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Delhi NCR News: जेएनयू में लिफ्ट संचालकों की कमी पर छात्र संघ ने उठाए सवाल
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-रात आठ बजे के बाद लिफ्ट कर दी जाती है बंद, दिव्यांग छात्र होते है परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ ने प्रशासन पर लिफ्ट संचालन में लापरवाही का आरोप लगाया है। छात्र संघ के अनुसार पिछले एक महीने में स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज (एसआईएस), स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज (एसएसएस) और केंद्रीय पुस्तकालय में लिफ्ट खराब होने की तीन घटनाएं सामने आई हैं। जिनमें छात्र आधे घंटे से अधिक समय तक लिफ्ट में फंसे रहे।
छात्र संघ के अनुसार विश्वविद्यालय परिसर में करीब 25 लिफ्ट हैं। लेकिन प्रत्येक शिफ्ट में केवल एक लिफ्ट ऑपरेटर तैनात है। इंजीनियरिंग शाखा के मानकों के अनुसार दो भवनों पर एक ऑपरेटर होना चाहिए। जिसके हिसाब से प्रत्येक शिफ्ट में दस और कुल 30 लिफ्ट संचालकों की जरूरती है। वर्ष 2023 की भर्ती प्रक्रिया में लिफ्ट संचालक पद के लिए पात्रता शर्तें अधिक कठोर कर दी गईं। जिससे नियुक्तियां प्रभावित हुईं। वहीं जेएनयू के एसएफआई संगठन के अनुसार रात आठ बजे के बाद कई शैक्षणिक भवनों और कुछ छात्रावासों की लिफ्टें बंद कर दी जाती हैं। जिससे विशेष रूप से दिव्यांग छात्रों को परेशानी होती है। संगठन ने प्रशासन से तत्काल पर्याप्त लिफ्ट संचालकों को नियुक्त करने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ ने प्रशासन पर लिफ्ट संचालन में लापरवाही का आरोप लगाया है। छात्र संघ के अनुसार पिछले एक महीने में स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज (एसआईएस), स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज (एसएसएस) और केंद्रीय पुस्तकालय में लिफ्ट खराब होने की तीन घटनाएं सामने आई हैं। जिनमें छात्र आधे घंटे से अधिक समय तक लिफ्ट में फंसे रहे।
छात्र संघ के अनुसार विश्वविद्यालय परिसर में करीब 25 लिफ्ट हैं। लेकिन प्रत्येक शिफ्ट में केवल एक लिफ्ट ऑपरेटर तैनात है। इंजीनियरिंग शाखा के मानकों के अनुसार दो भवनों पर एक ऑपरेटर होना चाहिए। जिसके हिसाब से प्रत्येक शिफ्ट में दस और कुल 30 लिफ्ट संचालकों की जरूरती है। वर्ष 2023 की भर्ती प्रक्रिया में लिफ्ट संचालक पद के लिए पात्रता शर्तें अधिक कठोर कर दी गईं। जिससे नियुक्तियां प्रभावित हुईं। वहीं जेएनयू के एसएफआई संगठन के अनुसार रात आठ बजे के बाद कई शैक्षणिक भवनों और कुछ छात्रावासों की लिफ्टें बंद कर दी जाती हैं। जिससे विशेष रूप से दिव्यांग छात्रों को परेशानी होती है। संगठन ने प्रशासन से तत्काल पर्याप्त लिफ्ट संचालकों को नियुक्त करने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
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