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Chandigarh-Haryana News: विदेश से एमबीबीएस से पहले जांच लें मान्यता, वरना भारत में नहीं मिलेगी प्रैक्टिस की अनुमति
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हरियाणा मेडिकल काउंसिल ने छात्रों और अभिभावकों को किया सतर्क, कई विदेशी मेडिकल संस्थानों में दाखिले से बचने की सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। विदेश से एमबीबीएस करने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए हरियाणा मेडिकल काउंसिल ने अहम चेतावनी जारी की है। काउंसिल ने सतर्क किया है कि विदेशी मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेने से पहले उसकी मान्यता और नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट लाइसेंशिएट (एफएमजीएल) नियम 2021 का पालन जरूर जांच लें। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों से पढ़ाई करने पर भारत में डॉक्टर के रूप में पंजीकरण और प्रैक्टिस में परेशानी आ सकती है।
काउंसिल ने कहा कि विदेश से मेडिकल डिग्री लेकर भारत में प्रैक्टिस करने के लिए पढ़ाई कम से कम 54 महीने एक ही संस्थान में पूरी होना जरूरी है। इसके बाद 12 महीने की इंटर्नशिप भी उसी विदेशी विश्वविद्यालय में करनी होगी। क्लिनिकल ट्रेनिंग अलग-अलग देशों या संस्थानों में नहीं बांटी जा सकती। पढ़ाई का माध्यम अंग्रेजी होना चाहिए, निर्धारित विषयों का अध्ययन अनिवार्य है और संस्थान संबंधित देश की मेडिकल नियामक संस्था से मान्यता प्राप्त होना चाहिए।
काउंसिल के अनुसार उज्बेकिस्तान की कुछ मेडिकल यूनिवर्सिटीज में इन नियमों के उल्लंघन की शिकायतें मिली हैं। खासकर ताशकंद स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी की टर्मेज शाखा और बेंगलुरु स्थित टीआईटी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की ओर से संयुक्त रूप से संचालित ऑफशोर कैंपस मॉडल पर गंभीर आपत्तियां दर्ज की गई हैं। काउंसिल ने छात्रों और अभिभावकों से कहा है कि किसी भी एजेंट या संस्थान के झांसे में न आएं। कोई भी संस्थान बिना नीट उत्तीर्ण किए मेडिकल दाखिले की गारंटी नहीं दे सकता। फीस जमा करने से पहले संस्थान की मान्यता की जांच करें, एनएमसी के नियमों का पालन सुनिश्चित करें और जरूरत पड़ने पर भारतीय दूतावास या एनएमसी से जानकारी लें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की शिकायत तुरंत एनएमसी को करें। काउंसिल ने स्पष्ट किया कि यह सलाह छात्रों के हितों की सुरक्षा के लिए जारी की गई है ताकि वे गलत संस्थानों में दाखिला लेकर भविष्य में किसी परेशानी का सामना न करें।
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इन विदेशी मेडिकल संस्थानों में दाखिले से बचने की सलाह
बुखारा स्टेट मेडिकल इंस्टीट्यूट (बीएसएमआई) उज्बेकिस्तान
समरकंद स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी (एसएसएमयू), उज्बेकिस्तान
ताशकंद स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी (टीएसएमयू), उज्बेकिस्तान
टीएसएमयू की टर्मेज शाखा उज्बेकिस्तान
टीआईटी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, बेंगलुरु (टीएसएमयू टर्मेज शाखा का ऑफशोर कैंपस मॉडल)
सेंट्रल अमेरिकन हेल्थ एंड साइंसेज यूनिवर्सिटी, बेलीज
कोलंबस सेंट्रल यूनिवर्सिटी, बेलीज
वाशिंगटन यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ एंड साइंसेज, बेलीज
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। विदेश से एमबीबीएस करने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए हरियाणा मेडिकल काउंसिल ने अहम चेतावनी जारी की है। काउंसिल ने सतर्क किया है कि विदेशी मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेने से पहले उसकी मान्यता और नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट लाइसेंशिएट (एफएमजीएल) नियम 2021 का पालन जरूर जांच लें। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों से पढ़ाई करने पर भारत में डॉक्टर के रूप में पंजीकरण और प्रैक्टिस में परेशानी आ सकती है।
काउंसिल ने कहा कि विदेश से मेडिकल डिग्री लेकर भारत में प्रैक्टिस करने के लिए पढ़ाई कम से कम 54 महीने एक ही संस्थान में पूरी होना जरूरी है। इसके बाद 12 महीने की इंटर्नशिप भी उसी विदेशी विश्वविद्यालय में करनी होगी। क्लिनिकल ट्रेनिंग अलग-अलग देशों या संस्थानों में नहीं बांटी जा सकती। पढ़ाई का माध्यम अंग्रेजी होना चाहिए, निर्धारित विषयों का अध्ययन अनिवार्य है और संस्थान संबंधित देश की मेडिकल नियामक संस्था से मान्यता प्राप्त होना चाहिए।
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काउंसिल के अनुसार उज्बेकिस्तान की कुछ मेडिकल यूनिवर्सिटीज में इन नियमों के उल्लंघन की शिकायतें मिली हैं। खासकर ताशकंद स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी की टर्मेज शाखा और बेंगलुरु स्थित टीआईटी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की ओर से संयुक्त रूप से संचालित ऑफशोर कैंपस मॉडल पर गंभीर आपत्तियां दर्ज की गई हैं। काउंसिल ने छात्रों और अभिभावकों से कहा है कि किसी भी एजेंट या संस्थान के झांसे में न आएं। कोई भी संस्थान बिना नीट उत्तीर्ण किए मेडिकल दाखिले की गारंटी नहीं दे सकता। फीस जमा करने से पहले संस्थान की मान्यता की जांच करें, एनएमसी के नियमों का पालन सुनिश्चित करें और जरूरत पड़ने पर भारतीय दूतावास या एनएमसी से जानकारी लें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की शिकायत तुरंत एनएमसी को करें। काउंसिल ने स्पष्ट किया कि यह सलाह छात्रों के हितों की सुरक्षा के लिए जारी की गई है ताकि वे गलत संस्थानों में दाखिला लेकर भविष्य में किसी परेशानी का सामना न करें।
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इन विदेशी मेडिकल संस्थानों में दाखिले से बचने की सलाह
बुखारा स्टेट मेडिकल इंस्टीट्यूट (बीएसएमआई) उज्बेकिस्तान
समरकंद स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी (एसएसएमयू), उज्बेकिस्तान
ताशकंद स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी (टीएसएमयू), उज्बेकिस्तान
टीएसएमयू की टर्मेज शाखा उज्बेकिस्तान
टीआईटी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, बेंगलुरु (टीएसएमयू टर्मेज शाखा का ऑफशोर कैंपस मॉडल)
सेंट्रल अमेरिकन हेल्थ एंड साइंसेज यूनिवर्सिटी, बेलीज
कोलंबस सेंट्रल यूनिवर्सिटी, बेलीज
वाशिंगटन यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ एंड साइंसेज, बेलीज