{"_id":"6a71dd461e0c25d9d5029090","slug":"food-testing-for-just-20-mobile-lab-to-reach-doorsteps-chandigarh-haryana-news-c-16-pkl1010-1087986-2026-08-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh-Haryana News: सिर्फ 20 रुपये में खाद्य पदार्थों की जांच, घर-घर पहुंचेगी मोबाइल लैब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh-Haryana News: सिर्फ 20 रुपये में खाद्य पदार्थों की जांच, घर-घर पहुंचेगी मोबाइल लैब
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्य सरकार फिर संचालित करेगी फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स
तीज और रक्षाबंधन से पहले घेवर व फिरनी की जांच तेज
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने मिलावटी व खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों पर रोक लगाने के लिए पहल शुरू की है। अब लोगों को खाने-पीने की चीजों की जांच के लिए दूर लैब में जाने की जरूरत नहीं होगी। सरकार मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के जरिए यह सुविधा लोगों के नजदीक उनके इलाके तक पहुंचाएगी। इस योजना के तहत राज्य की पांच फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स वैन दोबारा शुरू की जाएंगी। ये वैन पंचकूला, करनाल, हिसार, सोनीपत और रेवाड़ी में चलेंगी। साथ ही एनसीआर क्षेत्र के लिए 28 नई मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब वैन भी खरीदी जा रही हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि लोग अब सिर्फ 20 रुपये प्रति नमूना देकर अपने खाद्य पदार्थों की वैज्ञानिक जांच करवा सकेंगे। इससे मिलावटी और घटिया खाद्य पदार्थों की पहचान आसान होगी और लोगों को सुरक्षित भोजन मिलेगा। मोबाइल लैब में आधुनिक जांच उपकरण लगाए जाएंगे। इनमें मौके पर ही दूध, मिठाई, मसाले, तेल और अन्य खाद्य पदार्थों की जांच की जा सकेगी। ये वैन बाजारों, स्कूलों, कॉलेजों, मेलों, त्योहारों और विशेष जांच अभियानों के दौरान भी काम करेंगी। सरकार इन पुरानी वैन की मरम्मत और आधुनिक उपकरणों से लैस करने पर करीब 33.79 लाख रुपये खर्च करेगी। इसके अलावा 28 नई वैन आने के बाद खाद्य जांच सेवाओं का दायरा पूरे एनसीआर क्षेत्र में बढ़ जाएगा।
तीज-रक्षाबंधन पर घेवर-फिरनी की जांच तेज, 3 नमूने फेल
तीज और रक्षाबंधन के त्योहार को देखते हुए हरियाणा के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने घेवर और फिरनी में मिलावट रोकने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। 16 जुलाई से 2 अगस्त के बीच पूरे राज्य से घेवर और फिरनी के 122 नमूने जांच के लिए लिए गए। इनमें से अब तक 18 नमूनों की रिपोर्ट आ चुकी है। इनमें 15 नमूने सही पाए गए जबकि 3 नमूने खाद्य सुरक्षा के मानकों पर खरे नहीं उतरे। बाकी नमूनों की जांच अभी प्रयोगशाला में जारी है। एफडीए का कहना है कि त्योहारों के दौरान लोगों को शुद्ध और सुरक्षित मिठाइयां मिलें इसके लिए जांच अभियान लगातार जारी रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
तीज और रक्षाबंधन से पहले घेवर व फिरनी की जांच तेज
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने मिलावटी व खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों पर रोक लगाने के लिए पहल शुरू की है। अब लोगों को खाने-पीने की चीजों की जांच के लिए दूर लैब में जाने की जरूरत नहीं होगी। सरकार मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के जरिए यह सुविधा लोगों के नजदीक उनके इलाके तक पहुंचाएगी। इस योजना के तहत राज्य की पांच फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स वैन दोबारा शुरू की जाएंगी। ये वैन पंचकूला, करनाल, हिसार, सोनीपत और रेवाड़ी में चलेंगी। साथ ही एनसीआर क्षेत्र के लिए 28 नई मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब वैन भी खरीदी जा रही हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि लोग अब सिर्फ 20 रुपये प्रति नमूना देकर अपने खाद्य पदार्थों की वैज्ञानिक जांच करवा सकेंगे। इससे मिलावटी और घटिया खाद्य पदार्थों की पहचान आसान होगी और लोगों को सुरक्षित भोजन मिलेगा। मोबाइल लैब में आधुनिक जांच उपकरण लगाए जाएंगे। इनमें मौके पर ही दूध, मिठाई, मसाले, तेल और अन्य खाद्य पदार्थों की जांच की जा सकेगी। ये वैन बाजारों, स्कूलों, कॉलेजों, मेलों, त्योहारों और विशेष जांच अभियानों के दौरान भी काम करेंगी। सरकार इन पुरानी वैन की मरम्मत और आधुनिक उपकरणों से लैस करने पर करीब 33.79 लाख रुपये खर्च करेगी। इसके अलावा 28 नई वैन आने के बाद खाद्य जांच सेवाओं का दायरा पूरे एनसीआर क्षेत्र में बढ़ जाएगा।
विज्ञापन
तीज-रक्षाबंधन पर घेवर-फिरनी की जांच तेज, 3 नमूने फेल
तीज और रक्षाबंधन के त्योहार को देखते हुए हरियाणा के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने घेवर और फिरनी में मिलावट रोकने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। 16 जुलाई से 2 अगस्त के बीच पूरे राज्य से घेवर और फिरनी के 122 नमूने जांच के लिए लिए गए। इनमें से अब तक 18 नमूनों की रिपोर्ट आ चुकी है। इनमें 15 नमूने सही पाए गए जबकि 3 नमूने खाद्य सुरक्षा के मानकों पर खरे नहीं उतरे। बाकी नमूनों की जांच अभी प्रयोगशाला में जारी है। एफडीए का कहना है कि त्योहारों के दौरान लोगों को शुद्ध और सुरक्षित मिठाइयां मिलें इसके लिए जांच अभियान लगातार जारी रहेगा।
विज्ञापन