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प्रदेश में खरीफ दालों का रकबा 70 हजार से बढ़कर 1 लाख एकड़ पहुंचा : राणा
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में खरीफ दालों का क्षेत्रफल वर्ष 2022-23 में 70 हजार एकड़ के करीब था जो वर्तमान में बढ़कर लगभग एक लाख एकड़ तक पहुंच गया है। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा मध्यप्रदेश के सिहोर में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद व मध्यप्रदेश कृषि विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत आयोजित राष्ट्रीय परामर्श एवं रणनीति सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि दलहन फसलें देश की पोषण सुरक्षा की रीढ़ हैं। बदलते जलवायु परिदृश्य में ये फसलें किसानों के लिए टिकाऊ और सुरक्षित विकल्प बनकर उभर रही हैं। प्रदेश में दलहन उत्पादन बढ़ाने के साथ मूल्य संवर्धन, भंडारण, विपणन और मूल्य स्थिरता पर भी समान ध्यान देना जरूरी है। प्रदेश में 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रही है। उन्होंने अनुसंधान, उन्नत बीज, नई तकनीक, बाजार तक पहुंच और सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से नवाचार को खेतों तक पहुंचाने पर जोर देते हुए कहा कि राज्यों की सक्रिय भागीदारी से ही दलहन मिशन के बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
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चंडीगढ़। हरियाणा में खरीफ दालों का क्षेत्रफल वर्ष 2022-23 में 70 हजार एकड़ के करीब था जो वर्तमान में बढ़कर लगभग एक लाख एकड़ तक पहुंच गया है। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा मध्यप्रदेश के सिहोर में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद व मध्यप्रदेश कृषि विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत आयोजित राष्ट्रीय परामर्श एवं रणनीति सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि दलहन फसलें देश की पोषण सुरक्षा की रीढ़ हैं। बदलते जलवायु परिदृश्य में ये फसलें किसानों के लिए टिकाऊ और सुरक्षित विकल्प बनकर उभर रही हैं। प्रदेश में दलहन उत्पादन बढ़ाने के साथ मूल्य संवर्धन, भंडारण, विपणन और मूल्य स्थिरता पर भी समान ध्यान देना जरूरी है। प्रदेश में 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रही है। उन्होंने अनुसंधान, उन्नत बीज, नई तकनीक, बाजार तक पहुंच और सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से नवाचार को खेतों तक पहुंचाने पर जोर देते हुए कहा कि राज्यों की सक्रिय भागीदारी से ही दलहन मिशन के बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
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