DU प्रोफेसर की हत्या में बड़ा सुराग: कत्ल वाले दिन घर पहुंचे थे नकाबपोश युवक-युवती, आधे घंटे में की वारदात
शिवाजी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर रहीं देबोस्मिता पॉल का शव गुरुवार को पूर्वी दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित सत्यम अपार्टमेंट के एक फ्लैट में मिला था। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि उनकी हत्या 3 जून को ही कर दी गई थी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली विश्वविद्यालय की असिस्टेंट प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल हत्याकांड में जांच के दौरान एक अहम सुराग सामने आया है। पुलिस को मिली सीसीटीवी फुटेज में एक युवक और एक युवती मर्डर वाले दिन प्रोफेसर के फ्लैट में जाते हुए दिखाई दिए हैं। दोनों ने अपने चेहरे मास्क से ढके हुए थे और उनके हाथों में बैग भी थे। सूत्रों के मुताबिक, दोनों करीब आधे घंटे तक फ्लैट के अंदर रहे और फिर वहां से निकल गए।
तीन जून को हुई हत्या
जानकारी के अनुसार, शिवाजी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर रहीं देबोस्मिता पॉल का शव गुरुवार को पूर्वी दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित सत्यम अपार्टमेंट के एक फ्लैट में मिला था। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि उनकी हत्या 3 जून को ही कर दी गई थी।
निजी कैब से पहुंचे थे दोनों संदिग्ध
सूत्रों के मुताबिक, 3 जून की दोपहर करीब 3:20 बजे एक निजी कैब से युवक और युवती अपार्टमेंट पहुंचे। कैब चालक बाहर ही रुका रहा, जबकि दोनों बैग लेकर बिल्डिंग के अंदर चले गए। सीसीटीवी फुटेज में दोनों को लिफ्ट का इस्तेमाल करने के बजाय सीढ़ियों से ऊपर जाते हुए देखा गया है।
फ्लैट से निकले तो बदले हुए थे कपड़े
पुलिस को शक है कि दोनों करीब 30 मिनट तक फ्लैट के अंदर रहे। जांच में यह भी सामने आया है कि जब दोनों बाहर निकले तो उनके कपड़े पहले से अलग दिखाई दे रहे थे। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों की एंट्री हत्या से पहले हुई थी या बाद में और इस वारदात में उनकी क्या भूमिका हो सकती है।
कैब चालक से पूछताछ, CCTV खंगाल रही पुलिस
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने कैब चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। साथ ही राइड से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जा रही है ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके। जांच टीम सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के जरिए घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है।
जबरन घुसने के नहीं मिले निशान
पुलिस की शुरुआती जांच में फ्लैट के दरवाजे या घर के अंदर जबरन प्रवेश के कोई निशान नहीं मिले हैं। इससे जांचकर्ताओं को शक है कि देबोस्मिता पॉल हमलावरों को जानती थीं और उन्होंने खुद उन्हें घर में प्रवेश दिया होगा। इसी वजह से पुलिस "फ्रेंडली एंट्री" यानी परिचित व्यक्ति के जरिए घर में प्रवेश की संभावना पर भी काम कर रही है।
बहन ने खोला था फ्लैट, खून से लथपथ मिला शव
देबोस्मिता पॉल अपनी बहन के फ्लैट में अकेली रह रही थीं। वर्ष 2022 में वैवाहिक विवादों के बाद उनका पति उनसे अलग हो गया था और वर्तमान में बेंगलुरु में रहता है। मामले का खुलासा तब हुआ जब उनकी बहन देवराती पॉल ने कई बार फोन किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। चिंता होने पर वह फ्लैट पहुंचीं। फ्लैट बाहर से बंद था। अंदर जाने पर उन्होंने देबोस्मिता का शव खून से लथपथ हालत में पड़ा देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
सिर पर भारी वस्तु से किया गया हमला
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रोफेसर के सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किया गया था, जिससे गंभीर चोट आई। उनकी कलाई पर भी चोट के निशान मिले हैं। मौत के सही समय और कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है।
इनसे हो रही पूछताछ
फिलहाल पुलिस पड़ोसियों, घरेलू सहायकों और मामले से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ कर रही है। नकाबपोश युवक-युवती की पहचान और उनकी भूमिका अब इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री की जांच का सबसे अहम हिस्सा बन गई है।