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Charkhi Dadri News: 22 हजार ग्रामीणों को मिलेगा खारे पानी से छुटकारा
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 13 Apr 2026 01:39 AM IST
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गांव रावलधी के समीप से गुजरती लोहारू कैनाल।
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चरखी दादरी। दादरी हलके के छह गांवों में पिछले लंबे समय से पेयजल किल्लत और खारे पानी की मार झेल रहे ग्रामीणों की समस्या का अब स्थायी समाधान होगा। जन स्वास्थ्य विभाग ने छह गांव कासनी, सौंफ, लांबा, कोहलावास, मिसरी और सांवड़ में नहर आधारित स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 46.94 करोड़ रुपये की परियोजना की निविदा आवंटित करते हुए एजेंसी को कार्य आदेश जारी कर दिए हैं।
एक रोज पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस परियोजना का शिलान्यास किया है। इस परियोजना के धरातल पर उतरने से इन छह गांवों के करीब 22 हजार ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा। गौरतलब है कि इन गांवों में पिछले लगभग एक दशक से पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है।
पुराने जलघरों के टैंक ईंटों से बने थे, जिनमें जमीन का खारा पानी (चवा) रिसकर जमा हो जाता था। इसके चलते नहरी पानी आने के बावजूद वह पीने योग्य नहीं रहता था। ग्रामीणों को विवश होकर पीने के लिए पानी के कैंपर खरीदने पड़ते हैं और घरेलू कार्यों के लिए महंगे टैंकर मंगवाने पड़ते हैं।
इस समस्या ने ग्रामीणों को न केवल आर्थिक रूप से प्रभावित किया, बल्कि उन्हें मानसिक पीड़ा भी झेलनी पड़ी। स्थानीय लोग लंबे समय से अधिकारियों के चक्कर काट रहे थे, परंतु विधायक सुनील सांगवान के हस्तक्षेप के बाद इस परियोजना को रफ्तार मिली है। विधायक ने ग्रामीणों की मांग पर सीधे संबंधित मंत्री से मुलाकात कर बजट का प्रावधान करवाया जिसके बाद विभाग ने इस पूरी योजना की विस्तृत रूपरेखा तैयार की।
लोहारू कैनाल पर बनेगा पंपिंग सेट
जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार की गई योजना के अनुसार गांव रावलधी के समीप से गुजरने वाली लोहारू कैनाल पर पंपिंग सेट का निर्माण किया जाएगा। यहां से 450 एमएम की मुख्य पाइपलाइन के जरिए संबंधित गांवों के जलघरों तक नहरी पानी पहुंचाया जाएगा। लोहारू कैनाल से जलघरों तक पानी लाने के लिए 14 किलोमीटर लंबी नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसके अलावा, गांवों के अंदर घरों तक जलापूर्ति करने के लिए विभाग 30 किलोमीटर लंबी नई वितरण पाइपलाइन का जाल बिछाएगा। योजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा पुराने और जर्जर हो चुके ईंटों के टैंकों को बदलना है। विभाग इन पुराने टैंकों को तोड़कर उनके स्थान पर सात नए आरसीसी टैंकों का निर्माण करेगा ताकि जमीन के खारे पानी का रिसाव रोका जा सके और शुद्धता बनी रहे।
सांवड़ में बनेंगे दो आरसीसी टैंक व वाटर ट्रीटमेंट प्लांट
गांव सांवड़ में आबादी के दबाव को देखते हुए विशेष प्रबंध किए गए हैं। यहां दो अलग-अलग जलघरों के लिए दो आरसीसी टैंक बनाए जाएंगे और एक एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) क्षमता वाला वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही अन्य गांवों के खराब हो चुके फिल्टर टैंकों का भी नवीनीकरण किया जाना है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब आगामी एक माह में निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस पूरी परियोजना को अगले एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है जिससे ग्रामीणों को दशकों पुरानी समस्या से मुक्ति मिल सकेगी।
