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Chandigarh-Haryana News: निजी स्कूलों से जुड़ीं योजनाओं को लेकर शिक्षा विभाग ने निगरानी बढ़ाई
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- चिराग योजना, 134 ए के तहत वर्दी सहित अन्य सुविधाओं को पोर्टल से जोड़ेगा शिक्षा विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। निजी स्कूलों से जुड़ी सरकारी लाभ की योजनाओं की निगरानी शिक्षा विभाग ने बढ़ा दी है। पहली बार चिराग योजना और 134 ए के तहत निशुल्क वर्दी सहित अन्य सुविधाओं को शिक्षा विभाग ने अपने आधिकारिक पोर्टल से जोड़ने का फैसला लिया है। इसके अतिरिक्त जिलास्तरीय कमेटी भी गठित होगी जो लाभार्थियों व निजी स्कूलों के बीच सुविधाओं को सत्यापित करेगी।
सूत्रों के मुताबिक शिक्षा विभाग ने सरकारी योजनाओं में किसी भी तरह की धांधली को रोकने के लिए पहली बार यह कदम उठाया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से चिराग योजना के तहत पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए पारिवारिक आय की सीमा 1.80 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दी गई है। इसी तरह सरकारी योजना 134-ए के तहत निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मिलने वाले सभी लाभों का ब्योरा पोर्टल पर चढ़ाया जाएगा। वर्तमान में 2 हजार से अधिक निजी स्कूलों में विद्यार्थियों को चिराग योजना के तहत निशुल्क शिक्षा मिल रही है।
नए नियमों के तहत प्रत्येक जिले में मौलिक व जिला शिक्षा अधिकारियों के नेतृत्व में कमेटी बनेगी। इनमें शिक्षा विभाग के जिलास्तरीय अन्य अधिकारी भी सदस्य होंगे। कमेटी का मुख्य काम विद्यार्थियों के दस्तावेजों और निजी स्कूलों के क्लेम को सत्यापित करना होगा। इस प्रक्रिया को विद्यार्थियों के अभिभावकों के मोबाइल नंबर से जोड़ा जाएगा और वन टाइम पासवर्ड भरने के बाद प्रक्रिया पूरी होगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। निजी स्कूलों से जुड़ी सरकारी लाभ की योजनाओं की निगरानी शिक्षा विभाग ने बढ़ा दी है। पहली बार चिराग योजना और 134 ए के तहत निशुल्क वर्दी सहित अन्य सुविधाओं को शिक्षा विभाग ने अपने आधिकारिक पोर्टल से जोड़ने का फैसला लिया है। इसके अतिरिक्त जिलास्तरीय कमेटी भी गठित होगी जो लाभार्थियों व निजी स्कूलों के बीच सुविधाओं को सत्यापित करेगी।
सूत्रों के मुताबिक शिक्षा विभाग ने सरकारी योजनाओं में किसी भी तरह की धांधली को रोकने के लिए पहली बार यह कदम उठाया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से चिराग योजना के तहत पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए पारिवारिक आय की सीमा 1.80 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दी गई है। इसी तरह सरकारी योजना 134-ए के तहत निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मिलने वाले सभी लाभों का ब्योरा पोर्टल पर चढ़ाया जाएगा। वर्तमान में 2 हजार से अधिक निजी स्कूलों में विद्यार्थियों को चिराग योजना के तहत निशुल्क शिक्षा मिल रही है।
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नए नियमों के तहत प्रत्येक जिले में मौलिक व जिला शिक्षा अधिकारियों के नेतृत्व में कमेटी बनेगी। इनमें शिक्षा विभाग के जिलास्तरीय अन्य अधिकारी भी सदस्य होंगे। कमेटी का मुख्य काम विद्यार्थियों के दस्तावेजों और निजी स्कूलों के क्लेम को सत्यापित करना होगा। इस प्रक्रिया को विद्यार्थियों के अभिभावकों के मोबाइल नंबर से जोड़ा जाएगा और वन टाइम पासवर्ड भरने के बाद प्रक्रिया पूरी होगी।