हरियाणा में कांट्रैक्ट पर आएंगे स्पेशलिस्ट डॉक्टर: 195 पदों पर होगी भर्ती, नूंह में सबसे ज्यादा दो लाख सैलरी
सरकार का मानना है कि इस भर्ती से सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर होगी और ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों में मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
विस्तार
हरियाणा के अस्पतालों में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए राज्य सरकार विभिन्न जिलों में 195 स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर भर्ती करेगी।
ये भर्तियां गायनेकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, मेडिसिन और एनेस्थेटिस्ट के पदों पर की जाएंगी। सामान्य जिलों में एमबीबीएस के साथ डिप्लोमा धारकों को करीब एक लाख रुपये प्रति माह, जबकि एमडी/एमएस/डीएनबी के योग्य उम्मीदवारों को 1.50 लाख रुपये मासिक वेतन दिया जाएगा।
वहीं, नूंह के लिए यह वेतन और ज्यादा रखा गया है। डिप्लोमा धारकों को 1.50 लाख और स्पेशलिस्ट डिग्री वालों को 2 लाख रुपये प्रति माह तक मिलेगा। इन सभी डॉक्टरों की भर्तियां नेशनल हेल्थ मिशन के माध्यम से की जाएंगी।
गुरुग्राम को छोड़ बाकी जिलों में निकली भर्तियां
हरियाणा के अस्पतालों में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भारी कमी है, जिसकी वजह से मरीजों को निजी अस्पताल या दिल्ली व चंडीगढ़ के बड़े सरकारी अस्पताल में आना पड़ता है। इससे मरीज को परेशानी के साथ समय व पैसा भी ज्यादा खर्च होता है। इन सभी परेशानियों को ध्यान में रखते हुए अब सरकार ने गुरुग्राम छोड़ बाकी जिलों में डॉक्टरों की भर्ती निकाली है।
इस भर्ती में गायनेकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, फिजिशियन और एनेस्थेटिस्ट जैसे अहम विशेषज्ञ शामिल हैं, जो सीधे तौर पर मातृ-शिशु स्वास्थ्य और इमरजेंसी सेवाओं से जुड़े होते हैं। 195 डॉक्टरों की पोस्टों में 56 गायनेकोलॉजिस्ट, 62 पीडियाट्रिशियन, 32 फिजिशियन (मेडिसिन) और 45 एनेस्थेटिस्ट की जरूरत है। भर्ती प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए हर बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इंटरव्यू होंगे, जबकि दस्तावेजों का सत्यापन हर गुरुवार को संबंधित सिविल सर्जन कार्यालय में किया जाएगा। चयनित उम्मीदवारों को ऑफर लेटर मिलने के 30 दिनों के भीतर जॉइन करना होगा।
जिलावार आंकड़ों के अनुसार, सबसे ज्यादा भर्तियां कैथल (20), भिवानी (19) और फतेहाबाद (18) में हैं। वहीं, गुरुग्राम जिले में फिलहाल कोई रिक्ति नहीं दिखाई गई है। सरकार का मानना है कि इस भर्ती से सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर होगी और ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों में मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा। खास बात यह भी है कि नूंह जैसे संवेदनशील जिले के लिए अधिक वेतन तय किया गया है, ताकि वहां डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
इन जिलों में सबसे ज्यादा पोस्टें निकाली गई
जिला गायनेकोलॉजिस्ट पीडियाट्रिशियन मेडिसिन एनेस्थेटिस्ट कुल
भिवानी 6 6 3 4 19
फतेहाबाद 5 5 3 5 18
हिसार 4 4 1 4 13
जींद 5 6 0 4 15
कैथल 6 7 3 4 20
करनाल 2 4 0 2 8
कुरुक्षेत्र 2 2 2 2 8
नारनौल 6 5 1 3 15
पलवल 4 4 2 3 13
सोनीपत 3 3 4 1 11
यमुनानगर 3 1 2 5 11