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Chandigarh-Haryana News: हरियाणा ने लक्ष्य के अनुरूप किया एआई फंड का उपयोग
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा ने एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर (एआई) फंड का लक्ष्य के अनुरूप प्रभावी उपयोग किया है। इस फंड के तहत केंद्र सरकार 25 से अधिक परियोजनाओं के लिए दीर्घकालिक और आसान वित्त प्रबंधन की सुविधा उपलब्ध करा रही है। यह जानकारी केंद्रीय कृषि मंत्रालय की अतिरिक्त निदेशक डॉ. मनिंदर कौर द्विवेदी ने दी।
वह चंडीगढ़ में हरियाणा कृषि विभाग द्वारा आयोजित आठ राज्यों की एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड और किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) की क्षेत्रीय कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रही थीं। इस कॉन्फ्रेंस में जम्मू-कश्मीर, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, लद्दाख और हरियाणा सहित आठ राज्यों के किसान, किसान उत्पादक संगठन, कृषि उत्पादन समूहों के प्रतिनिधि और बैंकर्स शामिल हुए।
डॉ. मनिंदर कौर द्विवेदी ने बताया कि कृषि अवसंरचना कोष के तहत फसलोत्तर प्रबंधन से जुड़े बुनियादी ढांचे और सामुदायिक कृषि परिसंपत्तियों में निवेश के लिए किसानों को दो करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। इसके अंतर्गत किसान उत्पादक संगठन, व्यक्तिगत किसान, स्वयं सहायता समूह और सहकारी संस्थाओं को गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, छंटाई एवं ग्रेडिंग यूनिट, प्रसंस्करण सुविधाएं तथा खेती में ऑटोमेशन जैसी आधुनिक संरचनाएं विकसित करने का लाभ मिलता है।
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उन्होंने बताया कि एआई फंड के माध्यम से देशभर में 12 से 13 करोड़ किसानों को नौ प्रतिशत तक की ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही केंद्र सरकार द्वारा महत्वाकांक्षी जिलों के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना पंजाब और हरियाणा के एक-एक जिले में लागू की गई है।
हरियाणा कृषि विभाग के स्टेट प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर चंद्र मोहन धीमान ने बताया कि एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत प्रदेश को निर्धारित 4,850 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 4,334 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। इसके अंतर्गत 9,204 किसानों की परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है।
चंडीगढ़। हरियाणा ने एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर (एआई) फंड का लक्ष्य के अनुरूप प्रभावी उपयोग किया है। इस फंड के तहत केंद्र सरकार 25 से अधिक परियोजनाओं के लिए दीर्घकालिक और आसान वित्त प्रबंधन की सुविधा उपलब्ध करा रही है। यह जानकारी केंद्रीय कृषि मंत्रालय की अतिरिक्त निदेशक डॉ. मनिंदर कौर द्विवेदी ने दी।
वह चंडीगढ़ में हरियाणा कृषि विभाग द्वारा आयोजित आठ राज्यों की एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड और किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) की क्षेत्रीय कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रही थीं। इस कॉन्फ्रेंस में जम्मू-कश्मीर, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, लद्दाख और हरियाणा सहित आठ राज्यों के किसान, किसान उत्पादक संगठन, कृषि उत्पादन समूहों के प्रतिनिधि और बैंकर्स शामिल हुए।
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डॉ. मनिंदर कौर द्विवेदी ने बताया कि कृषि अवसंरचना कोष के तहत फसलोत्तर प्रबंधन से जुड़े बुनियादी ढांचे और सामुदायिक कृषि परिसंपत्तियों में निवेश के लिए किसानों को दो करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। इसके अंतर्गत किसान उत्पादक संगठन, व्यक्तिगत किसान, स्वयं सहायता समूह और सहकारी संस्थाओं को गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, छंटाई एवं ग्रेडिंग यूनिट, प्रसंस्करण सुविधाएं तथा खेती में ऑटोमेशन जैसी आधुनिक संरचनाएं विकसित करने का लाभ मिलता है।
उन्होंने बताया कि एआई फंड के माध्यम से देशभर में 12 से 13 करोड़ किसानों को नौ प्रतिशत तक की ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही केंद्र सरकार द्वारा महत्वाकांक्षी जिलों के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना पंजाब और हरियाणा के एक-एक जिले में लागू की गई है।
हरियाणा कृषि विभाग के स्टेट प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर चंद्र मोहन धीमान ने बताया कि एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत प्रदेश को निर्धारित 4,850 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 4,334 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। इसके अंतर्गत 9,204 किसानों की परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है।