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Chandigarh-Haryana News: राज्यसभा जाने के लिए मचेगी होड़, भाजपा-कांग्रेस जड़ों को करेंगी मजबूत
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नया साल राजनीति के लिए काफी अहम साबित होगा, साल की शुरुआत में सात निकायों के होने हैं चुनाव
आशीष वर्मा
चंडीगढ़। हरियाणा की राजनीति के लिहाज से साल 2026 काफी अहम साबित होने वाला है। अगला विधानसभा चुनाव भले ही
साढ़े तीन साल बाद हो मगर रणनीति नए साल से बनना शुरू हो जाएगी। सत्ताधारी दल भाजपा गांवों में अपनी जड़े मजबूत करेगी तो कांग्रेस इस साल प्रदेश व जिलास्तरीय संगठन का विस्तार करेगी। साल की शुरुआत में हरियाणा के कोटे की राज्य सभा की दो सीटों के लिए घमासान मचेगा। यदि कोई बड़ा उलटफेर नहीं हुआ तो दो में से एक सीट भाजपा व दूसरी सीट कांग्रेस के खाते में जाएगी। सात निकायों के चुनाव में भी राजनीतिक दलों का दमखम देखने को मिलेगा।
राज्यसभा की दो सीटों का कार्यकाल अप्रैल में पूरा हो रहा है। दोनों ही सीटों पर भाजपा कब्जा है। एक सीट पर किरण चौधरी और दूसरी सीट पर राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा है। बताया जा रहा है कि इन दोनों सीटों पर मार्च में ही चुनाव हो जाएंगे। चुनाव से पहले राज्यसभा जाने के लिए दोनों दलों के अंदर दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है। भाजपा में किरण चौधरी दोबारा से राज्यसभा जाने के लिए हाथ-पैर मार रही हैं तो वहीं लोकसभा व विधानसभा चुनाव में खाली हाथ रहे दूसरे भाजपा नेता भी दम दिखाएंगे। उधर कांग्रेस में भी उम्मीदवार तय करना आसान नहीं होगा। राज्यसभा जाने वाला नेता हुड्डा समर्थक होगा या फिर कोई विरोधी खेमे का। पुराने इतिहास को देखते हुए हाईकमान किसी बाहरी शख्स को हरियाणा से राज्यसभा भेजने के लिए सोच-समझकर ही दांव खेलेगी। कुल मिलाकर राजनीति में दिलचस्प उथल-पुथल साल के शुरुआती महीनों में देखने को मिल सकती है।
गांवों में जड़े मजबूत करेगी भाजपा, अध्यक्ष पद पर होगी नियुक्ति
भाजपा ने साल 2029 की अभी से तैयारी शुरू कर दी है। जिन विधानसभा सीटों पर भाजपा हारी थी उनका एक सर्वे हो चुका है। जल्द ही दूसरा सर्वे भी होना है। उसके बाद पहले संगठन स्तर पर और फिर जमीन पर भाजपा काम करेगी। उसके अलावा उन गांवों पर काम किया जाएगा जहां भाजपा को वोट नहीं मिले हैं। उसकी भी रिपोर्ट मुख्यमंत्री व संगठन को सौंपी गई है। भाजपा इस साल से इन गांवों में अपनी जड़ें मजबूत करेगी। इसके अलावा नए साल के पहले महीने से पार्टी अंबाला, सोनीपत व पंचकूला में नगर निगम चुनावों की तैयारी शुरू कर देगी। प्रदेश अध्यक्ष पद पर नियुक्ति भी साल की शुरुआत में होनी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी मौजूदा अध्यक्ष को रिपीट करेगी या फिर किसी नए नेता को अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाएगी।
प्रदेश व जिला कार्यकारिणी का विस्तार करेगी कांग्रेस
कांग्रेस का इस साल संगठन पर पूरा फोकस रहने वाला है। पार्टी इस साल प्रदेश व जिला कार्यकारिणी का विस्तार करेगी हालांकि पार्टी के लिए यह चुनौती भी होगी कि प्रदेश कार्यकारिणी में सभी गुटों के बीच तालमेल कैसे बैठाया जाए। संगठन बनने के बाद पार्टी भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए सड़क पर भी उतरेगी। इसके लिए पार्टी ने प्लान भी तैयार कर लिया है। एसआईआर को लेकर भी कांग्रेस भाजपा व चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी तैयारी में जुटी है।
कांग्रेस में सेंध लगाने की कोशिश करेगी इनेलो
इनेलो ने अपने संगठन को मजबूत बनाने के लिए ग्राउंड पर काम करना शुरू कर दिया है। पार्टी का मुख्य जोर कांग्रेस में सेंध लगाकर जाट वोटों को अपनी ओर खींचने पर रहेगा। पार्टी प्रमुख अभय चौटाला ने रोहतक में अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने रोहतक में अपनी जड़े जमा लीं तो आगे का रास्ता उसके लिए आसान हो जाएगा। इसके साथ ही पार्टी एक धारणा बनाने की कोशिश में जुटी है कि इनेलो में पुराने लोग वापसी कर रहे हैं। इसके लिए इनेलो इस साल कई लोगों को पार्टीं में शामिल भी करवाएगी।
