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Chandigarh-Haryana News: टीबी मुक्त भारत एप पर 35,229 पंजीकरण के साथ हरियाणा देश में दूसरे नंबर पर
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जांच, निवारक उपचार और मरीजों की देखभाल में भी राज्य का प्रदर्शन बेहतर, 100 दिवसीय अभियान की समीक्षा बैठक में सामने आई उपलब्धियां
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। टीबी उन्मूलन अभियान में हरियाणा ने टीबी मुक्त भारत एप पर 35,229 पंजीकरण के साथ देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इसके साथ ही टीबी की जांच, निवारक उपचार और मरीजों की देखभाल के कई मानकों पर भी हरियाणा का प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है। यह जानकारी मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान की समीक्षा बैठक में दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि 24 मार्च 2026 से शुरू हुए अभियान के बाद राज्य में टीबी नियंत्रण से जुड़े लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों में सुधार दर्ज किया गया है। अभियान से अब तक 22,888 स्वयंसेवक और 2,067 निक्षय मित्र जुड़े हैं। वहीं, 1 जनवरी से 23 जुलाई 2026 के बीच सामने आए 51,526 टीबी मरीजों में से 8,939 मरीजों ने टीबी मुक्त भारत एप पर पंजीकरण कराया है जिससे उनका इलाज और निगरानी आसान हुई है। राज्य में टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (टीपीटी) का कवरेज 31 प्रतिशत से बढ़कर 49 प्रतिशत हो गया है। पात्र 44,574 पारिवारिक संपर्कों में से 21,697 लोगों को निवारक उपचार दिया जा चुका है। 14 जिले 50 प्रतिशत से अधिक कवरेज हासिल कर चुके हैं। टीबी की जल्द पहचान के लिए अब तक 4,711 स्क्रीनिंग कैंप लगाए गए जिनमें 5.31 लाख से अधिक लोगों की जांच हुई। इस दौरान 2.57 लाख से ज्यादा छाती के एक्स-रे किए गए। जांच व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने हरियाणा को 200 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें दी हैं जिनमें से 36 स्थापित हो चुकी हैं।
राज्य में एनएएटी (न्यूक्लिक एसिड एम्प्लीफिकेशन टेस्ट) आधारित मॉलिक्युलर जांच का कवरेज 42 प्रतिशत से बढ़कर 67 प्रतिशत और डिफरेंशिएटेड टीबी केयर का कवरेज 71 प्रतिशत तक पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य अगस्त 2026 तक सभी पात्र मरीजों की शुरुआती एनएएटी जांच सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही निक्षय पोषण योजना और निक्षय मित्र पहल के तहत हजारों टीबी मरीजों को आर्थिक और पोषण सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। टीबी उन्मूलन अभियान में हरियाणा ने टीबी मुक्त भारत एप पर 35,229 पंजीकरण के साथ देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इसके साथ ही टीबी की जांच, निवारक उपचार और मरीजों की देखभाल के कई मानकों पर भी हरियाणा का प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है। यह जानकारी मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान की समीक्षा बैठक में दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि 24 मार्च 2026 से शुरू हुए अभियान के बाद राज्य में टीबी नियंत्रण से जुड़े लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों में सुधार दर्ज किया गया है। अभियान से अब तक 22,888 स्वयंसेवक और 2,067 निक्षय मित्र जुड़े हैं। वहीं, 1 जनवरी से 23 जुलाई 2026 के बीच सामने आए 51,526 टीबी मरीजों में से 8,939 मरीजों ने टीबी मुक्त भारत एप पर पंजीकरण कराया है जिससे उनका इलाज और निगरानी आसान हुई है। राज्य में टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (टीपीटी) का कवरेज 31 प्रतिशत से बढ़कर 49 प्रतिशत हो गया है। पात्र 44,574 पारिवारिक संपर्कों में से 21,697 लोगों को निवारक उपचार दिया जा चुका है। 14 जिले 50 प्रतिशत से अधिक कवरेज हासिल कर चुके हैं। टीबी की जल्द पहचान के लिए अब तक 4,711 स्क्रीनिंग कैंप लगाए गए जिनमें 5.31 लाख से अधिक लोगों की जांच हुई। इस दौरान 2.57 लाख से ज्यादा छाती के एक्स-रे किए गए। जांच व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने हरियाणा को 200 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें दी हैं जिनमें से 36 स्थापित हो चुकी हैं।
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राज्य में एनएएटी (न्यूक्लिक एसिड एम्प्लीफिकेशन टेस्ट) आधारित मॉलिक्युलर जांच का कवरेज 42 प्रतिशत से बढ़कर 67 प्रतिशत और डिफरेंशिएटेड टीबी केयर का कवरेज 71 प्रतिशत तक पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य अगस्त 2026 तक सभी पात्र मरीजों की शुरुआती एनएएटी जांच सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही निक्षय पोषण योजना और निक्षय मित्र पहल के तहत हजारों टीबी मरीजों को आर्थिक और पोषण सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।
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