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Charkhi Dadri News: बारिश में जर्जर मकान बने मौत का साया, हादसे का बढ़ा खतरा
Mon, 03 Aug 2026 12:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 03 Aug 2026 12:29 AM IST
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छोटी बाजारी स्थित गली में बनी जर्जर मकान की दीवार।
- फोटो : 1
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चरखी दादरी। शहर की प्रमुख कॉलोनियों और मुख्य बाजार में स्थित कई पुराने व जर्जर मकान इन दिनों आमजन के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। लगातार हो रही मानसून की बारिश के कारण इन भवनों की दीवारें और छतें कमजोर होती जा रही हैं। ऐसे में किसी भी समय मकान का हिस्सा भरभराकर गिर सकता है।
इससे बड़ा जान-माल का नुकसान होने की आशंका बनी हुई है। इसके बावजूद नगर परिषद की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
शहर के मुख्य बाजार, छोटी बाजारी , रेलवे रोड, हीरा चौक स्थित श्याम सर तालाब, सिंघान मोहल्ला सहित कई क्षेत्रों में दशकों पुराने भवन मौजूद हैं। इनमें से अनेक मकानों में लंबे समय से कोई नहीं रहता। भवनों की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आ चुकी हैं प्लास्टर लगातार झड़ रहा है और कई स्थानों पर छज्जों के हिस्से भी टूटकर नीचे गिर चुके हैं। इससे राहगीरों और दुकानदारों की सुरक्षा पर लगातार खतरा मंडरा रहा है।
भवनों से गिर रहा मलबा
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान इन भवनों की स्थिति और अधिक खराब हो जाती है। कई बार तेज बारिश के बाद ईंटें और मलबा सड़क पर गिर चुका है। संकरी गलियों और भीड़-भाड़ वाले बाजार में दिनभर हजारों लोगों की आवाजाही रहती है। यदि किसी व्यस्त समय में कोई भवन ढह गया तो बड़ा हादसा हो सकता है।
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दुर्घटना से पहले उठाए कदम
व्यापारियों का कहना है कि कई बार नगर परिषद और प्रशासन को जर्जर भवनों के संबंध में अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक केवल औपचारिक निरीक्षण ही हुए हैं। भवन मालिकों को नोटिस देने या खतरनाक भवनों को सुरक्षित कराने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। लोगों का कहना है कि प्रशासन किसी दुर्घटना के बाद जागने के बजाय पहले ही आवश्यक कदम उठाए।
भवनों की हो मरम्मत
शहरवासियों ने मांग की है कि नगर परिषद और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से ऐसे भवनों का सर्वे कराएं जो पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। जिन भवनों से आमजन की सुरक्षा को खतरा है, उन्हें तत्काल खाली करवाकर आवश्यकतानुसार गिराने या मरम्मत कराने के निर्देश दिए जाएं। साथ ही खतरनाक भवनों के आसपास चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को संभावित खतरे से बचाया जा सके।
बारिश से हो सकता है हादसा
मानसून का मौसम अभी जारी है और मौसम विभाग की ओर से आगे भी बारिश की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में जर्जर भवनों की अनदेखी कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। शहरवासियों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने प्रभावी कदम नहीं उठाए तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागों पर आएगी।
वर्सन:
शहर में बने सभी पुराने व जर्जर भवनों के मालिकों को नोटिस जारी करने के लिए नगर परिषद भवन निरीक्षक को कहा जाएगा। ताकि भवन मालिक तुरंत प्रभाव से इनको गिराने या मरम्मत करवाने का काम कर सके।- बख्शी सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद।
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इससे बड़ा जान-माल का नुकसान होने की आशंका बनी हुई है। इसके बावजूद नगर परिषद की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
शहर के मुख्य बाजार, छोटी बाजारी , रेलवे रोड, हीरा चौक स्थित श्याम सर तालाब, सिंघान मोहल्ला सहित कई क्षेत्रों में दशकों पुराने भवन मौजूद हैं। इनमें से अनेक मकानों में लंबे समय से कोई नहीं रहता। भवनों की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आ चुकी हैं प्लास्टर लगातार झड़ रहा है और कई स्थानों पर छज्जों के हिस्से भी टूटकर नीचे गिर चुके हैं। इससे राहगीरों और दुकानदारों की सुरक्षा पर लगातार खतरा मंडरा रहा है।
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भवनों से गिर रहा मलबा
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान इन भवनों की स्थिति और अधिक खराब हो जाती है। कई बार तेज बारिश के बाद ईंटें और मलबा सड़क पर गिर चुका है। संकरी गलियों और भीड़-भाड़ वाले बाजार में दिनभर हजारों लोगों की आवाजाही रहती है। यदि किसी व्यस्त समय में कोई भवन ढह गया तो बड़ा हादसा हो सकता है।
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दुर्घटना से पहले उठाए कदम
व्यापारियों का कहना है कि कई बार नगर परिषद और प्रशासन को जर्जर भवनों के संबंध में अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक केवल औपचारिक निरीक्षण ही हुए हैं। भवन मालिकों को नोटिस देने या खतरनाक भवनों को सुरक्षित कराने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। लोगों का कहना है कि प्रशासन किसी दुर्घटना के बाद जागने के बजाय पहले ही आवश्यक कदम उठाए।
भवनों की हो मरम्मत
शहरवासियों ने मांग की है कि नगर परिषद और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से ऐसे भवनों का सर्वे कराएं जो पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। जिन भवनों से आमजन की सुरक्षा को खतरा है, उन्हें तत्काल खाली करवाकर आवश्यकतानुसार गिराने या मरम्मत कराने के निर्देश दिए जाएं। साथ ही खतरनाक भवनों के आसपास चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को संभावित खतरे से बचाया जा सके।
बारिश से हो सकता है हादसा
मानसून का मौसम अभी जारी है और मौसम विभाग की ओर से आगे भी बारिश की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में जर्जर भवनों की अनदेखी कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। शहरवासियों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने प्रभावी कदम नहीं उठाए तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागों पर आएगी।
वर्सन:
शहर में बने सभी पुराने व जर्जर भवनों के मालिकों को नोटिस जारी करने के लिए नगर परिषद भवन निरीक्षक को कहा जाएगा। ताकि भवन मालिक तुरंत प्रभाव से इनको गिराने या मरम्मत करवाने का काम कर सके।- बख्शी सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद।