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Chandigarh-Haryana News: मानवाधिकार आयोग ने अग्नि सुरक्षा पर प्रशासन व विभागों से मांगी रिपोर्ट
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- बावल-धारूहेड़ा अग्निकांड पर मानवाधिकार आयोग सख्त
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। रेवाड़ी के बावल और धारूहेड़ा में हाल ही में हुए दो बड़े फैक्टरी अग्निकांडों पर हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) ललित बत्रा ने श्रमिकों की सुरक्षा और औद्योगिक इकाइयों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
आयोग ने 19 मई को आईएमटी बावल स्थित जीएलएस स्पेशियलिटी केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड में लगी भीषण आग और उसी दिन धारूहेड़ा के आलमगीरपुर-राजपुरा स्थित टॉक्समो स्कूटर्स फैक्ट्री में हुए अग्निकांड का संज्ञान लिया है। बावल की घटना में छह श्रमिक झुलस गए थे जिनमें तीन गंभीर रूप से घायल हुए थे। उस समय फैक्ट्री में करीब 225 श्रमिक मौजूद थे। आग पर काबू पाने के लिए 35 से अधिक दमकल वाहनों और एनडीआरएफ की मदद लेनी पड़ी थी।
आयोग ने विशेष रूप से उन रिपोर्टों पर चिंता जताई है जिनमें प्रारंभिक स्तर पर प्रशिक्षित अग्नि सुरक्षा कर्मियों की कमी और सुरक्षा प्रबंधों में खामियों का उल्लेख किया गया है। वहीं टॉक्समो स्कूटर्स मामले में फैक्ट्री में उत्पादन शुरू होने के बावजूद अग्नि सुरक्षा प्रणाली और जल भंडारण व्यवस्था पूरी तरह तैयार न होने के आरोपों को भी गंभीर माना गया है।
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सुनवाई से एक सप्ताह पहले रिपोर्ट सौंपने के निर्देश
आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि सुरक्षित कार्यस्थल उपलब्ध कराना संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत जीवन के अधिकार का हिस्सा है। आयोग ने उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग, श्रम विभाग और अग्निशमन विभाग से जांच, सुरक्षा मानकों के पालन, राहत कार्य, मुआवजे और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई संबंधी रिपोर्ट मांगी है। सभी अधिकारियों को 12 अगस्त 2026 की सुनवाई से एक सप्ताह पहले रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। रेवाड़ी के बावल और धारूहेड़ा में हाल ही में हुए दो बड़े फैक्टरी अग्निकांडों पर हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) ललित बत्रा ने श्रमिकों की सुरक्षा और औद्योगिक इकाइयों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
आयोग ने 19 मई को आईएमटी बावल स्थित जीएलएस स्पेशियलिटी केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड में लगी भीषण आग और उसी दिन धारूहेड़ा के आलमगीरपुर-राजपुरा स्थित टॉक्समो स्कूटर्स फैक्ट्री में हुए अग्निकांड का संज्ञान लिया है। बावल की घटना में छह श्रमिक झुलस गए थे जिनमें तीन गंभीर रूप से घायल हुए थे। उस समय फैक्ट्री में करीब 225 श्रमिक मौजूद थे। आग पर काबू पाने के लिए 35 से अधिक दमकल वाहनों और एनडीआरएफ की मदद लेनी पड़ी थी।
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आयोग ने विशेष रूप से उन रिपोर्टों पर चिंता जताई है जिनमें प्रारंभिक स्तर पर प्रशिक्षित अग्नि सुरक्षा कर्मियों की कमी और सुरक्षा प्रबंधों में खामियों का उल्लेख किया गया है। वहीं टॉक्समो स्कूटर्स मामले में फैक्ट्री में उत्पादन शुरू होने के बावजूद अग्नि सुरक्षा प्रणाली और जल भंडारण व्यवस्था पूरी तरह तैयार न होने के आरोपों को भी गंभीर माना गया है।
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सुनवाई से एक सप्ताह पहले रिपोर्ट सौंपने के निर्देश
आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि सुरक्षित कार्यस्थल उपलब्ध कराना संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत जीवन के अधिकार का हिस्सा है। आयोग ने उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग, श्रम विभाग और अग्निशमन विभाग से जांच, सुरक्षा मानकों के पालन, राहत कार्य, मुआवजे और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई संबंधी रिपोर्ट मांगी है। सभी अधिकारियों को 12 अगस्त 2026 की सुनवाई से एक सप्ताह पहले रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।