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पाकिस्तान से आई पिस्टल: गुरुग्राम में कारोबारी की हत्या की थी तैयारी, एक डिलीवरी के बदले मिलते हैं 30 हजार
Wed, 12 Aug 2026 01:09 PM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: Sharukh Khan
Updated Wed, 12 Aug 2026 01:09 PM IST
सार
पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये पंजाब के सीमावर्ती इलाके में आने वाले हथियारों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। पाकिस्तान से आईं पिस्टलों से गुरुग्राम के एक कारोबारी की हत्या करने का प्लान था। तीन शूटर कारोबारी की रेकी कर चुके थे।
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pakistan weapons
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये पंजाब के सीमावर्ती इलाके में पहुंची पिस्टलों से गुरुग्राम के एक कारोबारी की हत्या की तैयारी थी। विदेश में बैठे गैंगस्टर दीपक नांदल के नेटवर्क से जुड़े तीन शूटर कारोबारी की रेकी कर चुके थे।
रंगदारी के लिए फायरिंग से पहले ही चंडीगढ़ ऑपरेशन सेल की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने तीनों को तीन अगस्त की रात ट्रिब्यून चौक के पास गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर अमृतसर के सीमावर्ती गांव काकर से हथियार सप्लायर निशान सिंह को भी पकड़ा गया।
चारों से तीन पिस्टल, दो मैगजीन और 19 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। ऑपरेशन सेल की एसपी गीतांजलि खंडेलवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कार्रवाई की जानकारी दी। अब एजीटीएफ हथियारों की सीमा पार सप्लाई से लेकर विदेश में बैठे हैंडलरों तक पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
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रंगदारी के लिए फायरिंग से पहले ही चंडीगढ़ ऑपरेशन सेल की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने तीनों को तीन अगस्त की रात ट्रिब्यून चौक के पास गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर अमृतसर के सीमावर्ती गांव काकर से हथियार सप्लायर निशान सिंह को भी पकड़ा गया।
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चारों से तीन पिस्टल, दो मैगजीन और 19 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। ऑपरेशन सेल की एसपी गीतांजलि खंडेलवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कार्रवाई की जानकारी दी। अब एजीटीएफ हथियारों की सीमा पार सप्लाई से लेकर विदेश में बैठे हैंडलरों तक पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
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पुलिस के मुताबिक काकर निवासी निशान सिंह पाकिस्तान में बैठे हथियार सप्लायर के संपर्क में था। ड्रोन से उसके खेत में हथियार गिराए जाते थे। वह उन्हें उठाकर गैंग के सदस्यों तक पहुंचाता था। गांव में डेयरी चलाने वाला निशान इसी की आड़ में हथियारों की सप्लाई करता था।
डिलीवरी के बदले मिलते थे 30 हजार रुपये
एक डिलीवरी के बदले उसे करीब 30 हजार रुपये मिलते थे। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि निशान अब तक कितनी खेप हासिल कर चुका था और नेटवर्क में उसके साथ कौन लोग जुड़े हैं। पूछताछ में पता चला कि शूटरों को निर्देश मिला था कि रंगदारी न देने पर कारोबारी का हत्या को अंजाम दिया जाएगा। शूटर ग्रुरुग्राम पहुचंते की इससे पहले चंडीगढ़ में पकड़े गए।
एक डिलीवरी के बदले उसे करीब 30 हजार रुपये मिलते थे। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि निशान अब तक कितनी खेप हासिल कर चुका था और नेटवर्क में उसके साथ कौन लोग जुड़े हैं। पूछताछ में पता चला कि शूटरों को निर्देश मिला था कि रंगदारी न देने पर कारोबारी का हत्या को अंजाम दिया जाएगा। शूटर ग्रुरुग्राम पहुचंते की इससे पहले चंडीगढ़ में पकड़े गए।
डेयरी की आड़ में हथियारों की सप्लाई
पुलिस के मुताबिक निशान गांव में डेयरी चलाता है। जांच में आरोप है कि डेयरी के काम की आड़ में वह सीमा पार से आने वाली हथियारों की खेप हासिल करता था।
पुलिस के मुताबिक निशान गांव में डेयरी चलाता है। जांच में आरोप है कि डेयरी के काम की आड़ में वह सीमा पार से आने वाली हथियारों की खेप हासिल करता था।
ड्रोन से उसकी खेत पर हथियार गिराए जाते थे, जिन्हें वह वहां से उठाकर आगे गैंग के सदस्यों तक पहुंचाता था। सप्लायर को एक डिलीवरी के 30 रुपये दिए मिलते हैं। टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तरीके से अब तक कितनी हथियारों की खेप भारत पहुंच चुकी है।
सोशल मीडिया से गैंग से जुडे़, मोटी रकम और विदेश भेजने का दिया था लालच
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार तीनों शूटर बेहद कम उम्र के हैं। तीनों जींद के रहने वाले हैं और नौवीं कक्षा तक पढ़े हैं। अजय सोशल मीडिया के जरिये विदेश में बैठे गैंग के नेटवर्क के संपर्क में आया था।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार तीनों शूटर बेहद कम उम्र के हैं। तीनों जींद के रहने वाले हैं और नौवीं कक्षा तक पढ़े हैं। अजय सोशल मीडिया के जरिये विदेश में बैठे गैंग के नेटवर्क के संपर्क में आया था।
बाद में उसने रोहित और देव को भी अपने साथ जोड़ लिया। तीनों को वारदात के बदले विदेश भेजने और मोटी रकम देने का लालच दिया गया था। आरोपी देव गुरुग्राम में मैकेनिक की शॉप पर काम करता था। वहीं रोहित मारुति कंपनी में काम करता था।
पुलिस के मुताबिक गैंग के निर्देश पर अजय ने गुरुग्राम में चिन्हित कारोबारी की रेकी की। इसके बाद रोहित और देव भी उसके साथ रेकी और वारदात की तैयारी में शामिल हो गए। तीनों विदेश में बैठे नेटवर्क के सदस्यों के संपर्क में थे और उनके निर्देश ले रहे थे।
यूएई में बैठा अरुण था संपर्क की कड़ी
जांच में सामने आया कि सोनीपत निवासी अरुण ने गिरफ्तार अजय का संपर्क म्युजिक प्रोड्यूसर से गैंगस्टर बने दीपक नांदल से कराया था। अरुण फिलहाल यूएई में देहाड़ी का काम कर रहा है।
जांच में सामने आया कि सोनीपत निवासी अरुण ने गिरफ्तार अजय का संपर्क म्युजिक प्रोड्यूसर से गैंगस्टर बने दीपक नांदल से कराया था। अरुण फिलहाल यूएई में देहाड़ी का काम कर रहा है।
आरोपी अजय मूल रूप से हरियाणा के जींद का रहने वाला है। वह कुछ समय से सोनीपत अपने नाना के घर पर था। अरुण से काफी समय से संपर्क में था। अब एजीटीएफ अरुण के नेटवर्क और दीपक नांदल से उसके कथित संबंधों की जांच कर रही है।
चारों आरोपियों के खिलाफ थाना-31 में आर्म्स एक्ट की धारा 25/54/59 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब सीमा पार से हथियारों की सप्लाई, नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और गैंग के संभावित अन्य टारगेट के बारे में जानकारी जुटा रही है।