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आशीष वर्मा
चंडीगढ़। हरियाणा की राजनीति के लिहाज से साल 2026 काफी अहम साबित होने वाला है। अगला विधानसभा चुनाव भले ही
साढ़े तीन साल बाद हो मगर रणनीति नए साल से बनना शुरू हो जाएगी। सत्ताधारी दल भाजपा गांवों में अपनी जड़े मजबूत करेगी तो कांग्रेस इस साल प्रदेश व जिलास्तरीय संगठन का विस्तार करेगी। साल की शुरुआत में हरियाणा के कोटे की राज्य सभा की दो सीटों के लिए घमासान मचेगा। यदि कोई बड़ा उलटफेर नहीं हुआ तो दो में से एक सीट भाजपा व दूसरी सीट कांग्रेस के खाते में जाएगी। सात निकायों के चुनाव में भी राजनीतिक दलों का दमखम देखने को मिलेगा।
राज्यसभा की दो सीटों का कार्यकाल अप्रैल में पूरा हो रहा है। दोनों ही सीटों पर भाजपा कब्जा है। एक सीट पर किरण चौधरी और दूसरी सीट पर राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा है। बताया जा रहा है कि इन दोनों सीटों पर मार्च में ही चुनाव हो जाएंगे। चुनाव से पहले राज्यसभा जाने के लिए दोनों दलों के अंदर दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है। भाजपा में किरण चौधरी दोबारा से राज्यसभा जाने के लिए हाथ-पैर मार रही हैं तो वहीं लोकसभा व विधानसभा चुनाव में खाली हाथ रहे दूसरे भाजपा नेता भी दम दिखाएंगे। उधर कांग्रेस में भी उम्मीदवार तय करना आसान नहीं होगा। राज्यसभा जाने वाला नेता हुड्डा समर्थक होगा या फिर कोई विरोधी खेमे का। पुराने इतिहास को देखते हुए हाईकमान किसी बाहरी शख्स को हरियाणा से राज्यसभा भेजने के लिए सोच-समझकर ही दांव खेलेगी। कुल मिलाकर राजनीति में दिलचस्प उथल-पुथल साल के शुरुआती महीनों में देखने को मिल सकती है।
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गांवों में जड़े मजबूत करेगी भाजपा, अध्यक्ष पद पर होगी नियुक्ति
भाजपा ने साल 2029 की अभी से तैयारी शुरू कर दी है। जिन विधानसभा सीटों पर भाजपा हारी थी उनका एक सर्वे हो चुका है। जल्द ही दूसरा सर्वे भी होना है। उसके बाद पहले संगठन स्तर पर और फिर जमीन पर भाजपा काम करेगी। उसके अलावा उन गांवों पर काम किया जाएगा जहां भाजपा को वोट नहीं मिले हैं। उसकी भी रिपोर्ट मुख्यमंत्री व संगठन को सौंपी गई है। भाजपा इस साल से इन गांवों में अपनी जड़ें मजबूत करेगी। इसके अलावा नए साल के पहले महीने से पार्टी अंबाला, सोनीपत व पंचकूला में नगर निगम चुनावों की तैयारी शुरू कर देगी। प्रदेश अध्यक्ष पद पर नियुक्ति भी साल की शुरुआत में होनी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी मौजूदा अध्यक्ष को रिपीट करेगी या फिर किसी नए नेता को अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाएगी।
प्रदेश व जिला कार्यकारिणी का विस्तार करेगी कांग्रेस
कांग्रेस का इस साल संगठन पर पूरा फोकस रहने वाला है। पार्टी इस साल प्रदेश व जिला कार्यकारिणी का विस्तार करेगी हालांकि पार्टी के लिए यह चुनौती भी होगी कि प्रदेश कार्यकारिणी में सभी गुटों के बीच तालमेल कैसे बैठाया जाए। संगठन बनने के बाद पार्टी भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए सड़क पर भी उतरेगी। इसके लिए पार्टी ने प्लान भी तैयार कर लिया है। एसआईआर को लेकर भी कांग्रेस भाजपा व चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी तैयारी में जुटी है।
कांग्रेस में सेंध लगाने की कोशिश करेगी इनेलो
इनेलो ने अपने संगठन को मजबूत बनाने के लिए ग्राउंड पर काम करना शुरू कर दिया है। पार्टी का मुख्य जोर कांग्रेस में सेंध लगाकर जाट वोटों को अपनी ओर खींचने पर रहेगा। पार्टी प्रमुख अभय चौटाला ने रोहतक में अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने रोहतक में अपनी जड़े जमा लीं तो आगे का रास्ता उसके लिए आसान हो जाएगा। इसके साथ ही पार्टी एक धारणा बनाने की कोशिश में जुटी है कि इनेलो में पुराने लोग वापसी कर रहे हैं। इसके लिए इनेलो इस साल कई लोगों को पार्टीं में शामिल भी करवाएगी।