले पांच अस्पतालों पर प्राथमिकी भी दर्ज की गई है। सीएमओ ने कहा कि गर्भपात किट बेचना अवैध है। आवश्यकता होने पर स्वास्थ्य विभाग से यह सुविधा ली जा सकती है। जिले में केवल एमटीपी पंजीकृत अस्पतालों में ही गर्भपात किया जा सकता है। यदि कोई अवैध रूप से गर्भपात करता है तो इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी जा सकती है।
उन्होंने बताया कि आठ एसएमओ और एमओ को भी नोटिस जारी किए गए हैं। जिन क्षेत्रों में गर्भपात के मामले अधिक पाए गए वहां लिंगानुपात में सुधार नहीं होने पर यह कार्रवाई की गई है। स्वास्थ्य विभाग अपने स्तर पर लगातार प्रयास कर रहा है।
सीएमओ ने कहा कि लिंगानुपात सुधारने के लिए समाज को भी आगे आना होगा। लिंग जांच और अवैध गर्भपात की सूचना देने पर सरकार की ओर से एक लाख रुपये इनाम देने का प्रावधान है। साथ ही सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाती है।
कम लिंगानुपात वाले गांवों में लगाए जाएंगे बैनर
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने 37 स्थानों पर छापेमारी की है। इनमें से कुछ अस्पतालों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसके अलावा जिन गांवों में लिंगानुपात कम है वहां बैनर लगाकर सूचना प्रदर्शित की जाएगी ताकि लोग जागरूक हों और लिंगानुपात सुधारने के लिए आगे आएं।
जिला प्रशासन भी समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग के साथ बैठक कर लिंगानुपात सुधारने के प्रयास कर रहा है लेकिन परिणाम विपरीत सामने आ रहे हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रघुबीर शांडिल्य ने बताया कि वर्ष 2025 में जिले का लिंगानुपात 923 था जबकि फिलहाल यह गिरकर 895 पर पहुंच गया है। यह गिरावट एक जनवरी से मई तक के आंकड़ों में दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि लिंगानुपात का 900 से नीचे जाना गंभीर विषय है।
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सीएमओ ने बताया कि लिंगानुपात सुधारने के लिए जिले में 1450 महिलाओं को चिन्हित किया गया है। उनकी निगरानी के लिए आशा वर्करों की ड्यूटी सहेली के रूप में लगाई गई है। ये ऐसी महिलाएं हैं जिनके पास पहले से एक या एक से अधिक बेटियां हैं।
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उन्होंने बताया कि आठ एसएमओ और एमओ को भी नोटिस जारी किए गए हैं। जिन क्षेत्रों में गर्भपात के मामले अधिक पाए गए वहां लिंगानुपात में सुधार नहीं होने पर यह कार्रवाई की गई है। स्वास्थ्य विभाग अपने स्तर पर लगातार प्रयास कर रहा है।
सीएमओ ने कहा कि लिंगानुपात सुधारने के लिए समाज को भी आगे आना होगा। लिंग जांच और अवैध गर्भपात की सूचना देने पर सरकार की ओर से एक लाख रुपये इनाम देने का प्रावधान है। साथ ही सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाती है।
कम लिंगानुपात वाले गांवों में लगाए जाएंगे बैनर
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने 37 स्थानों पर छापेमारी की है। इनमें से कुछ अस्पतालों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसके अलावा जिन गांवों में लिंगानुपात कम है वहां बैनर लगाकर सूचना प्रदर्शित की जाएगी ताकि लोग जागरूक हों और लिंगानुपात सुधारने के लिए आगे आएं।