फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   Police removed 16,308 pieces of illegal online content

हरियाणा: पुलिस ने हटाए अवैध ऑनलाइन कंटेंट, साइबर अपराध पर कसा शिकंजा

Thu, 20 Aug 2026 03:57 PM IST
शाहिल शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: शाहिल शर्मा Updated Thu, 20 Aug 2026 03:57 PM IST
सार

हरियाणा पुलिस की प्राथमिकता है कि तकनीक का उपयोग अपराधियों से एक कदम आगे रहकर किया जाए। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया निगरानी, यूआरएल अवरोधन और ऑनलाइन सामग्री हटाने के माध्यम से साइबर अपराध पर नियंत्रण किया जा रहा है।

विज्ञापन
Police removed 16,308 pieces of illegal online content
साइबर अपराध - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

हरियाणा पुलिस ने साइबर अपराध और ऑनलाइन दुष्प्रचार के खिलाफ अपनी डिजिटल निगरानी व्यवस्था मजबूत की है। जनवरी से जुलाई 2026 तक पुलिस ने 16,308 अवैध ऑनलाइन सामग्री हटाई है। पुलिस का सोशल मीडिया निगरानी और यूआरएल अवरोधन दल लगातार ऑनलाइन माध्यमों पर नजर रखता है। यह दल फिशिंग कड़ियों, फर्जी वेबसाइटों, धोखाधड़ी वाले आवेदनों, भ्रामक विज्ञापनों और फर्जी प्रोफाइल पर कार्रवाई करता है। हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि आज के डिजिटल दौर में अपराध की प्रकृति तेजी से बदल रही है। अपराधी तकनीक का दुरुपयोग कर नागरिकों को निशाना बनाते हैं। 

विज्ञापन


हरियाणा पुलिस की प्राथमिकता है कि तकनीक का उपयोग अपराधियों से एक कदम आगे रहकर किया जाए। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया निगरानी, यूआरएल अवरोधन और ऑनलाइन सामग्री हटाने के माध्यम से साइबर अपराध पर नियंत्रण किया जा रहा है। पुलिस की डिजिटल निगरानी केवल साइबर धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है। यह सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने या आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले कंटेंट पर भी नजर रखती है। महिलाओं और बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट पर तुरंत कार्रवाई होती है। इसका उद्देश्य नागरिकों के लिए सुरक्षित डिजिटल वातावरण बनाना है।
विज्ञापन


ऑनलाइन सामग्री हटाने की प्रक्रिया
साइबर दल रोजाना उन पोस्ट, वीडियो, कड़ियों और प्रोफाइल की पहचान करता है जिनमें गलत जानकारी होती है। उकसाने वाली भाषा या सार्वजनिक शांति भंग करने वाली सामग्री भी इसमें शामिल है। ऐसी सामग्री का संज्ञान लेते ही सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79(3)(b) के तहत नोटिस जारी होता है। संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से इसे तुरंत हटाने की मांग की जाती है। यह प्रक्रिया डिजिटल क्षेत्र में अपराधियों की गतिविधियों की पहचान, सत्यापन और हटाने को तेज बनाती है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

महिला एवं बाल सुरक्षा पर विशेष ध्यान
ऑनलाइन महिला एवं बच्चों के खिलाफ अपराध इकाई हानिकारक और गैर-कानूनी ऑनलाइन सामग्री की विशेष निगरानी करती है। ऐसे कंटेंट की पहचान होते ही संबंधित प्लेटफॉर्म पर रिपोर्ट की जाती है। इसके शीघ्र हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। इस व्यवस्था का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों को ऑनलाइन उत्पीड़न और शोषण से बचाना है। यह तकनीक-आधारित डिजिटल निगरानी मॉडल फर्जी डिजिटल पहचान, ऑनलाइन धोखाधड़ी और फर्जी खबरों पर भी कार्रवाई करता है।

नागरिकों से सतर्क रहने की अपील
पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने नागरिकों से फर्जी निवेश और व्यापारिक आवेदनों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी कम समय में अधिक मुनाफे का लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। सिंघल ने अनुरोध किया कि किसी भी संदिग्ध आवेदन, कड़ी या वेबसाइट पर धन का लेन-देन न करें। निवेश से पहले उसकी विश्वसनीयता अवश्य जांच लें। साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल साइबर सहायता नंबर 1930 पर कॉल करें। शिकायत www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर भी दर्ज की जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed