{"_id":"69e23c190730e281da080001","slug":"municipal-elections-help-desk-mandatory-at-every-booth-strict-monitoring-instructions-in-border-areas-chandigarh-haryana-news-c-16-pkl1010-997802-2026-04-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"निकाय चुनाव : हर बूथ पर हेल्प डेस्क अनिवार्य, सीमावर्ती क्षेत्रों में कड़ी निगरानी के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निकाय चुनाव : हर बूथ पर हेल्प डेस्क अनिवार्य, सीमावर्ती क्षेत्रों में कड़ी निगरानी के निर्देश
विज्ञापन
विज्ञापन
स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियों की समीक्षा, आचार संहिता पर सख्त निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। राज्य निर्वाचन आयुक्त देवेंद्र सिंह कल्याण ने नगर परिषदों, नगर पालिकाओं और नगर निगमों के आगामी चुनावों को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए आदर्श आचार संहिता के सख्त पालन के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने सोनीपत और रेवाड़ी जिलों के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ चुनावी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि आचार संहिता के उल्लंघन पर बिना किसी देरी के कठोर कार्रवाई की जाए।
उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे सभी राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर आचार संहिता के नियमों की विस्तृत जानकारी साझा करें और प्रत्येक चरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करें। साथ ही कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने मतदाताओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। हेल्प डेस्क स्थापित कर मतदाताओं को बूथ संबंधी जानकारी दी जाए। वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। अंतरराज्यीय सीमाओं, विशेषकर उत्तर प्रदेश से लगते क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए। पुलिस नाकों पर 24 घंटे सतर्कता रखी जाएगी ताकि अवैध शराब, नकदी, उपहार या अन्य प्रलोभनों के उपयोग पर रोक लगाई जा सके।
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जाति, धर्म या समुदाय के आधार पर वोट मांगना प्रतिबंधित है। धार्मिक स्थलों का उपयोग प्रचार के लिए नहीं किया जा सकेगा। रैलियों और सभाओं के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी। सिंगल विंडो प्रणाली से अनुमति और एनओसी की प्रक्रिया आसान की जाएगी। मतदान से 48 घंटे पहले सार्वजनिक सभाएं बंद रहेंगी और मतदान केंद्र के 100 मीटर दायरे में प्रचार पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने कहा कि रिश्वत, धमकी या किसी प्रकार का प्रलोभन देकर मतदाताओं को प्रभावित करना दंडनीय अपराध है। मतदान अवधि में शराब की बिक्री और वितरण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। निजी संपत्ति पर बिना अनुमति पोस्टर या बैनर लगाना भी अवैध होगा। सभा और जुलूस के लिए प्रशासन से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा और यातायात व्यवस्था बाधित नहीं होनी चाहिए। मतदान के दिन मतदान केंद्र पर अनाधिकृत भीड़ और प्रचार सामग्री पर रोक रहेगी तथा केवल अधिकृत एजेंटों को ही पहचान पत्र के साथ प्रवेश मिलेगा।
Trending Videos
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। राज्य निर्वाचन आयुक्त देवेंद्र सिंह कल्याण ने नगर परिषदों, नगर पालिकाओं और नगर निगमों के आगामी चुनावों को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए आदर्श आचार संहिता के सख्त पालन के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने सोनीपत और रेवाड़ी जिलों के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ चुनावी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि आचार संहिता के उल्लंघन पर बिना किसी देरी के कठोर कार्रवाई की जाए।
उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे सभी राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर आचार संहिता के नियमों की विस्तृत जानकारी साझा करें और प्रत्येक चरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करें। साथ ही कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने मतदाताओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। हेल्प डेस्क स्थापित कर मतदाताओं को बूथ संबंधी जानकारी दी जाए। वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। अंतरराज्यीय सीमाओं, विशेषकर उत्तर प्रदेश से लगते क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए। पुलिस नाकों पर 24 घंटे सतर्कता रखी जाएगी ताकि अवैध शराब, नकदी, उपहार या अन्य प्रलोभनों के उपयोग पर रोक लगाई जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जाति, धर्म या समुदाय के आधार पर वोट मांगना प्रतिबंधित है। धार्मिक स्थलों का उपयोग प्रचार के लिए नहीं किया जा सकेगा। रैलियों और सभाओं के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी। सिंगल विंडो प्रणाली से अनुमति और एनओसी की प्रक्रिया आसान की जाएगी। मतदान से 48 घंटे पहले सार्वजनिक सभाएं बंद रहेंगी और मतदान केंद्र के 100 मीटर दायरे में प्रचार पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने कहा कि रिश्वत, धमकी या किसी प्रकार का प्रलोभन देकर मतदाताओं को प्रभावित करना दंडनीय अपराध है। मतदान अवधि में शराब की बिक्री और वितरण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। निजी संपत्ति पर बिना अनुमति पोस्टर या बैनर लगाना भी अवैध होगा। सभा और जुलूस के लिए प्रशासन से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा और यातायात व्यवस्था बाधित नहीं होनी चाहिए। मतदान के दिन मतदान केंद्र पर अनाधिकृत भीड़ और प्रचार सामग्री पर रोक रहेगी तथा केवल अधिकृत एजेंटों को ही पहचान पत्र के साथ प्रवेश मिलेगा।

कमेंट
कमेंट X