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Chandigarh-Haryana News: टीईटी में छूट और पुरानी पेंशन के लिए सांसदों से लगाएंगे गुहार
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- प्राथमिक शिक्षक संघ ने शुरू किया प्रदेशव्यापी अभियान, 15 जुलाई तक सभी लोकसभा-राज्यसभा सांसदों को देंगे ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा ने वर्ष 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता से छूट और पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने की मांग को लेकर प्रदेशभर में अभियान चलाने का निर्णय लिया है। संघ ने तय किया है कि 15 जुलाई तक प्रदेश के सभी लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को इन दोनों मुद्दों पर ज्ञापन सौंपे जाएंगे।
राज्य प्रधान तरुण सुहाग की अध्यक्षता में हुई राज्यस्तरीय बैठक में प्रदेश कार्यकारिणी और सभी जिला अध्यक्षों ने भाग लिया। बैठक में हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर चर्चा हुई, जिसके बाद वर्ष 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर भी टीईटी संबंधी प्रावधान लागू होने की स्थिति बनी है। संघ ने मांग की कि संसद में आवश्यक कानूनी संशोधन कर ऐसे सेवारत शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट दी जाए।
बैठक में पुरानी पेंशन योजना की बहाली का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। संगठन का कहना है कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार है इसलिए इस विषय पर भी सांसदों से संसद में पहल करने का आग्रह किया जाएगा। राज्य महासचिव राजेश शर्मा ने बताया कि सभी जिला इकाइयों को 15 जुलाई तक सांसदों को ज्ञापन सौंपने की जिम्मेदारी दी गई है। संगठन ने कहा कि शिक्षकों के हितों से जुड़े दोनों मुद्दों पर लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा ने वर्ष 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता से छूट और पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने की मांग को लेकर प्रदेशभर में अभियान चलाने का निर्णय लिया है। संघ ने तय किया है कि 15 जुलाई तक प्रदेश के सभी लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को इन दोनों मुद्दों पर ज्ञापन सौंपे जाएंगे।
राज्य प्रधान तरुण सुहाग की अध्यक्षता में हुई राज्यस्तरीय बैठक में प्रदेश कार्यकारिणी और सभी जिला अध्यक्षों ने भाग लिया। बैठक में हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर चर्चा हुई, जिसके बाद वर्ष 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर भी टीईटी संबंधी प्रावधान लागू होने की स्थिति बनी है। संघ ने मांग की कि संसद में आवश्यक कानूनी संशोधन कर ऐसे सेवारत शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट दी जाए।
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बैठक में पुरानी पेंशन योजना की बहाली का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। संगठन का कहना है कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार है इसलिए इस विषय पर भी सांसदों से संसद में पहल करने का आग्रह किया जाएगा। राज्य महासचिव राजेश शर्मा ने बताया कि सभी जिला इकाइयों को 15 जुलाई तक सांसदों को ज्ञापन सौंपने की जिम्मेदारी दी गई है। संगठन ने कहा कि शिक्षकों के हितों से जुड़े दोनों मुद्दों पर लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा।
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