{"_id":"6a83f2bf89ec619f6c010598","slug":"haryana-patwaris-announce-sit-in-protests-for-august-20-21-against-flaws-in-new-portal-digital-survey-2026-08-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haryana: पटवारियों का 20-21 अगस्त को धरने प्रदर्शन का एलान, नए पोर्टल और डिजिटल सर्वे में खामियों का विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haryana: पटवारियों का 20-21 अगस्त को धरने प्रदर्शन का एलान, नए पोर्टल और डिजिटल सर्वे में खामियों का विरोध
Tue, 18 Aug 2026 11:22 AM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Tue, 18 Aug 2026 11:22 AM IST
सार
राजस्व विभाग के नए पोर्टल में रिकॉर्ड संबंधी गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। तकनीकी दिक्कतों के कारण हर दिन नई समस्याएं पैदा हो रही हैं। इन समस्याओं के बारे में निदेशक और आईटी टीम को कई बार सूचित किया जा चुका है।
विज्ञापन
Protest
- फोटो : Adobestock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा में राजस्व पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन ने 20 और 21 अगस्त को दो दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन करने का फैसला किया है। यह धरना राजस्व विभाग के नए पोर्टल में आ रही तकनीकी समस्याओं और डिजिटल फसल सर्वेक्षण में खामियों के विरोध में किया जाएगा। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि 21 अगस्त तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो यह सांकेतिक धरना अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल जाएगा।
विज्ञापन
एसोसिएशन ने वित्तायुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग को पत्र लिखकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया है। उनका कहना है कि जमाबंदी और इंतकाल के लिए लागू किए गए नए पोर्टल में पिछले चार महीनों से रिकॉर्ड संबंधी अनियमितताएं और तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। इन समस्याओं के कारण राजस्व कर्मचारियों के साथ-साथ आमजन भी तहसीलों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
पोर्टल की समस्याएं और आमजन की परेशानी
राजस्व विभाग के नए पोर्टल में रिकॉर्ड संबंधी गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। तकनीकी दिक्कतों के कारण हर दिन नई समस्याएं पैदा हो रही हैं। इन समस्याओं के बारे में निदेशक और आईटी टीम को कई बार सूचित किया जा चुका है। लगभग चार महीने बीत जाने के बाद भी कोई समाधान नहीं निकला है। इसकी वजह से तहसीलों में आमजन और पटवारियों के बीच रोज झगड़े हो रहे हैं। आईटी टीम की कमी का खामियाजा आमजन और राजस्व कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है।
विज्ञापन
डिजिटल क्रॉप सर्वे पर सवाल
राजस्व विभाग में ई-गिरदावरी के साथ-साथ डिजिटल फसल सर्वेक्षण भी करवाया जाना है। इस सर्वेक्षण के लिए कर्मचारियों को टैब उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। सर्वेक्षण के लिए 20 मीटर की रेंज तय की गई है, जो पूरी तरह अव्यावहारिक है। धान और ईंख जैसी फसलों में हर खसरा नंबर में अंदर जाकर सर्वेक्षण करना संभव नहीं है। एसोसिएशन ने इन मांगों को लेकर कई बैठकें की हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
एसोसिएशन की प्रमुख मांगें और चेतावनी
एसोसिएशन की मुख्य मांगों में नए पोर्टल की सभी समस्याओं का 21 अगस्त तक समाधान करना शामिल है। वे चाहते हैं कि आईटी विभाग लिखित में जिम्मेदारी ले कि पोर्टल की तकनीकी कमी से रिकॉर्ड में गलती होने पर वही जिम्मेदार होगा। ऑटो म्यूटेशन में गलत इंतकाल दर्ज होने पर भी आईटी विभाग की कानूनी जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाए। तहसीलों में ऑनलाइन कार्य के लिए कंप्यूटर सिस्टम और सर्वेक्षण के लिए टैब उपलब्ध कराए जाएं।
नए पोर्टल को कानूनी मान्यता देने के लिए संशोधित लैंड रिकॉर्ड मैन्युअल जारी किया जाए। डिजिटल फसल सर्वेक्षण को निजी एजेंसी से कराया जाए या इसकी रेंज कम से कम 150 मीटर की जाए, साथ ही फेस प्रमाणीकरण हटाया जाए। एसोसिएशन ने 21 अगस्त तक मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है, जिसकी जिम्मेदारी राजस्व विभाग और हरियाणा सरकार की होगी।