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Chandigarh-Haryana News: 6 चरणों में अगले साल 30 जून तक राइस मिलों को लौटाना होगा धान, देरी पर जुर्माना
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खरीफ-2026 के लिए मिलिंग पॉलिसी में राइस मिलरों के लिए जारी किए निर्देश
अरुण शर्मा
चंडीगढ़। हरियाणा में राइस मिलरों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए खरीफ-2026 के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। केंद्रीय पूल के लिए फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) को राइस मिलर 30 जून 2027 तक चावल वापस करेंगे। यदि देरी होती है तो दंडात्मक जुर्माना भी लगाया जा सकेगा। जुर्माने का निर्णय खरीद एजेंसियां या संबंधित जिलों के विभाग प्रमुख करेंगे। इसके लिए स्पष्ट निर्देश धान खरीद के दौरान जारी होंगे।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की ओर से मिलिंग पॉलिसी-2026 में सख्त प्रावधान किए हैं। निर्देशों में स्पष्ट कहा गया है कि जो भी दंडात्मक प्रावधानों के तहत जुर्माना लगाया जाएगा वह सभी एजेंसियों के माध्यम से समान रूप से लागू होगा। कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) इस वर्ष 31 दिसंबर तक 15 प्रतिशत वापस करना अनिवार्य होगा। अगले वर्ष जनवरी तक 25 प्रतिशत, फरवरी तक 20 प्रतिशत, मार्च और मई में 15-15 प्रतिशत तक चावल वापस करना होगा। शेष 10 प्रतिशत चावल अनिवार्य रूप से जून तक वापस करना होगा। मिलरों को 22 अगस्त तक पंजीकरण कराना होगा। यह भी निर्देश दिए हैं कि एक पैन कार्ड पर एक ही पंजीकरण होगा।
गोदामों में भंडारण की कमी या हड़ताल होने पर लेना होगा प्रमाण पत्र
मिलिंग पॉलिसी में यह प्रावधान किया है कि एफसीआई के गोदामों में स्थान की कमी होने पर प्रमाण पत्र लेना होगा। माल ढुलाई वाले मजदूरों या एफसीआई के कर्मचारियों की हड़ताल किन्हीं कारणों से होती है तो इसका भी क्षेत्रीय प्रबंधकों के माध्यम से प्रमाण पत्र लेना होगा। सीएमआर वितरण प्रक्रिया को 31 अक्तूबर को अंतिम रूप दिया जाएगा। सामान्य चावल की ग्रेड ए चावल में अदला-बदली नहीं की जाएगी। यदि ऐसा हुआ तो संबंधित जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी, सहायक जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी, निरीक्षक, उप निरीक्षक जिम्मेदार होंगे।
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1 अक्तूबर से 15 नवंबर तक होगी धान की खरीद
खरीफ-2026 के लिए निर्धारित मंडियों व क्रय केंद्रों पर धान की खरीद 1 अक्तूबर से 15 नवंबर तक होगी। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) ग्रेड ए के लिए 2461 और कॉमन धान की खरीद के लिए 2441 रुपये तय है। मिलिंग पॉलिसी-2026 में यह भी कहा गया है कि बासमती, मुच्छल, पीबी-1509, 1121 की प्रचलित कीमतें ग्रेड-ए व सामान्य किस्मों के एमएसपी से कम रहती हैं तो केंद्र सरकार से उचित दर निर्धारित करने का अनुरोध किया जाएगा।
खरीद के बाद राइस मिलों तक धान पहुंचाने और चावल वापसी की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। बायोमीटि्रक से लेकर जियो फेसिंग की व्यवस्था होगी । राइस मिलरों के पंजीकरण को लेकर निर्देशों का पालन करना होगा। यदि राइस मिल संचालक चावल वापसी में देरी करते हैं और जुर्माना लगता है तो इसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार होंगे।
- राजेश नागर, मंत्री, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग
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अरुण शर्मा
चंडीगढ़। हरियाणा में राइस मिलरों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए खरीफ-2026 के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। केंद्रीय पूल के लिए फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) को राइस मिलर 30 जून 2027 तक चावल वापस करेंगे। यदि देरी होती है तो दंडात्मक जुर्माना भी लगाया जा सकेगा। जुर्माने का निर्णय खरीद एजेंसियां या संबंधित जिलों के विभाग प्रमुख करेंगे। इसके लिए स्पष्ट निर्देश धान खरीद के दौरान जारी होंगे।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की ओर से मिलिंग पॉलिसी-2026 में सख्त प्रावधान किए हैं। निर्देशों में स्पष्ट कहा गया है कि जो भी दंडात्मक प्रावधानों के तहत जुर्माना लगाया जाएगा वह सभी एजेंसियों के माध्यम से समान रूप से लागू होगा। कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) इस वर्ष 31 दिसंबर तक 15 प्रतिशत वापस करना अनिवार्य होगा। अगले वर्ष जनवरी तक 25 प्रतिशत, फरवरी तक 20 प्रतिशत, मार्च और मई में 15-15 प्रतिशत तक चावल वापस करना होगा। शेष 10 प्रतिशत चावल अनिवार्य रूप से जून तक वापस करना होगा। मिलरों को 22 अगस्त तक पंजीकरण कराना होगा। यह भी निर्देश दिए हैं कि एक पैन कार्ड पर एक ही पंजीकरण होगा।
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गोदामों में भंडारण की कमी या हड़ताल होने पर लेना होगा प्रमाण पत्र
मिलिंग पॉलिसी में यह प्रावधान किया है कि एफसीआई के गोदामों में स्थान की कमी होने पर प्रमाण पत्र लेना होगा। माल ढुलाई वाले मजदूरों या एफसीआई के कर्मचारियों की हड़ताल किन्हीं कारणों से होती है तो इसका भी क्षेत्रीय प्रबंधकों के माध्यम से प्रमाण पत्र लेना होगा। सीएमआर वितरण प्रक्रिया को 31 अक्तूबर को अंतिम रूप दिया जाएगा। सामान्य चावल की ग्रेड ए चावल में अदला-बदली नहीं की जाएगी। यदि ऐसा हुआ तो संबंधित जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी, सहायक जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी, निरीक्षक, उप निरीक्षक जिम्मेदार होंगे।
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1 अक्तूबर से 15 नवंबर तक होगी धान की खरीद
खरीफ-2026 के लिए निर्धारित मंडियों व क्रय केंद्रों पर धान की खरीद 1 अक्तूबर से 15 नवंबर तक होगी। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) ग्रेड ए के लिए 2461 और कॉमन धान की खरीद के लिए 2441 रुपये तय है। मिलिंग पॉलिसी-2026 में यह भी कहा गया है कि बासमती, मुच्छल, पीबी-1509, 1121 की प्रचलित कीमतें ग्रेड-ए व सामान्य किस्मों के एमएसपी से कम रहती हैं तो केंद्र सरकार से उचित दर निर्धारित करने का अनुरोध किया जाएगा।
खरीद के बाद राइस मिलों तक धान पहुंचाने और चावल वापसी की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। बायोमीटि्रक से लेकर जियो फेसिंग की व्यवस्था होगी । राइस मिलरों के पंजीकरण को लेकर निर्देशों का पालन करना होगा। यदि राइस मिल संचालक चावल वापसी में देरी करते हैं और जुर्माना लगता है तो इसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार होंगे।
- राजेश नागर, मंत्री, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग