{"_id":"6a856f50b9550102870fa7c1","slug":"satish-poonia-handed-punjab-bjp-charge-alongside-haryana-role-ahead-of-2027-polls-2026-08-19","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"राजनीति: हरियाणा मॉडल के सहारे पंजाब में कमल खिलाना पूनिया के लिए चुनौती, ये 2 पार्टी हैं प्रमुख प्रतिद्वंद्वी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजनीति: हरियाणा मॉडल के सहारे पंजाब में कमल खिलाना पूनिया के लिए चुनौती, ये 2 पार्टी हैं प्रमुख प्रतिद्वंद्वी
Wed, 19 Aug 2026 02:45 PM IST
Sharukh Khan
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Sharukh Khan
Updated Wed, 19 Aug 2026 02:45 PM IST
सार
हरियाणा मॉडल के सहारे पंजाब में कमल खिलाना सतीश पूनिया के लिए चुनौती होगा। हरियाणा के प्रभारी रहते हुए पंजाब की जिम्मेदारी सौंपना पार्टी की खास रणनीति का हिस्सा है। सूबे में संगठन को मजबूत कर भाजपा को शहरी पार्टी की छवि से बाहर निकलना होगा।
विज्ञापन
Satish Poonia
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भाजपा हाईकमान ने साल 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए सतीश पूनिया को पंजाब भाजपा का प्रभारी नियुक्त किया है। पूनिया को हरियाणा भाजपा का प्रभारी रहते हुए यह अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह पार्टी की पंजाब में चुनावी रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। पूनिया के सामने हरियाणा मॉडल के सहारे पंजाब में भी भाजपा को मजबूत करने की बड़ी चुनौती है।
पूनिया हरियाणा में भाजपा की लगातार तीसरी जीत के प्रमुख रणनीतिकार रहे हैं। वह साल 2024 के विधानसभा चुनाव में हरियाणा के प्रभारी थे। साल 2019 के विधानसभा चुनाव में भी पूनिया हरियाणा के कोऑर्डिनेटर थे।
राजनीतिक मामलों के जानकार जगतार सिंह भुल्लर कहते हैं कि हरियाणा मॉडल को पंजाब में लागू करना आसान नहीं होगा। दोनों राज्यों की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियां भिन्न हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी पंजाब में सक्रिय हैं। सैनी का प्रचार और पूनिया की रणनीति से पंजाब भाजपा को चुनाव में लाभ मिल सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पूनिया हरियाणा में भाजपा की लगातार तीसरी जीत के प्रमुख रणनीतिकार रहे हैं। वह साल 2024 के विधानसभा चुनाव में हरियाणा के प्रभारी थे। साल 2019 के विधानसभा चुनाव में भी पूनिया हरियाणा के कोऑर्डिनेटर थे।
विज्ञापन
राजनीतिक मामलों के जानकार जगतार सिंह भुल्लर कहते हैं कि हरियाणा मॉडल को पंजाब में लागू करना आसान नहीं होगा। दोनों राज्यों की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियां भिन्न हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी पंजाब में सक्रिय हैं। सैनी का प्रचार और पूनिया की रणनीति से पंजाब भाजपा को चुनाव में लाभ मिल सकता है।
विज्ञापन
भुल्लर के अनुसार, हाईकमान ने पंजाब में पार्टी के नए और पुराने कैडर में संतुलन स्थापित किया है। नए प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों का पृष्ठभूमि साल 2022 से पहले कांग्रेसी था। वहीं, नए प्रभारी सतीश पूनिया भाजपा कैडर के हैं।
संगठन को मजबूत करने की चुनौती
पंजाब भाजपा के अध्यक्ष हाल ही में बदले गए हैं। पूर्व विधायक केवल सिंह ढिल्लों को अध्यक्ष बनाया गया है। ढिल्लों की नई टीम में कई पुराने भाजपा नेताओं को दरकिनार किया गया है। इससे पार्टी के कुछ नेताओं में मनमुटाव चल रहा है। पूनिया को संगठन मजबूत करने के साथ-साथ सभी नेताओं को एकजुट करना होगा। उन्हें साल 2027 में भाजपा की जीत के लिए एक मजबूत नींव तैयार करनी पड़ेगी।