जनस्वास्थ्य विभाग ने योजना संबंधी निविदाएं आवंटित कर कार्य आदेश जारी कर दिए गए हैं। एक महीने की अवधि में कार्य शुरू होने की उम्मीद है। उम्मीद है कि अगले साल तक काम को पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों को पेयजल संबंधी समस्या का स्थाई समाधान हो सकेगा।
-दीपक यादव, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग, दादरी।
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एक रोज पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस परियोजना का शिलान्यास किया है। इस परियोजना के धरातल पर उतरने से इन छह गांवों के करीब 22 हजार ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा। गौरतलब है कि इन गांवों में पिछले लगभग एक दशक से पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है।
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पुराने जलघरों के टैंक ईंटों से बने थे, जिनमें जमीन का खारा पानी (चवा) रिसकर जमा हो जाता था। इसके चलते नहरी पानी आने के बावजूद वह पीने योग्य नहीं रहता था। ग्रामीणों को विवश होकर पीने के लिए पानी के कैंपर खरीदने पड़ते हैं और घरेलू कार्यों के लिए महंगे टैंकर मंगवाने पड़ते हैं।
इस समस्या ने ग्रामीणों को न केवल आर्थिक रूप से प्रभावित किया, बल्कि उन्हें मानसिक पीड़ा भी झेलनी पड़ी। स्थानीय लोग लंबे समय से अधिकारियों के चक्कर काट रहे थे, परंतु विधायक सुनील सांगवान के हस्तक्षेप के बाद इस परियोजना को रफ्तार मिली है। विधायक ने ग्रामीणों की मांग पर सीधे संबंधित मंत्री से मुलाकात कर बजट का प्रावधान करवाया जिसके बाद विभाग ने इस पूरी योजना की विस्तृत रूपरेखा तैयार की।
लोहारू कैनाल पर बनेगा पंपिंग सेट
जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार की गई योजना के अनुसार गांव रावलधी के समीप से गुजरने वाली लोहारू कैनाल पर पंपिंग सेट का निर्माण किया जाएगा। यहां से 450 एमएम की मुख्य पाइपलाइन के जरिए संबंधित गांवों के जलघरों तक नहरी पानी पहुंचाया जाएगा। लोहारू कैनाल से जलघरों तक पानी लाने के लिए 14 किलोमीटर लंबी नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसके अलावा, गांवों के अंदर घरों तक जलापूर्ति करने के लिए विभाग 30 किलोमीटर लंबी नई वितरण पाइपलाइन का जाल बिछाएगा। योजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा पुराने और जर्जर हो चुके ईंटों के टैंकों को बदलना है। विभाग इन पुराने टैंकों को तोड़कर उनके स्थान पर सात नए आरसीसी टैंकों का निर्माण करेगा ताकि जमीन के खारे पानी का रिसाव रोका जा सके और शुद्धता बनी रहे।
सांवड़ में बनेंगे दो आरसीसी टैंक व वाटर ट्रीटमेंट प्लांट
गांव सांवड़ में आबादी के दबाव को देखते हुए विशेष प्रबंध किए गए हैं। यहां दो अलग-अलग जलघरों के लिए दो आरसीसी टैंक बनाए जाएंगे और एक एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) क्षमता वाला वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही अन्य गांवों के खराब हो चुके फिल्टर टैंकों का भी नवीनीकरण किया जाना है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब आगामी एक माह में निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस पूरी परियोजना को अगले एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है जिससे ग्रामीणों को दशकों पुरानी समस्या से मुक्ति मिल सकेगी।
जनस्वास्थ्य विभाग ने योजना संबंधी निविदाएं आवंटित कर कार्य आदेश जारी कर दिए गए हैं। एक महीने की अवधि में कार्य शुरू होने की उम्मीद है। उम्मीद है कि अगले साल तक काम को पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों को पेयजल संबंधी समस्या का स्थाई समाधान हो सकेगा।
-दीपक यादव, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग, दादरी।