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Charkhi Dadri News: नारा लेखन प्रतियोगिता में दीक्षा रहीं प्रथम
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 15 Mar 2026 12:16 AM IST
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नशा मुक्ति को लेकर रैली निकालते हुए विद्यार्थी।
- फोटो : 1
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चरखी दादरी। जनता महाविद्यालय में शनिवार को राष्ट्रीय सेवा योजना इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रोशन लाल ने बताया कि शिविर में विभिन्न गतिविधियां करवाई गईं। कार्यक्रम में रामनिवास हड़ोदिया के नेतृत्व में नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत प्रदर्शनी लगाई गई। सभी स्वयंसेवकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर नशे से मुक्त होने का संकल्प लिया। नारा लेखन प्रतियोगिता में दीक्षा प्रथम रही। कार्यक्रम आयोजन के लिए प्राचार्या डॉ. समीना का मार्गदर्शन रहा।
इस अवसर पर रामनिवास ने स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि नशा मनुष्य के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक जीवन पर बहुत बुरा प्रभाव डालता है। इससे शरीर कमजोर हो जाता है और कई गंभीर बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। नशा करने से व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति कम हो जाती है और वह गलत निर्णय लेने लगता है। इससे परिवार में कलह, आर्थिक समस्याएं और सामाजिक बदनामी भी बढ़ती है। विशेष रूप से युवाओं के लिए नशा भविष्य को नष्ट कर सकता है इसलिए समाज को मिलकर नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गरिमा श्योराण एवं डॉ. प्रीति गुप्ता के नेतृत्व में नशा मुक्ति विषय पर नारा लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें दीक्षा, मीनू एवं दिव्या ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके बाद कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रोशन लाल, डॉ. प्रीति गुप्ता एवं डॉ. गरिमा श्योराण के मार्गदर्शन में नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। डॉ. सुरेंद्र सिंह ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जागरूकता रैली महाविद्यालय से शुरू होकर शहर के विभिन्न हिस्सों से होते हुए महाविद्यालय में संपन्न हुई। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर हिंदी विभाग अध्यक्ष डॉ. राजकुमार ने शिरकत की। विजेता प्रतिभागियों को पारितोषिक देते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक निरंतर जागरूकता के कार्यक्रम करते रहते हैं और उनका यह दायित्व बनता है कि समाज में नशे के खिलाफ अभियान चलाकर स्वयं में नेतृत्व की भावना विकसित करें। कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. हेमलता एवं स्वयंसेवक राहुल, अमन, यमन, मनीष, कुणाल, विशाल, मोहन, विक्की, गरिमा श्वेता, दिव्यांशी, उमंग आदि की विशेष भागीदारी रही।
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इस अवसर पर रामनिवास ने स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि नशा मनुष्य के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक जीवन पर बहुत बुरा प्रभाव डालता है। इससे शरीर कमजोर हो जाता है और कई गंभीर बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। नशा करने से व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति कम हो जाती है और वह गलत निर्णय लेने लगता है। इससे परिवार में कलह, आर्थिक समस्याएं और सामाजिक बदनामी भी बढ़ती है। विशेष रूप से युवाओं के लिए नशा भविष्य को नष्ट कर सकता है इसलिए समाज को मिलकर नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का प्रयास करना चाहिए।
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कार्यक्रम के दूसरे चरण में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गरिमा श्योराण एवं डॉ. प्रीति गुप्ता के नेतृत्व में नशा मुक्ति विषय पर नारा लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें दीक्षा, मीनू एवं दिव्या ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके बाद कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रोशन लाल, डॉ. प्रीति गुप्ता एवं डॉ. गरिमा श्योराण के मार्गदर्शन में नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। डॉ. सुरेंद्र सिंह ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जागरूकता रैली महाविद्यालय से शुरू होकर शहर के विभिन्न हिस्सों से होते हुए महाविद्यालय में संपन्न हुई। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर हिंदी विभाग अध्यक्ष डॉ. राजकुमार ने शिरकत की। विजेता प्रतिभागियों को पारितोषिक देते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक निरंतर जागरूकता के कार्यक्रम करते रहते हैं और उनका यह दायित्व बनता है कि समाज में नशे के खिलाफ अभियान चलाकर स्वयं में नेतृत्व की भावना विकसित करें। कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. हेमलता एवं स्वयंसेवक राहुल, अमन, यमन, मनीष, कुणाल, विशाल, मोहन, विक्की, गरिमा श्वेता, दिव्यांशी, उमंग आदि की विशेष भागीदारी रही।