पंजाब भाजपा के अध्यक्ष हाल ही में बदले गए हैं। पूर्व विधायक केवल सिंह ढिल्लों को अध्यक्ष बनाया गया है। ढिल्लों की नई टीम में कई पुराने भाजपा नेताओं को दरकिनार किया गया है। इससे पार्टी के कुछ नेताओं में मनमुटाव चल रहा है। पूनिया को संगठन मजबूत करने के साथ-साथ सभी नेताओं को एकजुट करना होगा। उन्हें साल 2027 में भाजपा की जीत के लिए एक मजबूत नींव तैयार करनी पड़ेगी।
शहरी छवि से बाहर निकलना और आधार विस्तार
पूनिया के लिए भाजपा को पंजाब में शहरी पार्टी की छवि से उभारना एक बड़ी चुनौती है। पंजाब में भाजपा का पारंपरिक आधार मुख्य रूप से शहरी और अर्ध-शहरी हिंदू मतदाताओं में रहा है। पार्टी को ग्रामीण पंजाब, खासकर किसान और जाट सिख मतदाताओं के बीच अपना आधार बढ़ाना है।
पूनिया के लिए भाजपा को पंजाब में शहरी पार्टी की छवि से उभारना एक बड़ी चुनौती है। पंजाब में भाजपा का पारंपरिक आधार मुख्य रूप से शहरी और अर्ध-शहरी हिंदू मतदाताओं में रहा है। पार्टी को ग्रामीण पंजाब, खासकर किसान और जाट सिख मतदाताओं के बीच अपना आधार बढ़ाना है।
पूनिया खुद जाट पृष्ठभूमि से आते हैं इसलिए पार्टी उनकी सामाजिक पहुंच का उपयोग करना चाहती है। भाजपा ने मनप्रीत सिंह बादल को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाकर ग्रामीण और सिख वोट बैंक तक पहुंच बनाने का संकेत दिया है।
आप और कांग्रेस को मानते हैं प्रमुख प्रतिद्वंद्वी
पंजाब के नए प्रभारी सतीश पूनिया आम आदमी पार्टी और कांग्रेस को भाजपा का मुख्य प्रतिद्वंद्वी मानते हैं। पूनिया ने कहा कि चुनाव में आप और कांग्रेस से दोहरी राजनीतिक लड़ाई होगी। एक ओर आम आदमी पार्टी सत्ता में है तो दूसरी तरफ कांग्रेस का पंजाब में लंबा संगठनात्मक और राजनीतिक आधार है।
पंजाब के नए प्रभारी सतीश पूनिया आम आदमी पार्टी और कांग्रेस को भाजपा का मुख्य प्रतिद्वंद्वी मानते हैं। पूनिया ने कहा कि चुनाव में आप और कांग्रेस से दोहरी राजनीतिक लड़ाई होगी। एक ओर आम आदमी पार्टी सत्ता में है तो दूसरी तरफ कांग्रेस का पंजाब में लंबा संगठनात्मक और राजनीतिक आधार है।
भाजपा के लिए पंजाब में किसान मुद्दा अभी भी संवेदनशील है। पूनिया को केंद्र की नीतियों को लेकर किसानों के बीच बनी नाराजगी कम करनी होगी। उन्हें भाजपा के प्रति किसानों का भरोसा बढ़ाने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा।
सतीश पूनिया बने पंजाब भाजपा के प्रभारी
भाजपा ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए राजस्थान के वरिष्ठ नेता सतीश पूनिया को पंजाब भाजपा का नया प्रभारी नियुक्त किया है।
भाजपा ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए राजस्थान के वरिष्ठ नेता सतीश पूनिया को पंजाब भाजपा का नया प्रभारी नियुक्त किया है।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने मंगलवार को विभिन्न राज्यों के प्रभारियों की नियुक्ति की घोषणा की। पूनिया राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। संगठन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। वह हरियाणा के भी प्रभारी रह चुके हैं।
पंजाब की जिम्मेदारी मिलने के बाद पार्टी को उनसे संगठन और प्रदेश नेतृत्व के बीच बेहतर तालमेल बनाने के साथ ही नए सामाजिक समीकरण साधने और चुनावी रणनीति को बूथ स्तर तक मजबूत करने की उम्मीद है।
भाजपा ने हाल के दिनों में पंजाब के कई प्रमुख नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारियां देकर राज्य पर अपना फोकस बढ़ाया है। ऐसे में पूनिया की नियुक्ति को पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को गति देने की रणनीति की अहम कड़ी माना जा रहा है।