{"_id":"69ee582375660a56f805d6d6","slug":"during-the-heatwave-the-thirst-will-be-quenched-by-the-flow-of-canals-the-district-received-650-cusecs-of-canal-water-and-the-department-is-engaged-in-filling-water-tanks-and-ponds-charkhi-dadri-news-c-126-cdr1009-154412-2026-04-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: तपिश के दौर में नहरों की धार से बुझेगी प्यास, जिले को मिला 650 क्यूसेक नहरी पानी, जलघर और तालाब भरने में जुटा विभाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: तपिश के दौर में नहरों की धार से बुझेगी प्यास, जिले को मिला 650 क्यूसेक नहरी पानी, जलघर और तालाब भरने में जुटा विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 26 Apr 2026 11:53 PM IST
विज्ञापन
नहर में आया पानी।
- फोटो : 1
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चरखी दादरी। गर्मी को देखते हुए जिले की नहरों में इस बार 650 क्यूसेक नहरी पानी पहुंचा है। सिंचाई विभाग ने जलघर और तालाब भरवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि पेयजल आपूर्ति प्रभावित न हो और आने वाले दिनों में बढ़ने वाली पानी की मांग को पूरा किया जा सके।
जिलेभर में 60 से अधिक जलघर और करीब 70 तालाबों में नहरी पानी डाला जाना है। पानी की बर्बादी रोकने के लिए विभाग के अधिकारी लगातार नहरों का निरीक्षण कर रहे हैं। इस बार पानी की कम खपत को देखते हुए विभाग ने 200 क्यूसेक कम पानी मंगवाया है।
अधिकारियों के अनुसार इस समय अधिकांश जलघर खाली हैं। फसल कटाई पूरी होने के कारण सिंचाई के लिए नहरी पानी की आवश्यकता भी कम है जिससे पानी की चोरी की आशंका भी घट गई है। जनवरी माह की पिछली बारी में नहरी पानी चोरी के करीब 500 मामले पकड़े गए थे।
नहरों में पानी पहुंचते ही बेलदार, जेई और एसडीओ स्तर के कर्मचारी साइट पर निगरानी में जुट गए हैं। कई बार तेज बहाव के कारण नहर टूटने का खतरा भी बना रहता है इसलिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
जिले के 168 गांवों में जलघरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जाती है और ये सभी जलघर नहरों से ही भरे जाते हैं। शहर के अलावा घसोला, मंदोला, कलियाणा, जावा, चांगरोड, दातोली, ढाणी फोगाट, चिड़िया, पांडवान, पालड़ी, मिसरी, बौंद कलां, अचीना, रानीला, इमलोटा, चरखी, पैंतावास, झोझू कलां, घिकाड़ा, सांवड़ और सांजरवास सहित कई गांवों में नहरी पानी से जलापूर्ति होती है।
विभाग ने जिले के लिए 600 क्यूसेक पानी का इंडेंट भेजा था जबकि इस बार 650 क्यूसेक पानी उपलब्ध हुआ है। वर्तमान में बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी और लोहारू कैनाल में पानी छोड़ा गया है। जिले की प्रमुख नहरों में बधवाना, मैहड़ा, बौंद कलां डिस्ट्रीब्यूटरी और लोहारू कैनाल शामिल हैं। जिले भर में 70 से ज्यादा जोहड़ विभिन्न नहरों से जुड़े हैं। जिले की नहरी पानी की बारी 24 दिन में आती है। पिछली बारी में पर्याप्त मात्रा में पानी मिला था। अधिकारियों का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ पानी की खपत भी बढ़ेगी इसलिए सभी जलघर और जोहड़ों को समय रहते भरना जरूरी है ताकि लोगों को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।
-- -
इस बार पर्याप्त मात्रा में पानी मंगवाया गया है। जलघरों को प्राथमिकता से भरा जाएगा। 16 दिन के लिए पानी मिला है तब तक सभी जलघर भर दिए जाएंगे। नहरी पानी की कमी नहीं रहने दी जाएगी। - सतेंद्र कुमार, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग, दादरी।
Trending Videos
जिलेभर में 60 से अधिक जलघर और करीब 70 तालाबों में नहरी पानी डाला जाना है। पानी की बर्बादी रोकने के लिए विभाग के अधिकारी लगातार नहरों का निरीक्षण कर रहे हैं। इस बार पानी की कम खपत को देखते हुए विभाग ने 200 क्यूसेक कम पानी मंगवाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अधिकारियों के अनुसार इस समय अधिकांश जलघर खाली हैं। फसल कटाई पूरी होने के कारण सिंचाई के लिए नहरी पानी की आवश्यकता भी कम है जिससे पानी की चोरी की आशंका भी घट गई है। जनवरी माह की पिछली बारी में नहरी पानी चोरी के करीब 500 मामले पकड़े गए थे।
नहरों में पानी पहुंचते ही बेलदार, जेई और एसडीओ स्तर के कर्मचारी साइट पर निगरानी में जुट गए हैं। कई बार तेज बहाव के कारण नहर टूटने का खतरा भी बना रहता है इसलिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
जिले के 168 गांवों में जलघरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जाती है और ये सभी जलघर नहरों से ही भरे जाते हैं। शहर के अलावा घसोला, मंदोला, कलियाणा, जावा, चांगरोड, दातोली, ढाणी फोगाट, चिड़िया, पांडवान, पालड़ी, मिसरी, बौंद कलां, अचीना, रानीला, इमलोटा, चरखी, पैंतावास, झोझू कलां, घिकाड़ा, सांवड़ और सांजरवास सहित कई गांवों में नहरी पानी से जलापूर्ति होती है।
विभाग ने जिले के लिए 600 क्यूसेक पानी का इंडेंट भेजा था जबकि इस बार 650 क्यूसेक पानी उपलब्ध हुआ है। वर्तमान में बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी और लोहारू कैनाल में पानी छोड़ा गया है। जिले की प्रमुख नहरों में बधवाना, मैहड़ा, बौंद कलां डिस्ट्रीब्यूटरी और लोहारू कैनाल शामिल हैं। जिले भर में 70 से ज्यादा जोहड़ विभिन्न नहरों से जुड़े हैं। जिले की नहरी पानी की बारी 24 दिन में आती है। पिछली बारी में पर्याप्त मात्रा में पानी मिला था। अधिकारियों का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ पानी की खपत भी बढ़ेगी इसलिए सभी जलघर और जोहड़ों को समय रहते भरना जरूरी है ताकि लोगों को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।
इस बार पर्याप्त मात्रा में पानी मंगवाया गया है। जलघरों को प्राथमिकता से भरा जाएगा। 16 दिन के लिए पानी मिला है तब तक सभी जलघर भर दिए जाएंगे। नहरी पानी की कमी नहीं रहने दी जाएगी। - सतेंद्र कुमार, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग, दादरी।

कमेंट
कमेंट X