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Chandigarh-Haryana News: सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतें गिरेंगी, नए भवन बनने तक दूसरे स्कूलों में लगेंगी कक्षाएं
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फोटो समाचार
मुख्यमंत्री ने सीएमजीजीए व वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता की
सीएमजीजीए की रिपोर्ट में जिन स्कूलों में कमियां मिली हैं उनकी रिपोर्ट तलब की गई
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य के सरकारी स्कूलों की जर्जर हो चुकी सभी पुरानी इमारतों को गिराकर नए भवन बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि गर्मी की छुट्टियां खत्म होने के बाद किसी भी बच्चे की पढ़ाई खस्ताहाल भवन में नहीं होनी चाहिए। जब तक नए भवन तैयार नहीं हो जाते तब तक बच्चों की कक्षाएं पास के सरकारी भवन या दूसरे सरकारी स्कूलों में लगाई जाएं। शनिवार को हरियाणा निवास में अधिकारियों और मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगियों (सीएमजीजीए) के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि नए स्कूल भवन आधुनिक और आकर्षक बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि इमारतें ऊंचाई (वर्टिकल) में बनाई जाएं ताकि बची हुई जमीन का इस्तेमाल बच्चों के खेल मैदान के रूप में किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को नए भवनों के निर्माण के लिए जल्द से जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। कहा कि जिन स्कूलों में नई इमारत की जरूरत है वहां निर्माण कार्य में कोई देरी नहीं होनी चाहिए। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्कूलों में विज्ञान प्रयोगशाला, कंप्यूटर लैब और दूसरी जरूरी सुविधाएं सही तरीके से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों में ड्यूल डेस्क जल्द उपलब्ध कराने और पुराने कंप्यूटर व अन्य बेकार उपकरणों की एक महीने के भीतर नीलामी कराने के भी आदेश दिए। सीएमजीजीए की रिपोर्ट में जिन स्कूलों में कमियां मिली हैं उनकी रिपोर्ट तलब की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यवस्थाओं को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) से लेकर स्कूल के प्रिंसिपल और मुख्य अध्यापक तक सभी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। अगर किसी स्कूल में लापरवाही मिली तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने क्लास-ए अधिकारियों को भी स्कूलों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में जल परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि गांवों में महाग्राम योजना के तहत चल रहे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के कार्य समय पर पूरे कराए जाएं। बारिश के मौसम को देखते हुए नालों और सीवरेज की सफाई कराने के भी निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति तक साफ और सुरक्षित पेयजल पहुंचना चाहिए।
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मुख्यमंत्री ने सीएमजीजीए व वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता की
सीएमजीजीए की रिपोर्ट में जिन स्कूलों में कमियां मिली हैं उनकी रिपोर्ट तलब की गई
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य के सरकारी स्कूलों की जर्जर हो चुकी सभी पुरानी इमारतों को गिराकर नए भवन बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि गर्मी की छुट्टियां खत्म होने के बाद किसी भी बच्चे की पढ़ाई खस्ताहाल भवन में नहीं होनी चाहिए। जब तक नए भवन तैयार नहीं हो जाते तब तक बच्चों की कक्षाएं पास के सरकारी भवन या दूसरे सरकारी स्कूलों में लगाई जाएं। शनिवार को हरियाणा निवास में अधिकारियों और मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगियों (सीएमजीजीए) के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि नए स्कूल भवन आधुनिक और आकर्षक बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि इमारतें ऊंचाई (वर्टिकल) में बनाई जाएं ताकि बची हुई जमीन का इस्तेमाल बच्चों के खेल मैदान के रूप में किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को नए भवनों के निर्माण के लिए जल्द से जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। कहा कि जिन स्कूलों में नई इमारत की जरूरत है वहां निर्माण कार्य में कोई देरी नहीं होनी चाहिए। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्कूलों में विज्ञान प्रयोगशाला, कंप्यूटर लैब और दूसरी जरूरी सुविधाएं सही तरीके से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों में ड्यूल डेस्क जल्द उपलब्ध कराने और पुराने कंप्यूटर व अन्य बेकार उपकरणों की एक महीने के भीतर नीलामी कराने के भी आदेश दिए। सीएमजीजीए की रिपोर्ट में जिन स्कूलों में कमियां मिली हैं उनकी रिपोर्ट तलब की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यवस्थाओं को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) से लेकर स्कूल के प्रिंसिपल और मुख्य अध्यापक तक सभी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। अगर किसी स्कूल में लापरवाही मिली तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने क्लास-ए अधिकारियों को भी स्कूलों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
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बैठक में जल परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि गांवों में महाग्राम योजना के तहत चल रहे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के कार्य समय पर पूरे कराए जाएं। बारिश के मौसम को देखते हुए नालों और सीवरेज की सफाई कराने के भी निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति तक साफ और सुरक्षित पेयजल पहुंचना चाहिए।
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