सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   IDFC Bank Scam CBI questioned Haryana IAS officer arrest

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाला: वरिष्ठ IAS पंकज अग्रवाल गिरफ्तार, 60.54 करोड़ रुपये के सरकारी धन का गबन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Tue, 23 Jun 2026 11:08 AM IST
विज्ञापन
सार

जांच एजेंसी के अनुसार हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (एचएसएसपीपी) और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (एचएसएएमबी) के बैंक खाते वित्त विभाग के निर्धारित दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर खोले गए थे। इन खातों में निर्धारित सीमा से अधिक सरकारी धन स्थानांतरित किया गया। 

IDFC Bank Scam CBI questioned Haryana IAS officer arrest
आईएएस पंकज अग्रवाल सीबीआई कोर्ट में पेश - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार

केंद्रीय जांच ब्यूरो ने हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को सोमवार देर रात आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की सेक्टर-32, चंडीगढ़ शाखा से जुड़े सरकारी धन के गबन मामले में गिरफ्तार किया है। 




पंकज अग्रवाल स्कूल शिक्षा विभाग और कृषि विभाग में प्रधान सचिव के पद पर तैनात थे। अप्रैल 2026 में पंकज अग्रवाल को प्रधान सचिव, वास्तुकला विभाग, हरियाणा नियुक्त किया गया। सीबीआई की टीम मंगलवार सुबह उन्हें पंचकूला स्थित विशेष कोर्ट में पेश करने के लिए लेकर पहुंची। मामले में एजेंसी अदालत से रिमांड की मांग कर सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जांच एजेंसी के अनुसार हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (एचएसएसपीपी) और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (एचएसएएमबी) के बैंक खाते वित्त विभाग के निर्धारित दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर खोले गए थे। इन खातों में निर्धारित सीमा से अधिक सरकारी धन स्थानांतरित किया गया। 
विज्ञापन


सीबीआई का दावा है कि यह पूरा घटनाक्रम पंकज अग्रवाल के कार्यकाल में हुआ। जांच में सामने आया कि इन खातों के जरिए फर्जी और संदिग्ध लेन-देन कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया, जिससे सरकार को 60.54 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। सीबीआई ने कहा है कि जांच के दौरान पंकज अग्रवाल के खिलाफ महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए हैं।

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाले की जांच में सीबीआई ने सोमवार रात आईएएस अधिकारी से लंबी पूछताछ की। 

एजेंसी घोटाले में शामिल अधिकारियों और बैंक कर्मियों के बीच संबंधों व वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। इससे पहले सीबीआई इस मामले में एक आईएएस अधिकारी और एक आईएफएस अधिकारी को गिरफ्तार कर चुकी है।

जांच एजेंसियों के अनुसार यह घोटाला हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों और चंडीगढ़ प्रशासन के बैंक खातों से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के कुछ अधिकारियों ने सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर सरकारी खातों से बड़ी रकम की अनियमित निकासी कराई। यह धनराशि हरियाणा सरकार के आठ विभागों व चंडीगढ़ प्रशासन के दो विभागों के बैंक खातों से निकाली गई।

सीबीआई ने अपनी जांच में इस घोटाले से करीब 657 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है। वहीं, इस मामले में समानांतर जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लगभग 645 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता और नुकसान का दावा किया है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed