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Charkhi Dadri News: 172 सफाई कर्मचारी रहे हड़ताल पर, शहर की सफाई व्यवस्था चरमराई
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 02 May 2026 12:44 AM IST
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नगर परिषद कार्यालय के सामने हड़ताल पर बैठे कर्मचारी।
- फोटो : 1
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चरखी दादरी। मजदूर दिवस के मौके पर नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगों के लिए दो दिन की हड़ताल शुरू कर दी है। इसके चलते शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हुई है। शुक्रवार सुबह से ही 172 कर्मचारी काम छोड़कर धरने पर बैठ गए और पूरे दिन विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
कर्मचारियों की हड़ताल का असर शहर की सड़कों और बाजारों में साफ तौर पर देखने को मिला जहां जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने शुरू हो गए हैं। हालांकि कूड़े का उठान एजेंसी की ओर से की जाती है तो ऐसे में कूड़े का उठान हो गया लेकिन बाजार में कूड़ा बिखरा हुआ दिखाई दिया। शहर में प्रतिदिन 35 टन कचरे का निस्तारण किया जाता है लेकिन शहर में एजेंसी की ओर से उठान किया जाता है तो डाे-टू-डोर कूड़े का उठान हुआ है।
कर्मचारियों ने की हड़ताल
शहर में कुल 192 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं जिनमें से 172 कर्मचारियों ने हड़ताल में भाग लिया। इतने बड़े स्तर पर कर्मचारियों के काम छोड़ने से नगर परिषद की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। मुख्य बाजार, रिहायशी इलाकों और सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ा नहीं उठने से आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि कई स्थानों पर कूड़ा सड़कों पर फैलने लगा है और बदबू के कारण लोगों का वहां से गुजरना भी मुश्किल हो रहा है।
प्रदर्शन-अनशन कर चुके
कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों के लिए प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा। इससे पहले भी कर्मचारी कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं और दो दिन की भूख हड़ताल भी कर चुके हैं लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मजबूर होकर उन्हें फिर से हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है।
इन मांगों पर कर रहे हड़ताल
सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये निर्धारित करना और समान काम के लिए समान वेतन लागू करना शामिल है। इसके अलावा कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग भी कर रहे हैं। वहीं, अग्निशमन विभाग के कर्मी भवीचंद और रणवीर को शहीद का दर्जा देने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई जा रही है। शहर के क्षेत्रफल और बढ़ती आबादी के अनुसार सफाई कर्मचारियों की नई भर्ती की जाए ताकि काम का बोझ कम हो सके और सफाई व्यवस्था बेहतर बन सके।
वर्सन:
नगर परिषद प्रशासन की ओर से अभी तक कर्मचारियों की मांगों के लिए कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। ऐसे में यदि जल्द ही कोई निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। - सूरज, इकाई प्रधान, सफाई कर्मचारी संघ
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कर्मचारियों की हड़ताल का असर शहर की सड़कों और बाजारों में साफ तौर पर देखने को मिला जहां जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने शुरू हो गए हैं। हालांकि कूड़े का उठान एजेंसी की ओर से की जाती है तो ऐसे में कूड़े का उठान हो गया लेकिन बाजार में कूड़ा बिखरा हुआ दिखाई दिया। शहर में प्रतिदिन 35 टन कचरे का निस्तारण किया जाता है लेकिन शहर में एजेंसी की ओर से उठान किया जाता है तो डाे-टू-डोर कूड़े का उठान हुआ है।
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कर्मचारियों ने की हड़ताल
शहर में कुल 192 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं जिनमें से 172 कर्मचारियों ने हड़ताल में भाग लिया। इतने बड़े स्तर पर कर्मचारियों के काम छोड़ने से नगर परिषद की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। मुख्य बाजार, रिहायशी इलाकों और सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ा नहीं उठने से आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि कई स्थानों पर कूड़ा सड़कों पर फैलने लगा है और बदबू के कारण लोगों का वहां से गुजरना भी मुश्किल हो रहा है।
प्रदर्शन-अनशन कर चुके
कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों के लिए प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा। इससे पहले भी कर्मचारी कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं और दो दिन की भूख हड़ताल भी कर चुके हैं लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मजबूर होकर उन्हें फिर से हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है।
इन मांगों पर कर रहे हड़ताल
सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये निर्धारित करना और समान काम के लिए समान वेतन लागू करना शामिल है। इसके अलावा कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग भी कर रहे हैं। वहीं, अग्निशमन विभाग के कर्मी भवीचंद और रणवीर को शहीद का दर्जा देने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई जा रही है। शहर के क्षेत्रफल और बढ़ती आबादी के अनुसार सफाई कर्मचारियों की नई भर्ती की जाए ताकि काम का बोझ कम हो सके और सफाई व्यवस्था बेहतर बन सके।
वर्सन:
नगर परिषद प्रशासन की ओर से अभी तक कर्मचारियों की मांगों के लिए कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। ऐसे में यदि जल्द ही कोई निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। - सूरज, इकाई प्रधान, सफाई कर्मचारी संघ
