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Chandigarh-Haryana News: हांसी पेयजल परियोजना अटकने का मामला पहुंचा हाईकोर्ट
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- शहरवासियों ने कहा- आंदोलन के कारण दो महीने से रुका है पाइपलाइन का काम
- हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से 20 जुलाई तक मांगा जवाब
चंडीगढ़। हांसी शहर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए अमृत 2.0 योजना के तहत बनाई जा रही रॉ वाटर पाइपलाइन परियोजना के बीच में रुकने का मामला अब पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। हांसी के नौ लोगों ने याचिका दायर कर अदालत से परियोजना का काम जल्द शुरू कराने और इसे तय समय में पूरा कराने की मांग की है।
याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि गांव चानौत के पास चल रहे आंदोलन के कारण 16 मई 2026 से निर्माण कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है। ऐसे में शहर के लोगों को मिलने वाली भविष्य की पेयजल सुविधा प्रभावित हो रही है। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार और अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर 20 जुलाई तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही मामले की अगली सुनवाई भी 20 जुलाई को निर्धारित की गई है। याचिका के अनुसार केंद्र सरकार ने एक अक्तूबर 2021 को अमृत 2.0 योजना शुरू की थी। इसके तहत वर्ष 2025 में हांसी शहर के लिए बरवाला ब्रांच से करीब 27 किलोमीटर लंबी रॉ वाटर पाइपलाइन बिछाने की मंजूरी दी गई।
पहले इस परियोजना की लागत 4.26 करोड़ रुपये बताई गई थी, जबकि बाद में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के अनुसार इसकी कुल स्वीकृत लागत 61.44 करोड़ रुपये हो गई। 30 मई 2025 को निर्माण कार्य का ठेका दिया गया और अब तक करीब 17 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। लेकिन गांव चानौत के पास विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद पिछले लगभग दो महीने से शेष 10 किमी. का काम रुका हुआ है।
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गांव चानौत के कुछ लोग हांसी शहर के लिए बिछाई जा रही मुख्य पाइपलाइन से अपने गांव के लिए टी-प्वाइंट देकर पानी की आपूर्ति की मांग कर रहे हैं। जबकि अमृत 2.0 योजना केवल शहरी क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई है। इस योजना में बीच रास्ते किसी गांव को मुख्य पाइपलाइन से जोड़ने का कोई प्रावधान नहीं है।
याचिका में हाईकोर्ट से मांग की गई है कि हरियाणा सरकार और लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को निर्धारित समय सीमा में परियोजना पूरी करने के निर्देश दिए जाएं। साथ ही परियोजना में बाधा डालने वालों को रोका जाए, गांव चानौत के लिए अलग जलापूर्ति योजना लागू कराई जाए। निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराने के लिए ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों को पर्याप्त पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
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- हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से 20 जुलाई तक मांगा जवाब
चंडीगढ़। हांसी शहर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए अमृत 2.0 योजना के तहत बनाई जा रही रॉ वाटर पाइपलाइन परियोजना के बीच में रुकने का मामला अब पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। हांसी के नौ लोगों ने याचिका दायर कर अदालत से परियोजना का काम जल्द शुरू कराने और इसे तय समय में पूरा कराने की मांग की है।
याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि गांव चानौत के पास चल रहे आंदोलन के कारण 16 मई 2026 से निर्माण कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है। ऐसे में शहर के लोगों को मिलने वाली भविष्य की पेयजल सुविधा प्रभावित हो रही है। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार और अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर 20 जुलाई तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही मामले की अगली सुनवाई भी 20 जुलाई को निर्धारित की गई है। याचिका के अनुसार केंद्र सरकार ने एक अक्तूबर 2021 को अमृत 2.0 योजना शुरू की थी। इसके तहत वर्ष 2025 में हांसी शहर के लिए बरवाला ब्रांच से करीब 27 किलोमीटर लंबी रॉ वाटर पाइपलाइन बिछाने की मंजूरी दी गई।
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पहले इस परियोजना की लागत 4.26 करोड़ रुपये बताई गई थी, जबकि बाद में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के अनुसार इसकी कुल स्वीकृत लागत 61.44 करोड़ रुपये हो गई। 30 मई 2025 को निर्माण कार्य का ठेका दिया गया और अब तक करीब 17 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। लेकिन गांव चानौत के पास विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद पिछले लगभग दो महीने से शेष 10 किमी. का काम रुका हुआ है।
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गांव चानौत के कुछ लोग हांसी शहर के लिए बिछाई जा रही मुख्य पाइपलाइन से अपने गांव के लिए टी-प्वाइंट देकर पानी की आपूर्ति की मांग कर रहे हैं। जबकि अमृत 2.0 योजना केवल शहरी क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई है। इस योजना में बीच रास्ते किसी गांव को मुख्य पाइपलाइन से जोड़ने का कोई प्रावधान नहीं है।
याचिका में हाईकोर्ट से मांग की गई है कि हरियाणा सरकार और लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को निर्धारित समय सीमा में परियोजना पूरी करने के निर्देश दिए जाएं। साथ ही परियोजना में बाधा डालने वालों को रोका जाए, गांव चानौत के लिए अलग जलापूर्ति योजना लागू कराई जाए। निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराने के लिए ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों को पर्याप्त पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।