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Haryana: चिराग योजना में यू-टर्न, आय सीमा फिर 1.80 लाख पर लौटी; पहले 8 लाख तक बढ़ाई थी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Tue, 31 Mar 2026 10:37 AM IST
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सार
शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए चिराग योजना के तहत 47,250 सीटें निर्धारित की हैं। इन सीटों पर दाखिले के लिए परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) अनिवार्य किया गया है, जिसमें दर्ज सत्यापित आय को ही आधार माना जाएगा।
हरियाणा शिक्षा विभाग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हरियाणा में शिक्षा विभाग ने चिराग योजना को लेकर बड़ा बदलाव करते हुए आय सीमा फिर से घटा दी है। पहले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के दायरे को बढ़ाते हुए अभिभावकों की वार्षिक आय सीमा 1.80 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दी गई थी, लेकिन अब विभाग ने इस फैसले को वापस लेते हुए दोबारा 1.80 लाख रुपये कर दिया है।
इस फैसले के साथ ही योजना का दायरा काफी सीमित हो गया है। अब केवल वही छात्र प्राइवेट मान्यता प्राप्त स्कूलों में दाखिले के पात्र होंगे, जिनके परिवार की सालाना आय 1.80 लाख रुपये या उससे कम है।
सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नए नियमों के अनुसार दाखिला प्रक्रिया शुरू करें और पात्र बच्चों को ही लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। इस बदलाव के बाद अब योजना का फोकस फिर से जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों पर केंद्रित हो गया है।
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इस फैसले के साथ ही योजना का दायरा काफी सीमित हो गया है। अब केवल वही छात्र प्राइवेट मान्यता प्राप्त स्कूलों में दाखिले के पात्र होंगे, जिनके परिवार की सालाना आय 1.80 लाख रुपये या उससे कम है।
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47,250 सीटों पर होंगे दाखिले, पीपीपी अनिवार्य
शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए चिराग योजना के तहत 47,250 सीटें निर्धारित की हैं। इन सीटों पर दाखिले के लिए परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) अनिवार्य किया गया है, जिसमें दर्ज सत्यापित आय को ही आधार माना जाएगा।सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नए नियमों के अनुसार दाखिला प्रक्रिया शुरू करें और पात्र बच्चों को ही लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। इस बदलाव के बाद अब योजना का फोकस फिर से जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों पर केंद्रित हो गया है।