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Charkhi Dadri News: हड़ताल में मिड-डे-मील वर्कर्स भी होंगी शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 04 Feb 2026 01:32 AM IST
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चरखी दादरी। केंद्रीय श्रमिक संगठनों के आह्वान पर 12 फरवरी को श्रमिक, कर्मचारी और किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ देशव्यापी हड़ताल का आयोजन किया जाएगा। मिड-डे-मील कार्यकर्ता यूनियन हरियाणा संबंधित एआईयूटीयूसी की जिला सचिव बिमला ने बताया कि हड़ताल का केंद्र बिंदू सरकार की ओर से लाए गए चार लेबर कोड्स का विरोध है।
चरखी दादरी में इस आंदोलन के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। हड़ताल में मिड-डे-मील कार्यकर्ता भी अपनी आवाज बुलंद करेंगे। जिला सचिव बिमला ने कहा कि सरकार मिड-डे- मिल कर्मियों को श्रमिक का दर्जा देने से कतरा रही है।
उनकी मांग है कि कार्यकर्ताओं को न केवल श्रमिक माना जाए, बल्कि 28 हजार न्यूनतम वेतन भी दिया जाए। यूनियन की राज्य महासचिव कुसुम पांचाल ने कहा कि चार नए लेबर कोड लागू करना श्रमिकों के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा प्रहार है। उन्होंने इन कोड्स के दुष्प्रभावों को रेखांकित करते हुए कहा कि इसके तहत 8 घंटे की शिफ्ट को बढ़ाकर 12 घंटे करने का प्रावधान है।
स्थायी काम को ठेका प्रथा या शॉर्ट टर्म अपॉइंटमेंट में तब्दील किया जाएगा। महिलाओं को रात्रि पाली में काम पर बुलाने की अनुमति दी गई है।
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चरखी दादरी में इस आंदोलन के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। हड़ताल में मिड-डे-मील कार्यकर्ता भी अपनी आवाज बुलंद करेंगे। जिला सचिव बिमला ने कहा कि सरकार मिड-डे- मिल कर्मियों को श्रमिक का दर्जा देने से कतरा रही है।
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उनकी मांग है कि कार्यकर्ताओं को न केवल श्रमिक माना जाए, बल्कि 28 हजार न्यूनतम वेतन भी दिया जाए। यूनियन की राज्य महासचिव कुसुम पांचाल ने कहा कि चार नए लेबर कोड लागू करना श्रमिकों के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा प्रहार है। उन्होंने इन कोड्स के दुष्प्रभावों को रेखांकित करते हुए कहा कि इसके तहत 8 घंटे की शिफ्ट को बढ़ाकर 12 घंटे करने का प्रावधान है।
स्थायी काम को ठेका प्रथा या शॉर्ट टर्म अपॉइंटमेंट में तब्दील किया जाएगा। महिलाओं को रात्रि पाली में काम पर बुलाने की अनुमति दी गई है।
