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Chandigarh-Haryana News: धान घोटाले के बाद राइस मिलों पर सख्ती, तीन जिलों में विशेष टीमें जांच करेंगी
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फोटो -
राशन डिपो के स्टॉक की निगरानी के लिए मुख्यालय स्तर पर बनेगी विशेष टीम
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में धान घोटाले के बाद बढ़ी सतर्कता के बीच प्रदेश की 1,401 राइस मिलों के सत्यापन कार्य की समीक्षा करते हुए तीन जिलाें करनाल, हिसार और यमुनानगर की राइस मिलों में कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) की जांच के लिए मुख्यालय से विशेष टीमें भेजने के निर्देश दिए गए है। चंडीगढ़ में विभागीय समीक्षा बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री राजेश नागर ने राइस मिलों और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की निगरानी को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश की 1,401 राइस मिलों में से 524 का फिजिकल वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है जबकि शेष मिलों का सत्यापन 30 जून तक पूरा कर लिया जाएगा। मंत्री नागर ने सरकारी खरीद के बाद भंडारण की समस्या पर अधिकारियों को भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की तर्ज पर केंद्रीय गारंटी आधारित वेयरहाउसिंग नीति तैयार करने का सुझाव दिया। खरीफ विपणन सत्र 2026-27 की तैयारियों के तहत 54 हजार जूट गांठों की आवश्यकता को देखते हुए जूट आयुक्त कोलकाता को ऑर्डर भेजा जा चुका है।
मंत्री ने राशन वितरण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए मुख्यालय स्तर पर विशेष निगरानी टीम गठित करने के निर्देश दिए। यह टीम प्रदेश के राशन डिपो के स्टॉक पर नजर रखेगी और हर महीने चार से पांच बार रैंडम निरीक्षण करेगी। कहा कि डिपो संचालकों की मार्जिन मनी प्रत्येक माह की 10 तारीख तक उनके खातों में पहुंचनी चाहिए। साथ ही 4,000 नए राशन डिपो खोलने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
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विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. जे गणेशन ने बताया कि डिपो संचालकों की मार्जिन मनी के भुगतान के लिए विशेष पोर्टल तैयार किया जा रहा है। इसके शुरू होने के बाद भुगतान प्रक्रिया स्वचालित हो जाएगी और राशि सीधे खातों में पहुंचेगी। अप्रैल 2026 के लिए 42.90 करोड़ रुपये की राशि पहले ही जारी की जा चुकी है।
राशन डिपो के स्टॉक की निगरानी के लिए मुख्यालय स्तर पर बनेगी विशेष टीम
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में धान घोटाले के बाद बढ़ी सतर्कता के बीच प्रदेश की 1,401 राइस मिलों के सत्यापन कार्य की समीक्षा करते हुए तीन जिलाें करनाल, हिसार और यमुनानगर की राइस मिलों में कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) की जांच के लिए मुख्यालय से विशेष टीमें भेजने के निर्देश दिए गए है। चंडीगढ़ में विभागीय समीक्षा बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री राजेश नागर ने राइस मिलों और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की निगरानी को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश की 1,401 राइस मिलों में से 524 का फिजिकल वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है जबकि शेष मिलों का सत्यापन 30 जून तक पूरा कर लिया जाएगा। मंत्री नागर ने सरकारी खरीद के बाद भंडारण की समस्या पर अधिकारियों को भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की तर्ज पर केंद्रीय गारंटी आधारित वेयरहाउसिंग नीति तैयार करने का सुझाव दिया। खरीफ विपणन सत्र 2026-27 की तैयारियों के तहत 54 हजार जूट गांठों की आवश्यकता को देखते हुए जूट आयुक्त कोलकाता को ऑर्डर भेजा जा चुका है।
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मंत्री ने राशन वितरण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए मुख्यालय स्तर पर विशेष निगरानी टीम गठित करने के निर्देश दिए। यह टीम प्रदेश के राशन डिपो के स्टॉक पर नजर रखेगी और हर महीने चार से पांच बार रैंडम निरीक्षण करेगी। कहा कि डिपो संचालकों की मार्जिन मनी प्रत्येक माह की 10 तारीख तक उनके खातों में पहुंचनी चाहिए। साथ ही 4,000 नए राशन डिपो खोलने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. जे गणेशन ने बताया कि डिपो संचालकों की मार्जिन मनी के भुगतान के लिए विशेष पोर्टल तैयार किया जा रहा है। इसके शुरू होने के बाद भुगतान प्रक्रिया स्वचालित हो जाएगी और राशि सीधे खातों में पहुंचेगी। अप्रैल 2026 के लिए 42.90 करोड़ रुपये की राशि पहले ही जारी की जा चुकी है।