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Chandigarh-Haryana News: मांगों को लेकर नए पटवारियों का आंदोलन तेज, 15 जिलों से समर्थन मिला
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के 2605 नए पटवारियों ने लंबित मांगों को पूरा कराने के लिए आंदोलन तेज कर दिया है। पटवारियों ने सोमवार को भू-अभिलेख निदेशालय पर धरना दिया था। अब मंगलवार से पटवारी पंचकूला के सेक्टर-5 के धरना स्थल पर स्थायी रूप से धरने पर बैठ गए हैं। निदेशालय ने पटवारियों को 5 सदस्यीय कमेटी गठित करके वार्ता के लिए बुलाया लेकिन पटवारियों की संयुक्त संघर्ष समिति ने वार्ता के प्रस्ताव को ठुकराते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होगी तब तक आंदोलन खत्म नहीं करेंगे। 5 सदस्यीय कमेटी के बजाय सभी नए पटवारियों के समक्ष ही वार्ता होगी। अब आंदोलन को 15 जिलों के पटवारियों का समर्थन मिल गया है।
अनिश्चितकालीन धरने के दाैरान संयुक्त संघर्ष समिति ने मांग उठाई कि तुरंत नए पटवारियों की प्रशिक्षण अवधि को डेढ़ वर्ष से घटाकर एक वर्ष करने की अधिसूचना जारी की जाए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इसकी पहले ही घोषणा कर चुके हैं। इसके अलावा प्रशिक्षण की अवधि के दाैरान मानदेय के बजाय वेतन दिया जाए। नए पटवारियों ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि जनवरी में पहले प्रशिक्षण अवधि बढ़ाई थी और अब फिर से चार माह के लिए प्रशिक्षण की अवधि बढ़ा दी है। मेडिकल से संबंधित सुविधाएं भी नहीं मिल रहीं।
पटवारियों की संयुक्त संघर्ष समिति ने यह भी दावा किया कि डिजिटल क्राॅप सर्वे, ततीमा के अपग्रेडेशन का कार्य और राजस्व से संबंधित सभी कार्यों से फिलहाल नए पटवारी दूर हैं। 15 मार्च तक 3312 गांवों में डिजिटल क्राॅप सर्वे का कार्य पूरा करना था लेकिन नए पटवारियों की नाराजगी के चलते काम प्रभावित हो गया है। हरियाणा भू-अभिलेख निदेशक डाॅ. यशपाल ने बताया कि पटवारियों के प्रकरण को लेकर सरकार गंभीर है। उनकी मांगों के संबंध में जो प्रस्ताव तैयार किया था उसमें कुछ तकनीकी खामियां थीं। इसलिए दोबारा से प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
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चंडीगढ़। हरियाणा के 2605 नए पटवारियों ने लंबित मांगों को पूरा कराने के लिए आंदोलन तेज कर दिया है। पटवारियों ने सोमवार को भू-अभिलेख निदेशालय पर धरना दिया था। अब मंगलवार से पटवारी पंचकूला के सेक्टर-5 के धरना स्थल पर स्थायी रूप से धरने पर बैठ गए हैं। निदेशालय ने पटवारियों को 5 सदस्यीय कमेटी गठित करके वार्ता के लिए बुलाया लेकिन पटवारियों की संयुक्त संघर्ष समिति ने वार्ता के प्रस्ताव को ठुकराते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होगी तब तक आंदोलन खत्म नहीं करेंगे। 5 सदस्यीय कमेटी के बजाय सभी नए पटवारियों के समक्ष ही वार्ता होगी। अब आंदोलन को 15 जिलों के पटवारियों का समर्थन मिल गया है।
अनिश्चितकालीन धरने के दाैरान संयुक्त संघर्ष समिति ने मांग उठाई कि तुरंत नए पटवारियों की प्रशिक्षण अवधि को डेढ़ वर्ष से घटाकर एक वर्ष करने की अधिसूचना जारी की जाए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इसकी पहले ही घोषणा कर चुके हैं। इसके अलावा प्रशिक्षण की अवधि के दाैरान मानदेय के बजाय वेतन दिया जाए। नए पटवारियों ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि जनवरी में पहले प्रशिक्षण अवधि बढ़ाई थी और अब फिर से चार माह के लिए प्रशिक्षण की अवधि बढ़ा दी है। मेडिकल से संबंधित सुविधाएं भी नहीं मिल रहीं।
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पटवारियों की संयुक्त संघर्ष समिति ने यह भी दावा किया कि डिजिटल क्राॅप सर्वे, ततीमा के अपग्रेडेशन का कार्य और राजस्व से संबंधित सभी कार्यों से फिलहाल नए पटवारी दूर हैं। 15 मार्च तक 3312 गांवों में डिजिटल क्राॅप सर्वे का कार्य पूरा करना था लेकिन नए पटवारियों की नाराजगी के चलते काम प्रभावित हो गया है। हरियाणा भू-अभिलेख निदेशक डाॅ. यशपाल ने बताया कि पटवारियों के प्रकरण को लेकर सरकार गंभीर है। उनकी मांगों के संबंध में जो प्रस्ताव तैयार किया था उसमें कुछ तकनीकी खामियां थीं। इसलिए दोबारा से प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।