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दो विभागों में खींचतान : छांव नहीं, खतरे का साया बने सड़क किनारे खड़े पेड़, कटाई-छंटाई बाधित
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 20 Mar 2026 12:06 AM IST
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बहल। बहल से भिवानी मार्ग पर सड़क किनारे खड़े पेड़ वाहन चालकों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बने हुए हैं। कई स्थानों पर पेड़ सड़क से महज एक से दो फीट की दूरी पर खड़े हैं जिससे जरा सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है। सड़क के दोनों ओर पेड़ों की टहनियां आपस में मिल जाने से भारी वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है।
पेड़ों की छंटाई और कटाई के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और वन विभाग के बीच जिम्मेदारी तय नहीं हो पा रही है। दोनों विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते नजर आ रहे हैं। लंबे समय से बहल-भिवानी मार्ग पर न तो पेड़ों की छंटाई की गई है और न ही सड़क किनारे उगे खतरनाक पेड़ों को हटाया गया है।
इस लापरवाही के कारण खासकर बहल से ओबरा के बीच सड़क दुर्घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सड़क के बेहद नजदीक खड़े पेड़ों के कारण वाहन चालकों को साइड देते समय खतरा बना रहता है। वाहन का एक पहिया भी सड़क से नीचे उतरने पर चालक संतुलन खो देता है और दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।
हर महीने हो रहीं दुर्घटनाएं
पिछले एक वर्ष से इस मार्ग पर लगभग हर महीने दुर्घटनाएं हो रही हैं। कुछ समय पहले बहल के वेटलिफ्टर नवीन शर्मा की भी इसी मार्ग पर सड़क हादसे में मौत हो गई थी। नूनसर गांव के पास सड़क की ऊंचाई आसपास की जमीन से अधिक होने के कारण खतरा और बढ़ गया है। सड़क निर्माण के दौरान पुरानी सड़क को करीब पांच से छह इंच ऊंचा कर दिया गया जिससे वाहन नीचे उतरते ही असंतुलित हो जाते हैं। दूसरी ओर सड़क के किनारे गहरी खाई भी बनी हुई है, जो विशेषकर रात के समय हादसों का कारण बन रही है।
राजस्थान के बीकानेर, सरदारशहर सहित कई शहरों से दिल्ली आने-जाने के लिए यह सबसे छोटा मार्ग होने के कारण यहां दिन-रात भारी वाहनों का आवागमन रहता है। पेड़ों की आपस में मिली टहनियां जाल जैसी स्थिति बना रही हैं जिनमें लोडेड ट्रक अक्सर उलझ जाते हैं। आंधी-तूफान के दौरान भारी शाखाएं टूटकर सड़क पर गिर जाती हैं जिससे मार्ग बाधित हो जाता है।
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पेड़ों की छंटाई करना या सड़क किनारे से पेड़ हटाने का काम वन विभाग का है। हम उनको समय-समय पर पत्र लिखकर अवगत करा रहे हैं। सड़क किनारे खड़े पेड़ों को व्यवस्थित करना वन विभाग की जिम्मेवारी है। - वतन सिंह जेई, लोक निर्माण विभाग, बहल।
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लोक निर्माण विभाग द्वारा ऐसी किसी परेशानी के बारे में सूचित किया जाता है तो उस पर संज्ञान लेकर पेड़ों को हटाने की अनुमति लेने के लिए विभागीय अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाता है। वन विभाग द्वारा समय समय पर सड़क मार्ग में बाधा बने पेड़ों की छंटाई करने का काम नियमित रूप से किया जाता है। - हरिप्रकाश, वन अधिकारी, बहल।
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पेड़ों की छंटाई और कटाई के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और वन विभाग के बीच जिम्मेदारी तय नहीं हो पा रही है। दोनों विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते नजर आ रहे हैं। लंबे समय से बहल-भिवानी मार्ग पर न तो पेड़ों की छंटाई की गई है और न ही सड़क किनारे उगे खतरनाक पेड़ों को हटाया गया है।
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इस लापरवाही के कारण खासकर बहल से ओबरा के बीच सड़क दुर्घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सड़क के बेहद नजदीक खड़े पेड़ों के कारण वाहन चालकों को साइड देते समय खतरा बना रहता है। वाहन का एक पहिया भी सड़क से नीचे उतरने पर चालक संतुलन खो देता है और दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।
हर महीने हो रहीं दुर्घटनाएं
पिछले एक वर्ष से इस मार्ग पर लगभग हर महीने दुर्घटनाएं हो रही हैं। कुछ समय पहले बहल के वेटलिफ्टर नवीन शर्मा की भी इसी मार्ग पर सड़क हादसे में मौत हो गई थी। नूनसर गांव के पास सड़क की ऊंचाई आसपास की जमीन से अधिक होने के कारण खतरा और बढ़ गया है। सड़क निर्माण के दौरान पुरानी सड़क को करीब पांच से छह इंच ऊंचा कर दिया गया जिससे वाहन नीचे उतरते ही असंतुलित हो जाते हैं। दूसरी ओर सड़क के किनारे गहरी खाई भी बनी हुई है, जो विशेषकर रात के समय हादसों का कारण बन रही है।
राजस्थान के बीकानेर, सरदारशहर सहित कई शहरों से दिल्ली आने-जाने के लिए यह सबसे छोटा मार्ग होने के कारण यहां दिन-रात भारी वाहनों का आवागमन रहता है। पेड़ों की आपस में मिली टहनियां जाल जैसी स्थिति बना रही हैं जिनमें लोडेड ट्रक अक्सर उलझ जाते हैं। आंधी-तूफान के दौरान भारी शाखाएं टूटकर सड़क पर गिर जाती हैं जिससे मार्ग बाधित हो जाता है।
पेड़ों की छंटाई करना या सड़क किनारे से पेड़ हटाने का काम वन विभाग का है। हम उनको समय-समय पर पत्र लिखकर अवगत करा रहे हैं। सड़क किनारे खड़े पेड़ों को व्यवस्थित करना वन विभाग की जिम्मेवारी है। - वतन सिंह जेई, लोक निर्माण विभाग, बहल।
लोक निर्माण विभाग द्वारा ऐसी किसी परेशानी के बारे में सूचित किया जाता है तो उस पर संज्ञान लेकर पेड़ों को हटाने की अनुमति लेने के लिए विभागीय अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाता है। वन विभाग द्वारा समय समय पर सड़क मार्ग में बाधा बने पेड़ों की छंटाई करने का काम नियमित रूप से किया जाता है। - हरिप्रकाश, वन अधिकारी, बहल।