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Chandigarh-Haryana News: बेटी की शादी के लिए 60 व मृतक श्रमिकों के आश्रितों को 15 दिन में लाभ
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- हरियाणा सरकार ने तय की 29 योजनाओं की समय-सीमा, प्राधिकारी भी किए नियुक्त
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश सरकार ने आम नागरिकों और श्रमिकों को बड़ी राहत देते हुए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली सेवाओं और आर्थिक सहायता के लिए समय सीमा तय कर दी है। 3 फरवरी 2026 को हरियाणा राजपत्र (अतिरिक्त) में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार सरकार ने कुल 29 सेवाओं और योजनाओं के लिए यह तय कर दिया है कि आवेदन के बाद कितने दिनों में लाभ मिलेगा, कौन अधिकारी जिम्मेदार होगा और शिकायत की स्थिति में किस स्तर पर समाधान होगा।
अधिसूचना के अनुसार हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड से जुड़ी अधिकांश योजनाओं में 60 दिनों की समय सीमा निर्धारित की गई है। इनमें श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा सहायता, खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने पर सहायता, औद्योगिक प्रशिक्षण, कंप्यूटर शिक्षा, सिलाई, स्कूटी सहायता, औजार व उपकरण खरीद सहायता, बेटियों की शादी के लिए कन्यादान सहायता, बेटों की शादी के लिए सहायता, पारिवारिक पेंशन और सिलिकोसिस पीड़ितों से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
कुछ विशेष मामलों में सरकार ने 15 दिनों की त्वरित समय सीमा तय की है। मृतक श्रमिकों के आश्रितों को आर्थिक सहायता, मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजना, मृत्यु उपरांत सहायता और अंतिम संस्कार सहायता जैसे मामलों में आवेदन के 15 दिनों के भीतर लाभ देना अनिवार्य किया गया है।
अंतिम फैसला श्रम आयुक्त लेंगे
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी योजनाओं में प्रथम शिकायत निवारण अधिकारी श्रम कल्याण अधिकारी होंगे। अगर यहां समाधान नहीं होता है तो उप श्रम आयुक्त (कल्याण) को द्वितीय शिकायत निवारण अधिकारी बनाया गया है। अंतिम स्तर पर श्रम आयुक्त हरियाणा के पास फैसले का अधिकार होगा। सिलिकोसिस से पीड़ित श्रमिकों के लिए अलग से प्रावधान किए गए हैं। सिलिकोसिस पुनर्वास सहायता, पुनर्वास पेंशन और मृत्यु उपरांत सहायता के मामलों में भी 60 और 15 दिनों की समय सीमा तय की गई है जिसमें सहायक निदेशक और संबंधित संयुक्त निदेशक को जिम्मेदारी सौंपी गई है। समय-सीमा का उल्लंघन होने पर संबंधित अधिकारी जवाबदेह होंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश सरकार ने आम नागरिकों और श्रमिकों को बड़ी राहत देते हुए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली सेवाओं और आर्थिक सहायता के लिए समय सीमा तय कर दी है। 3 फरवरी 2026 को हरियाणा राजपत्र (अतिरिक्त) में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार सरकार ने कुल 29 सेवाओं और योजनाओं के लिए यह तय कर दिया है कि आवेदन के बाद कितने दिनों में लाभ मिलेगा, कौन अधिकारी जिम्मेदार होगा और शिकायत की स्थिति में किस स्तर पर समाधान होगा।
अधिसूचना के अनुसार हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड से जुड़ी अधिकांश योजनाओं में 60 दिनों की समय सीमा निर्धारित की गई है। इनमें श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा सहायता, खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने पर सहायता, औद्योगिक प्रशिक्षण, कंप्यूटर शिक्षा, सिलाई, स्कूटी सहायता, औजार व उपकरण खरीद सहायता, बेटियों की शादी के लिए कन्यादान सहायता, बेटों की शादी के लिए सहायता, पारिवारिक पेंशन और सिलिकोसिस पीड़ितों से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
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कुछ विशेष मामलों में सरकार ने 15 दिनों की त्वरित समय सीमा तय की है। मृतक श्रमिकों के आश्रितों को आर्थिक सहायता, मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजना, मृत्यु उपरांत सहायता और अंतिम संस्कार सहायता जैसे मामलों में आवेदन के 15 दिनों के भीतर लाभ देना अनिवार्य किया गया है।
अंतिम फैसला श्रम आयुक्त लेंगे
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी योजनाओं में प्रथम शिकायत निवारण अधिकारी श्रम कल्याण अधिकारी होंगे। अगर यहां समाधान नहीं होता है तो उप श्रम आयुक्त (कल्याण) को द्वितीय शिकायत निवारण अधिकारी बनाया गया है। अंतिम स्तर पर श्रम आयुक्त हरियाणा के पास फैसले का अधिकार होगा। सिलिकोसिस से पीड़ित श्रमिकों के लिए अलग से प्रावधान किए गए हैं। सिलिकोसिस पुनर्वास सहायता, पुनर्वास पेंशन और मृत्यु उपरांत सहायता के मामलों में भी 60 और 15 दिनों की समय सीमा तय की गई है जिसमें सहायक निदेशक और संबंधित संयुक्त निदेशक को जिम्मेदारी सौंपी गई है। समय-सीमा का उल्लंघन होने पर संबंधित अधिकारी जवाबदेह होंगे।
