{"_id":"69be9e3893573e5aba0b7c7b","slug":"patwaris-will-get-smart-tablets-digital-facilities-will-reach-the-farms-and-barns-chandigarh-haryana-news-c-16-1-pkl1089-976100-2026-03-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh-Haryana News: पटवारियों को मिलेंगे स्मार्ट टैबलेट, खेत-खलिहान तक पहुंचेगी डिजिटल सुविधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh-Haryana News: पटवारियों को मिलेंगे स्मार्ट टैबलेट, खेत-खलिहान तक पहुंचेगी डिजिटल सुविधा
विज्ञापन
विज्ञापन
- फसल सर्वे व आपदा से जुड़े आकलन भी अब ज्यादा सटीक व जल्द हो सकेंगे, किसानों को मिलेगी राहत
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश में जमीन और राजस्व से जुड़े कामों को आसान और तेज बनाने के लिए अब पटवारी और कानूनगो कागजों व फाइलों के बजाय स्मार्ट टैबलेट पर काम करेंगे। सरकार ने 4,156 स्मार्ट टैबलेट खरीदने को मंजूरी दी है। इस फैसले को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व मंत्री विपुल गोयल ने हरी झंडी दी है। इससे गांव स्तर पर सरकारी कामकाज को डिजिटल और आसान बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
वित्त आयुक्त (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग) डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि अब तक पटवारी-कानूनगो को जमीन के रिकॉर्ड, नक्शे और अन्य कामों के लिए भारी कागजी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था जिससे काम में देरी होती थी और लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ती थी लेकिन अब टैबलेट मिलने से वे सीधे खेत या मौके पर जाकर ही डाटा दर्ज कर सकेंगे, फोटो ले सकेंगे और जानकारी तुरंत सिस्टम पर अपलोड कर देंगे।
इन टैबलेट में आधुनिक सुविधाएं जैसे जीपीएस, तेज इंटरनेट, बड़ी स्क्रीन और लंबी बैटरी होगी। इससे दूर-दराज गांवों में भी आसानी से काम किया जा सकेगा। साथ ही वॉइस-टू-टेक्स्ट जैसी सुविधा से लिखने का काम भी आसान हो जाएगा। सबसे बड़ा फायदा किसानों और आम लोगों को मिलेगा। अब उन्हें छोटे-छोटे कामों के लिए बार-बार दफ्तर नहीं जाना पड़ेगा क्योंकि कई काम मौके पर ही पूरे हो जाएंगे। जमीन रिकॉर्ड, फसल सर्वे और आपदा से जुड़े आकलन भी अब ज्यादा सटीक और जल्दी हो सकेंगे। डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा सभी 4,156 टैबलेट को दो साल के क्लाउड होस्टेड लाइसेंस के साथ मोबाइल डिवाइस मैनेजमेंट (एमडीएम) सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इससे सरकार इन उपकरणों की रियल टाइम निगरानी, अपडेट, सुरक्षा और प्रबंधन कर सकेगी।
Trending Videos
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश में जमीन और राजस्व से जुड़े कामों को आसान और तेज बनाने के लिए अब पटवारी और कानूनगो कागजों व फाइलों के बजाय स्मार्ट टैबलेट पर काम करेंगे। सरकार ने 4,156 स्मार्ट टैबलेट खरीदने को मंजूरी दी है। इस फैसले को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व मंत्री विपुल गोयल ने हरी झंडी दी है। इससे गांव स्तर पर सरकारी कामकाज को डिजिटल और आसान बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
वित्त आयुक्त (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग) डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि अब तक पटवारी-कानूनगो को जमीन के रिकॉर्ड, नक्शे और अन्य कामों के लिए भारी कागजी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था जिससे काम में देरी होती थी और लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ती थी लेकिन अब टैबलेट मिलने से वे सीधे खेत या मौके पर जाकर ही डाटा दर्ज कर सकेंगे, फोटो ले सकेंगे और जानकारी तुरंत सिस्टम पर अपलोड कर देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
इन टैबलेट में आधुनिक सुविधाएं जैसे जीपीएस, तेज इंटरनेट, बड़ी स्क्रीन और लंबी बैटरी होगी। इससे दूर-दराज गांवों में भी आसानी से काम किया जा सकेगा। साथ ही वॉइस-टू-टेक्स्ट जैसी सुविधा से लिखने का काम भी आसान हो जाएगा। सबसे बड़ा फायदा किसानों और आम लोगों को मिलेगा। अब उन्हें छोटे-छोटे कामों के लिए बार-बार दफ्तर नहीं जाना पड़ेगा क्योंकि कई काम मौके पर ही पूरे हो जाएंगे। जमीन रिकॉर्ड, फसल सर्वे और आपदा से जुड़े आकलन भी अब ज्यादा सटीक और जल्दी हो सकेंगे। डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा सभी 4,156 टैबलेट को दो साल के क्लाउड होस्टेड लाइसेंस के साथ मोबाइल डिवाइस मैनेजमेंट (एमडीएम) सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इससे सरकार इन उपकरणों की रियल टाइम निगरानी, अपडेट, सुरक्षा और प्रबंधन कर सकेगी।