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यूजीसी के ड्राफ्ट नियम में बदलाव संघीय ढांचे पर हमला : राव नरेंद्र
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने केंद्र सरकार द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के ड्राफ्ट नियम 2025 में प्रस्तावित बदलावों की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इन बदलावों को देश के संघीय ढांचे पर सीधा हमला करार देते हुए कहा कि इससे राज्यों के सांविधानिक अधिकारों को गंभीर खतरा पैदा हो रहा है।
राव नरेंद्र ने यहां जारी बयान में कहा कि शिक्षा समवर्ती सूची का विषय होने के बावजूद केंद्र सरकार यूजीसी के माध्यम से विश्वविद्यालयों पर एकतरफा और केंद्रीकृत नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश कर रही है। नए ड्राफ्ट नियमों में राज्य सरकारों की भूमिका को काफी हद तक कमजोर किया गया है जिससे राज्यों की शैक्षणिक स्वायत्तता समाप्त होने की आशंका बढ़ गई है।
उन्होंने विशेष रूप से कुलपतियों की नियुक्ति की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित नियमों के तहत कुलपतियों की नियुक्ति, पाठ्यक्रम निर्माण और अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसलों में केंद्र का हस्तक्षेप बढ़ाया जा रहा है जबकि राज्यों को महज दर्शक की भूमिका में धकेलने की कोशिश की जा रही है।
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चंडीगढ़। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने केंद्र सरकार द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के ड्राफ्ट नियम 2025 में प्रस्तावित बदलावों की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इन बदलावों को देश के संघीय ढांचे पर सीधा हमला करार देते हुए कहा कि इससे राज्यों के सांविधानिक अधिकारों को गंभीर खतरा पैदा हो रहा है।
राव नरेंद्र ने यहां जारी बयान में कहा कि शिक्षा समवर्ती सूची का विषय होने के बावजूद केंद्र सरकार यूजीसी के माध्यम से विश्वविद्यालयों पर एकतरफा और केंद्रीकृत नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश कर रही है। नए ड्राफ्ट नियमों में राज्य सरकारों की भूमिका को काफी हद तक कमजोर किया गया है जिससे राज्यों की शैक्षणिक स्वायत्तता समाप्त होने की आशंका बढ़ गई है।
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उन्होंने विशेष रूप से कुलपतियों की नियुक्ति की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित नियमों के तहत कुलपतियों की नियुक्ति, पाठ्यक्रम निर्माण और अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसलों में केंद्र का हस्तक्षेप बढ़ाया जा रहा है जबकि राज्यों को महज दर्शक की भूमिका में धकेलने की कोशिश की जा रही है।