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Charkhi Dadri News: हरियाणा गो सेवा आयोग के चेयरमैन गर्ग बोले- जिले को बेसहारा गोवंश मुक्त बनाने के लिए प्रशासन व गोशाला संचालकों को मिलकर करने होंगे प्रयास

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 09 Jan 2026 11:22 PM IST
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Haryana Cow Service Commission Chairman Garg said - Administration and gaushala operators will have to work together to make the district free of homeless cattle.
गांव घिकाड़ा में गोशाला के दौरे के दौरान लोगों से बात करते चेयरमैन श्रवण कुमार गर्ग। विज्ञप्ति - फोटो : 1
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चरखी दादरी। हरियाणा गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्रवण कुमार गर्ग ने कहा कि हरियाणा देश का पहला बेसहारा गोवंश मुक्त राज्य बने, इसको लेकर प्रदेश सरकार व गो सेवा आयोग कार्य कर रहा है। हरियाणा को बेसहारा गोवंश मुक्त बनाने के लिए सभी गोशालाओं के संचालकों, विभागों के अधिकारियों सहित आमजन को भी आगे आना होगा।
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उन्होंने कहा कि जिले को जल्द से जल्द बेसहारा गोवंश मुक्त बनाने के लिए प्रशासन व गोशाला संचालकों को मिलकर कार्य करना होगा। हरियाणा गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्रवण कुमार गर्ग ने शुक्रवार को जिला सचिवालय स्थित सभागार में अधिकारियों व गोशाला संचालकों के साथ बैठक की। उन्होंने गांव घिकाड़ा की गोशाला का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।
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गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्रवण कुमार गर्ग ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश की गोशालाओं में गो संरक्षण के साथ-साथ गोसंवर्धन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। आयोग की ओर से समय-समय पर गोशालाओं को अनुदान दिया जा रहा है। यह अनुदान प्रत्येक गोवंश के अनुसार दिया जाता है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार की और से पंजीकृत गोशाला का बिजली बिल बहुत कम तय किया है। इसके अलावा गोशालाओं में सोलर प्लांट लगवाने पर 90 प्रतिशत तक सब्सिडी सरकार की ओर से दी जा रही है। वहीं गोशाला के लिए जमीन की रजिस्ट्री व सीएलयू भी निशुल्क करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा एक हजार से ऊपर गोवंशों के लिए दो ई-रिक्शा व एक हजार से कम गोवंशों पर एक ई-रिक्शा उपलब्ध करवाई जा रही है।

बैठक में उपायुक्त डाॅ. मुनीश नागपाल ने कहा कि गोशालाओं को सरकारी अनुदान या आम लोगों से मिलने वाले दान के सहारे नहीं रहना चाहिए। गोशालाओं में नवाचार के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है। गोशालाओं में नस्ल सुधार पर काम करना बेहद जरूरी है।

उन्होंने अधिकारियों व गोशाला संचालकों को मिलकर जिले को जल्द से जल्द बेसहारा मुक्त बनाने के लिए कार्य करने के निर्देश दिए। इसको लेकर नई गोशालाओं के लिए नगर परिषद या ग्राम पंचायत जमीन उपलब्ध करवाए, ताकि जिले में गोशालाओं की संख्या बढ़ाई जा सके। उन्होंने जिले में बिना पंजीकरण के चलाई जा रही गोशालाओं को भी पंजीकरण करवाने का आह्वान किया।

इस दौरान पशुपालन विभाग के उप निदेशक डाॅ. जसवंत जून व अन्य अधिकारी, गोशालाओं के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
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