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Chandigarh-Haryana News: सुरक्षा की मुहर के बिना स्कूल निर्माण
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- 25 लाख तक के निर्माण पर केवल उपयोग प्रमाणपत्र देने की व्यवस्था
- सूचना आयोग ने कहा- निर्माण की गुणवत्ता के लिए पूर्णता प्रमाणपत्र जरूरी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के माध्यम से 25 लाख रुपये तक की लागत से स्कूलों में बनने वाले कक्षों व अन्य निर्माण कार्यों के लिए पूर्णता प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जाता है। ऐसे मामलों में केवल उपयोग प्रमाणपत्र दिया जाता है जिसमें स्वीकृत धनराशि निर्धारित कार्य पर खर्च होने का ब्योरा होता है। यह तथ्य भिवानी के एक सूचना के अधिकार मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सूचना आयोग के सामने आया है।
जिला परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा के जन सूचना अधिकारी ने आयोग को बताया कि 25 लाख रुपये तक के निर्माण कार्यों के लिए विभाग स्वीकृत नक्शे उपलब्ध कराता है। निर्माण की निगरानी और सत्यापन हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (एचएसएसपीपी) के कनिष्ठ अभियंता और उपमंडल अभियंता करते हैं। 25 लाख रुपये से अधिक लागत वाले निर्माण जो निविदा प्रक्रिया या लोक निर्माण विभाग के माध्यम से होते हैं उनके लिए पूर्णता प्रमाणपत्र जारी किया जाता है।
राज्य सूचना आयुक्त डॉ. अजय कुमार सूरा ने कहा कि पूर्णता प्रमाणपत्र निर्माण स्वीकृत नक्शे, गुणवत्ता मानकों और सुरक्षा नियमों के अनुरूप पूरा होने की गारंटी होती है। जबकि उपयोग प्रमाणपत्र केवल धन के उपयोग का प्रमाण है। दोनों को एक-दूसरे का विकल्प नहीं माना जा सकता। आयोग ने शिकायत को अपील में बदलते हुए शेष सूचना 15 दिन में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए और कहा कि स्कूल भवनों की सुरक्षा के लिए निर्माण गुणवत्ता का प्रमाण भी आवश्यक है।
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- सूचना आयोग ने कहा- निर्माण की गुणवत्ता के लिए पूर्णता प्रमाणपत्र जरूरी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के माध्यम से 25 लाख रुपये तक की लागत से स्कूलों में बनने वाले कक्षों व अन्य निर्माण कार्यों के लिए पूर्णता प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जाता है। ऐसे मामलों में केवल उपयोग प्रमाणपत्र दिया जाता है जिसमें स्वीकृत धनराशि निर्धारित कार्य पर खर्च होने का ब्योरा होता है। यह तथ्य भिवानी के एक सूचना के अधिकार मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सूचना आयोग के सामने आया है।
जिला परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा के जन सूचना अधिकारी ने आयोग को बताया कि 25 लाख रुपये तक के निर्माण कार्यों के लिए विभाग स्वीकृत नक्शे उपलब्ध कराता है। निर्माण की निगरानी और सत्यापन हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (एचएसएसपीपी) के कनिष्ठ अभियंता और उपमंडल अभियंता करते हैं। 25 लाख रुपये से अधिक लागत वाले निर्माण जो निविदा प्रक्रिया या लोक निर्माण विभाग के माध्यम से होते हैं उनके लिए पूर्णता प्रमाणपत्र जारी किया जाता है।
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राज्य सूचना आयुक्त डॉ. अजय कुमार सूरा ने कहा कि पूर्णता प्रमाणपत्र निर्माण स्वीकृत नक्शे, गुणवत्ता मानकों और सुरक्षा नियमों के अनुरूप पूरा होने की गारंटी होती है। जबकि उपयोग प्रमाणपत्र केवल धन के उपयोग का प्रमाण है। दोनों को एक-दूसरे का विकल्प नहीं माना जा सकता। आयोग ने शिकायत को अपील में बदलते हुए शेष सूचना 15 दिन में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए और कहा कि स्कूल भवनों की सुरक्षा के लिए निर्माण गुणवत्ता का प्रमाण भी आवश्यक है।
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